महिला आरक्षण और मुफ्त कोचिंग पर PM मोदी की घोषणाओं का वडोदरा में जोरदार स्वागत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के वडोदरा में महिलाओं, छात्रों और अधिवक्ताओं ने 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई दो प्रमुख घोषणाओं का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इनमें 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के तहत महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण जल्द लागू करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की घोषणा शामिल हैं।
महिला आरक्षण पर प्रधानमंत्री की अपील
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं को विधायी संस्थाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने में मिलकर काम करें। उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की अधिक उपस्थिति से उन्हें देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में निर्णायक भूमिका मिलेगी।
गौरतलब है कि संसद ने वर्ष 2023 में यह कानून पारित किया था, परंतु इसका क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद किया जाना है। प्रधानमंत्री की ताज़ा अपील के बाद यह मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में आ गया है।
वडोदरा की महिलाओं और अधिवक्ताओं की प्रतिक्रिया
वडोदरा नगर निगम की स्थायी समिति की अध्यक्ष वर्षा व्यास ने इस मुद्दे को लाल किले से उठाने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "1857 की क्रांति से लेकर रानी लक्ष्मीबाई तक का इतिहास देखें तो महिलाओं ने देश के विकास, स्वतंत्रता और समाज के लिए हमेशा मजबूती से योगदान दिया है। परिवार और समुदाय को जब भी सहयोग की जरूरत हुई, महिलाओं ने अपनी भूमिका निभाई है।"
अधिवक्ता कोमल कुकरेजा ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब सभी राजनीतिक दलों को महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने में सक्रिय समर्थन देना चाहिए। उन्होंने जोड़ा, "पंचायत से संसद तक महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयासों में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।"
अधिवक्ता शीतल उपाध्याय ने भी सभी दलों से राजनीतिक मतभेद भुलाकर इस कानून को समर्थन देने की अपील की। उनके अनुसार, "स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से यह संदेश दर्शाता है कि प्रधानमंत्री महिलाओं को किस हद तक प्राथमिकता दे रहे हैं।"
मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और युवाओं के लिए घोषणाएँ
प्रधानमंत्री मोदी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कोचिंग का खर्च गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ बन चुका है। डिजिटल माध्यम से छात्र बिना महंगी कोचिंग संस्थाओं और बड़े शहरों में स्थानांतरित हुए अपनी परीक्षा की तैयारी कर सकेंगे।
अधिवक्ता शलव मजमुदार ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा, "यह उन छात्रों के लिए बहुत लाभकारी होगी, जिन्हें अच्छी कोचिंग सुविधाएं नहीं मिल पातीं। हर छात्र उच्च शिक्षा प्राप्त करना, ज्ञान हासिल करना और सही मार्गदर्शन पाना चाहता है।"
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ने 1 करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रशिक्षण देने की योजना की भी घोषणा की, जिससे युवाओं के लिए नए रोज़गार अवसरों का विस्तार होगा।
आगे क्या होगा
महिला आरक्षण का वास्तविक क्रियान्वयन जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया पर निर्भर है, जिसकी समयसीमा अभी तय नहीं है। मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग और AI प्रशिक्षण योजनाओं के क्रियान्वयन का विस्तृत खाका आने वाले हफ्तों में अपेक्षित है। यह ऐसे समय में आया है जब युवा बेरोज़गारी और कोचिंग की बढ़ती लागत देश में बड़े नीतिगत मुद्दे बने हुए हैं।