तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने राजनाथ सिंह से मांगा आदिलाबाद हवाई अड्डे पर कार्गो-MRO का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार, 22 जून को नई दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात कर आदिलाबाद स्थित भारतीय वायु सेना हवाई अड्डे के विस्तार के लिए केंद्र का सहयोग माँगा। उन्होंने इस हवाई अड्डे पर कार्गो टर्मिनल, MRO (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधाएँ और हैंगर स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की मदद का अनुरोध किया।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के अनुसार, रेवंत रेड्डी ने रक्षा मंत्री को बताया कि आदिलाबाद विश्व प्रसिद्ध एयरलाइनों के लिए हैंगर स्थापित करने हेतु एक आदर्श स्थान है। उन्होंने मध्य पूर्व में हाल के घटनाक्रमों के संदर्भ में इस हवाई अड्डे के सामरिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके त्वरित विकास का आग्रह किया।
रेवंत रेड्डी ने भूमि अधिग्रहण और सुविधाओं के स्थानांतरण सहित हर संभव राज्य सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय अखंडता और रक्षा की दृष्टि से यह परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है और राज्य सरकार इसमें पूरी तरह साथ खड़ी है।
हवाई अड्डे की मौजूदा स्थिति और प्रस्तावित विस्तार
रक्षा विभाग के पास आदिलाबाद में पहले से 360 एकड़ की हवाई पट्टी है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने हवाई अड्डे के निर्माण के लिए राज्य सरकार से 450 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहीत करने का अनुरोध किया है।
प्रस्तावित हवाई अड्डे में एयरबस A320 विमानों को संभालने में सक्षम रनवे शामिल होगा, जो इसे एक प्रमुख वाणिज्यिक और रक्षा सुविधा बनाएगा। गौरतलब है कि केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने अप्रैल में घोषणा की थी कि आदिलाबाद में रक्षा हवाई अड्डे के साथ नागरिक संचालन के लिए एक अलग एन्क्लेव भी होगा।
DRDO परियोजना और गांधी सरोवर पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री से महबूबनगर जिले के देवरकादरा के निकट चयनित स्थल पर DRDO/DRDL की एक महत्वपूर्ण परियोजना की मंजूरी में तेजी लाने का भी अनुरोध किया।
इसके अलावा, रेवंत रेड्डी ने राजनाथ सिंह का आभार व्यक्त किया कि केंद्र ने पिछले सप्ताह हैदराबाद के बापू घाट स्थित रक्षा भूमि पर राज्य की प्रमुख गांधी सरोवर परियोजना पर कार्य शुरू करने की अनुमति दी।
आम जनता और क्षेत्र पर असर
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना का उत्तरी क्षेत्र — विशेषकर आदिलाबाद — औद्योगिक और आधारभूत ढाँचागत विकास के लिहाज से पिछड़ा माना जाता रहा है। एक कार्यात्मक MRO और कार्गो हब इस क्षेत्र में रोज़गार और व्यापार के नए अवसर खोल सकता है।
आगे क्या होगा
केंद्र और राज्य के बीच भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया तथा रक्षा मंत्रालय की औपचारिक मंजूरी अगले चरण की कुंजी होगी। रेवंत रेड्डी की इस बैठक के बाद परियोजना की गति और स्पष्टता पर सभी की नज़र रहेगी।