15 अगस्त 2026
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महिला आरक्षण विधेयक पर वडोदरा की महिलाओं ने कहा — PM मोदी ने संसद में 33% हक की बात की

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महिला आरक्षण विधेयक पर वडोदरा की महिलाओं ने कहा — PM मोदी ने संसद में 33% हक की बात की

सारांश

लाल किले की प्राचीर से PM मोदी ने सभी दलों से महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में 33% प्रतिनिधित्व देने की अपील की। वडोदरा की महिलाओं — अधिवक्ता, नागरिक और नगर निगम नेतृत्व — ने इसे अपने राजनीतिक हक की आवाज़ बताया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण विधेयक लागू करने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने विधानसभाओं और लोकसभा में महिलाओं को 33% प्रतिनिधित्व देने की माँग रखी।
अधिवक्ता शीतल उपाध्याय और कोमल कुकरेजा ने सभी दलों से मतभेद भुलाकर विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।
वडोदरा नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी अध्यक्ष वर्षा व्यास ने कहा कि 2027 में आजादी के 100 वर्ष पर महिलाएं नेतृत्व में मजबूती से खड़ी होंगी।
महिला आरक्षण विधेयक वर्षों से राजनीतिक सहमति की प्रतीक्षा में है; लागू होने पर यह भारत की विधायी संरचना में ऐतिहासिक बदलाव होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से महिला आरक्षण के मुद्दे पर सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की, जिसे वडोदरा की महिलाओं ने व्यापक समर्थन दिया। महिलाओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उनके राजनीतिक अधिकारों और विधायी भागीदारी की बात सीधे राष्ट्र के सामने रखी।

मुख्य घटनाक्रम

लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'मैं देश के सभी राजनीतिक दलों से तिरंगे झंडे के साये में खड़े होकर प्रार्थना कर रहा हूं — आइए, उन महिलाओं के सामर्थ्य के पुजारी बनिए, उनके सम्मान में आगे आइए और जल्द से जल्द हमारी माताओं और बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिले, ताकि वे भारत की नीति गढ़कर अपना योगदान दें। यह समय की मांग है।'

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सभी दल इस कदम का श्रेय ले सकते हैं, लेकिन माताओं और बहनों को उनका हक अवश्य मिलना चाहिए। यह बयान स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय मंच से महिला आरक्षण को सीधे केंद्र में लाने का प्रयास माना जा रहा है।

वडोदरा की महिलाओं की प्रतिक्रिया

अधिवक्ता शीतल उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री की यह अपील महिलाओं को देश के नेतृत्व में भागीदार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने मतभेद एक तरफ रखकर इस विधेयक का समर्थन करें।

कोमल कुकरेजा ने कहा कि सभी दलों को इस पहल के साथ आना चाहिए और महिला आरक्षण का विरोध नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे महिलाओं की राजनीतिक शक्ति को संस्थागत रूप देने का अवसर बताया।

नगर निगम नेतृत्व का समर्थन

वडोदरा नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी की अध्यक्ष वर्षा व्यास ने प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि जब-जब देश को महिलाओं की जरूरत पड़ी है, महिलाओं ने आगे बढ़कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परंपरा आज भी जारी है।

व्यास ने कहा कि 2027 में आजादी के 100 वर्ष पूरे होने पर एक विकसित भारत की कल्पना की जा रही है, और उस भारत में महिलाएं नेतृत्व में मजबूती से खड़ी होंगी। उन्होंने सभी दलों से विधेयक का समर्थन करने की अपील की।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक वर्षों से राजनीतिक सहमति की प्रतीक्षा में है। यदि यह विधेयक लागू होता है, तो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी — जो भारत की विधायी संरचना में ऐतिहासिक बदलाव होगा। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों के बराबर या अधिक दर्ज हो रही है।

क्या होगा आगे

प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब सवाल यह है कि विपक्षी दल और सहयोगी पार्टियाँ संसद में इस विधेयक को लेकर किस रुख पर आती हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लाल किले से की गई यह सार्वजनिक अपील विधेयक पर संसदीय दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन संसदीय अंकगणित और दलीय राजनीति अभी भी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महिला आरक्षण विधेयक क्या है और इसमें क्या प्रावधान है?
महिला आरक्षण विधेयक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रस्ताव है। PM मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से सभी दलों से इसे जल्द लागू करने की अपील की।
PM मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर महिला आरक्षण पर क्या कहा?
PM मोदी ने कहा कि वे सभी राजनीतिक दलों से प्रार्थना कर रहे हैं कि माताओं और बहनों को विधानसभाओं और लोकसभा में 33% प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने दलों से राजनीतिक श्रेय लेने की भी छूट दी, लेकिन विधेयक पास करने का आग्रह किया।
वडोदरा की महिलाओं ने मोदी के बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
वडोदरा की अधिवक्ता शीतल उपाध्याय, कोमल कुकरेजा और नगर निगम स्टैंडिंग कमेटी अध्यक्ष वर्षा व्यास ने प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत किया। सभी ने राजनीतिक दलों से मतभेद भुलाकर विधेयक का समर्थन करने की माँग की।
महिला आरक्षण विधेयक अब तक क्यों लागू नहीं हो पाया?
यह विधेयक वर्षों से राजनीतिक सहमति की कमी के कारण अटका हुआ है। विभिन्न दलों के बीच आरक्षण के स्वरूप और अन्य वर्गों के लिए उप-आरक्षण को लेकर मतभेद रहे हैं।
महिला आरक्षण लागू होने से क्या बदलेगा?
यदि विधेयक लागू होता है, तो लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित होंगी, जो भारत की विधायी संरचना में ऐतिहासिक बदलाव होगा और महिलाओं की नीति-निर्माण में भागीदारी को संस्थागत रूप देगा।
राष्ट्र प्रेस
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