तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मांगी सिंचाई परियोजनाओं की मंजूरी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार शाम नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल से मुलाकात कर राज्य की कई अटकी हुई सिंचाई परियोजनाओं के लिए मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। इस बैठक में राज्य के सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी भी उनके साथ मौजूद थे।
तुम्मिदिहेट्टी बैराज: महाराष्ट्र से समझौते में तेजी की माँग
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने जल शक्ति मंत्री से अनुरोध किया कि वे महाराष्ट्र सरकार के साथ बातचीत कर तुम्मिदिहेट्टी बैराज के निर्माण प्रस्ताव से जुड़े मामले को सुलझाएं। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव पहले ही महाराष्ट्र सरकार को सौंपा जा चुका है और अब मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने की जरूरत है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि प्लस 152 मीटर के फुल रिजर्वॉयर लेवल (FRL) पर बैराज के निर्माण से येल्लमपल्ली परियोजना तक ग्रेविटी के जरिए पानी पहुँचाना संभव होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे बिजली की खपत और पानी की सप्लाई, दोनों की लागत में उल्लेखनीय कमी आएगी।
पर्यावरण मंजूरी की समीक्षा: चार परियोजनाएं लंबित
बैठक में कृष्णा और गोदावरी बेसिन में तेलंगाना की परियोजनाओं के लिए अटकी हुई पर्यावरण मंजूरी का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से निम्नलिखित परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी देने की अपील की:
पलमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (PRLIS), डिंडी लिफ्ट इरिगेशन स्कीम (DLIS), सीताराम सागर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SSMP) और गौरवल्ली जलाशय — इन सभी के लिए मंजूरी की प्रतीक्षा है।
रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद पर्यावरण मंजूरी हेतु जारी नई गाइडलाइंस की ओर दिलाया। उन्होंने चेताया कि मंजूरी में हो रही देरी से निर्माण लागत लगातार बढ़ रही है।
सम्मक्का सागर परियोजना: CWC की मंजूरी का इंतजार
मुख्यमंत्री ने सम्मक्का सागर परियोजना के लिए केंद्रीय जल आयोग (CWC) के पास लंबित मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) पहले ही CWC को सौंपी जा चुकी है और सिंचाई योजना व अंतर-राज्यीय पहलुओं पर मंजूरी माँगी गई है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) प्राप्त करने हेतु छत्तीसगढ़ सरकार के साथ बातचीत जारी है।
टेलीमेट्री सिस्टम और KRMB का मुद्दा
बैठक में कृष्णा नदी प्रबंधन बोर्ड (KRMB) द्वारा किए जाने वाले टेलीमेट्री सिस्टम के रुके हुए काम पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने सिस्टम स्थापना के पहले चरण के लिए आवश्यक ₹4.15 करोड़ पहले ही जमा करा दिए हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से पहले, दूसरे और तीसरे तीनों चरणों में टेलीमेट्री सिस्टम लगाने का काम तेज गति से पूरा कराने का आग्रह किया।
बैठक में कौन-कौन था मौजूद
इस अहम बैठक में राज्य मंत्री जी. विवेक वेंकटस्वामी, सांसद गड्डम वामसी कृष्णा, विधायक गड्डम विनोद, राज्य सरकार के सिंचाई सलाहकार आदित्यनाथ दास और मुख्यमंत्री के सचिव माणिकराज भी उपस्थित थे।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब तेलंगाना की कई सिंचाई परियोजनाएं अंतर-राज्यीय जल विवाद और केंद्रीय मंजूरियों की प्रतीक्षा में वर्षों से लटकी हैं। आगे की कार्यवाही इस पर निर्भर करेगी कि केंद्र इन अनुरोधों पर कितनी जल्दी प्रतिक्रिया देता है।