तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी का आदेश: पालमुरु-रंगारेड्डी सिंचाई परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण में युद्धस्तर पर तेजी
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 19 मई को हैदराबाद स्थित एमसीआरएचआरडी में आयोजित बैठक में अधिकारियों को पालमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया युद्धस्तर पर पूरी करने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि इस अधिग्रहण के लिए आवश्यक धनराशि तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी और लंबित बिलों का भुगतान बिना किसी देरी के किया जाएगा।
बैठक में क्या हुए निर्देश
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पूर्व महबूबनगर जिले के मंत्रियों और विधायकों के साथ इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में भाग लिया। उन्होंने जिला मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे संबंधित जिला अधिकारियों के समन्वय से सिंचाई परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करें और उनकी प्रगति पर लगातार नज़र रखें।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण निधि का भुगतान तत्काल सुनिश्चित करने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे। इसके साथ ही, पूर्व महबूबनगर जिले में अन्य लंबित सिंचाई परियोजनाओं के लिए भी भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के आदेश दिए गए।
परियोजना की समयसीमा और पृष्ठभूमि
सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि पालमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई योजना दिसंबर 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि पूर्व महबूबनगर जिले की सभी लंबित सिंचाई परियोजनाओं को त्वरित गति से पूरा किया जाएगा।
गौरतलब है कि पालमुरु-रंगारेड्डी लिफ्ट सिंचाई परियोजना तेलंगाना की महत्वाकांक्षी जल-प्रबंधन योजनाओं में से एक है, जो दक्षिणी जिलों में सिंचाई सुविधाओं को विस्तार देने के लिए बनाई गई है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार पर बड़े बुनियादी ढाँचे के कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने का दबाव है।
मंत्रिपरिषद की बैठक का ऐलान
इसी बीच, मुख्य सचिव ने मंगलवार को सभी विशेष मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों को सूचित किया कि मंत्रिपरिषद की 33वीं बैठक 21 मई को दोपहर 3 बजे डॉ. बीआर अंबेडकर तेलंगाना सचिवालय स्थित मंत्रिमंडल बैठक कक्ष में आयोजित होगी।
सभी संबंधित अधिकारियों से मंत्रिपरिषद के विचारार्थ विधिवत अनुमोदित प्रस्ताव भेजने और बैठक के दौरान मुख्यालय में उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।
आम जनता पर असर
पालमुरु-रंगारेड्डी सिंचाई परियोजना के पूरा होने से पूर्व महबूबनगर जिले के हज़ारों किसानों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक साबित हो सकता है। भूमि अधिग्रहण में तेजी आने से परियोजना की दिसंबर 2027 की समयसीमा पूरी करने की संभावना बढ़ेगी।