14 जुलाई 2026
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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने गडकरी से माँगी RRR उत्तरी हिस्से की मंजूरी, 95% भूमि अधिग्रहण पूरा

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तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने गडकरी से माँगी RRR उत्तरी हिस्से की मंजूरी, 95% भूमि अधिग्रहण पूरा

सारांश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दिल्ली में एक ही दिन में केंद्रीय मंत्रियों गडकरी और राम मोहन नायडू से मुलाकात कर RRR, हैदराबाद-अमरावती हाईवे, श्रीशैलम कॉरिडोर और वारंगल-आदिलाबाद एयरपोर्ट सहित कई बड़ी परियोजनाओं की मंजूरी माँगी — यह तेलंगाना के बुनियादी ढाँचे को गति देने की एकजुट कोशिश है।

मुख्य बातें

CM रेवंत रेड्डी ने 14 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मिलकर RRR उत्तरी हिस्से पर निर्माण की कैबिनेट मंजूरी माँगी।
RRR परियोजना के लिए 95 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण पहले ही पूरा हो चुका है।
हैदराबाद-अमरावती के बीच प्रस्तावित 12-लेन ग्रीनफील्ड हाईवे से यात्रा दूरी 100 किलोमीटर कम होगी।
मंचिरियल-हैदराबाद के बीच 6-लेन वैकल्पिक हाईवे का प्रस्ताव; तेलंगाना सरकार भूमि अधिग्रहण करेगी।
केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर विकसित करने की अपील।
वारंगल एयरपोर्ट पर MRO , एयर कार्गो और हैंगर सुविधाएँ स्थापित करने का अनुरोध।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 14 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से उनके आवास पर मुलाकात कर रीजनल रिंग रोड (RRR) के उत्तरी हिस्से पर निर्माण कार्य शुरू करने हेतु केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी दिलाने का अनुरोध किया। सीएम रेड्डी ने बताया कि इस परियोजना के लिए 95 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है।

RRR के दोनों हिस्सों पर एक साथ काम की माँग

मुख्यमंत्री रेड्डी ने गडकरी से आग्रह किया कि RRR के दक्षिणी हिस्से के लिए भी आवश्यक मंजूरी शीघ्र प्रदान की जाए। उन्होंने तर्क दिया कि यदि उत्तरी और दक्षिणी — दोनों हिस्सों पर एक साथ निर्माण शुरू हो, तो परियोजना तेज़ गति से पूरी होगी और निर्माण लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड हाईवे की अपील

सीएम रेड्डी ने हैदराबाद को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती से जोड़ने वाले ग्रीनफील्ड हाईवे के लिए तत्काल मंजूरी देने की भी अपील की। उन्होंने बताया कि यह परियोजना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अनिवार्य है।

रेड्डी के अनुसार, भारत फ्यूचर सिटी से बंदर पोर्ट तक अमरावती होते हुए प्रस्तावित 12-लेन हाईवे को स्वीकृति मिलने से हैदराबाद और विजयवाड़ा के बीच यात्रा दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके साथ ही हैदराबाद और बंदर पोर्ट के बीच माल ढुलाई में भी तेज़ी आएगी।

मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर और वन मंजूरी

मुख्यमंत्री ने गडकरी से मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए वन विभाग की अनुमति दिलाने में सहयोग का अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि यह कॉरिडोर नल्लामाला अभयारण्य, श्रीशैलम मंदिर और श्रीशैलम जलाशय के दायरे से होकर गुज़रता है, इसलिए वन मंजूरी आवश्यक है।

मंचिरियल-हैदराबाद वैकल्पिक हाईवे का प्रस्ताव

सीएम रेड्डी ने मंचिरियल से हैदराबाद तक छह लेन वाले एक नए वैकल्पिक हाईवे को मंजूरी देने की अपील की, जो मौजूदा राजीव हाईवे का विकल्प बनेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि तेलंगाना सरकार इस परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी उठाएगी और कहा कि यह नया हाईवे कृषि और व्यापार के लिए नए अवसर सृजित करेगा।

वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट पर केंद्र से अपील

इसी दौरान केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू के साथ बैठक में सीएम रेड्डी ने आग्रह किया कि वारंगल (ममनूर) और आदिलाबाद में प्रस्तावित एयरपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएं।

रेड्डी ने बताया कि वारंगल रेल और सड़क नेटवर्क से भली-भाँति जुड़ा हुआ एक महत्वपूर्ण शहर है, जहाँ काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क, काजीपेट कोच फैक्टरी और अन्य प्रमुख उद्योग स्थित हैं। उन्होंने वारंगल एयरपोर्ट पर मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (MRO), एयर कार्गो और हैंगर सुविधाएँ स्थापित करने का भी अनुरोध किया।

सीएम रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वारंगल उत्तरी तेलंगाना के आदिलाबाद, करीमनगर, वारंगल, खम्मम और नलगोंडा जिलों के लिए एक केंद्रीय हब की भूमिका निभाएगा। यह बैठक तेलंगाना की बुनियादी ढाँचा प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के सामने रखने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रीजनल रिंग रोड (RRR) क्या है और इसका उत्तरी हिस्सा क्यों अटका है?
RRR हैदराबाद के आसपास प्रस्तावित एक बड़ी रिंग रोड परियोजना है जिसे उत्तरी और दक्षिणी दो हिस्सों में विभाजित किया गया है। उत्तरी हिस्से के लिए 95% भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बावजूद केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी अभी बाकी है, जिसके लिए CM रेड्डी ने गडकरी से हस्तक्षेप का अनुरोध किया है।
हैदराबाद-अमरावती ग्रीनफील्ड हाईवे से क्या फायदा होगा?
प्रस्तावित 12-लेन हाईवे से हैदराबाद और विजयवाड़ा के बीच यात्रा दूरी 100 किलोमीटर कम होगी और बंदर पोर्ट तक माल ढुलाई तेज़ होगी। यह परियोजना आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत अनिवार्य बताई गई है।
मन्नानूर-श्रीशैलम एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए वन मंजूरी क्यों ज़रूरी है?
यह कॉरिडोर नल्लामाला अभयारण्य, श्रीशैलम मंदिर और श्रीशैलम जलाशय के क्षेत्र से होकर गुज़रता है। इन संवेदनशील वन और पर्यावरणीय क्षेत्रों के कारण वन विभाग की विशेष अनुमति अनिवार्य है, जिसके लिए CM ने गडकरी से केंद्रीय स्तर पर सहयोग माँगा है।
वारंगल एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने की माँग क्यों?
वारंगल काकतीय मेगा टेक्सटाइल पार्क, काजीपेट कोच फैक्टरी और उत्तरी तेलंगाना के कई जिलों का औद्योगिक केंद्र है। CM रेड्डी का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों का एयरपोर्ट और MRO सुविधाएँ इस क्षेत्र में निवेश और रोज़गार को बढ़ावा देंगी।
मंचिरियल-हैदराबाद नए हाईवे का क्या प्रस्ताव है?
CM रेड्डी ने मौजूदा राजीव हाईवे के विकल्प के रूप में मंचिरियल से हैदराबाद तक 6-लेन नए हाईवे की मंजूरी माँगी है। तेलंगाना सरकार ने इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी लेने का आश्वासन दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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