14 जुलाई 2026
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वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट 2 जून 2028 तक पूरे करने का लक्ष्य, सीएम रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से की बैठक

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वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट 2 जून 2028 तक पूरे करने का लक्ष्य, सीएम रेवंत रेड्डी ने केंद्रीय मंत्री से की बैठक

सारांश

तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने नई दिल्ली में केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिलकर वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट को तेलंगाना स्थापना दिवस — 2 जून 2028 — तक पूरा करने का लक्ष्य रखा। वारंगल में काकतीय संस्कृति की झलक वाला एयरपोर्ट तीन सप्ताह में शुरू होगा, जबकि आदिलाबाद में A320 रनवे वाला सिविल एन्क्लेव बनेगा।

मुख्य बातें

सीएम रेवंत रेड्डी ने 14 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात की।
वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट को 2 जून 2028 (तेलंगाना स्थापना दिवस) तक पूरा करने का लक्ष्य।
वारंगल एयरपोर्ट का निर्माण कार्य अगले तीन सप्ताह में शुरू होगा; डिज़ाइन में काकतीय संस्कृति की झलक।
आदिलाबाद में रक्षा हवाई पट्टी के साथ सिविल एन्क्लेव विकसित होगा; अतिरिक्त 450 एकड़ भूमि की ज़रूरत।
प्रस्तावित आदिलाबाद रनवे एयरबस ए320 जैसे विमानों के संचालन के लिए तैयार किया जाएगा।
तेलंगाना की जीडीपी में 5% हिस्सेदारी के बावजूद आबादी का अनुपात केवल 2.5% — सीएम ने बेहतर बुनियादी ढाँचे की दलील दी।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने मंगलवार, 14 जुलाई को नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से मुलाकात कर वारंगल और आदिलाबाद हवाई अड्डों के निर्माण को 2 जून 2028 — यानी तेलंगाना स्थापना दिवस — तक पूरा करने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग माँगा। बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई और केंद्रीय मंत्री ने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

बैठक में क्या हुई चर्चा

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, बैठक में दोनों नेताओं ने प्रस्तावित हवाई अड्डों के डिज़ाइन, सुविधाओं और निर्माण समयसीमा पर विचार-विमर्श किया। रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया, 'हमारा लक्ष्य है कि दोनों एयरपोर्ट का निर्माण कार्य पूरा कर 2 जून 2028, यानी तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर उनका उद्घाटन किया जाए।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देश की कुल आबादी में तेलंगाना की हिस्सेदारी करीब 2.5 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय जीडीपी में राज्य का योगदान लगभग 5 प्रतिशत है — इसलिए राज्य के त्वरित विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के हवाई अड्डे अनिवार्य हैं।

केंद्रीय मंत्री का आश्वासन और निर्माण की शुरुआत

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने भरोसा दिलाया कि 2 जून 2028 की समयसीमा पूरी करने के लिए ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने घोषणा की कि वारंगल एयरपोर्ट के निर्माण का काम अगले तीन सप्ताह के भीतर आरंभ कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार पहले ही वारंगल के ममनूर में एयरपोर्ट निर्माण की घोषणा कर चुकी है और राज्य सरकार इसके लिए भूमि आवंटित कर चुकी है।

वारंगल एयरपोर्ट: काकतीय संस्कृति की छाप

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने बताया कि वारंगल एयरपोर्ट के डिज़ाइन में काकतीय संस्कृति की विशेष झलक दिखाई जाएगी, जिससे यह हवाई अड्डा क्षेत्रीय विरासत का प्रतीक भी बनेगा। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब देशभर में हवाई अड्डों को स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।

आदिलाबाद एयरपोर्ट: सिविल एन्क्लेव और रनवे विस्तार

आदिलाबाद में पहले से 360 एकड़ क्षेत्र में रक्षा विभाग की हवाई पट्टी मौजूद है। प्रस्तावित योजना के तहत रक्षा उपयोग वाले इस एयरपोर्ट के साथ नागरिक उड़ानों के लिए एक अलग सिविल एन्क्लेव विकसित किया जाएगा। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने राज्य सरकार से एयरपोर्ट निर्माण के लिए अतिरिक्त 450 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने को कहा है। प्रस्तावित आदिलाबाद एयरपोर्ट में एयरबस ए320 जैसे विमानों के संचालन योग्य रनवे विकसित किया जाएगा।

आगे की राह

दोनों सरकारों के बीच समन्वय जारी रहेगा और विकास को प्राथमिकता देते हुए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता जताई गई है। यदि निर्माण तय समय पर शुरू होता है, तो 2 जून 2028 की उद्घाटन समयसीमा तेलंगाना के लिए एक बड़ी राजनीतिक और विकासात्मक उपलब्धि होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक राजनीतिक प्रतीक है — तेलंगाना स्थापना दिवस पर दो हवाई अड्डों का उद्घाटन कांग्रेस सरकार के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। लेकिन आदिलाबाद में 450 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण और रक्षा-नागरिक समन्वय जैसी बाधाएं इस समयसीमा को चुनौतीपूर्ण बनाती हैं। वारंगल के ममनूर एयरपोर्ट की घोषणा पहले भी हो चुकी है — असली परीक्षा यह है कि 'तीन सप्ताह में निर्माण शुरू' का वादा पिछली घोषणाओं की तरह कागज़ पर न रह जाए। राज्य की जीडीपी में 5% योगदान के बावजूद हवाई संपर्क की कमी एक वास्तविक समस्या है, और इन परियोजनाओं की सफलता तेलंगाना के टियर-2 शहरों को आर्थिक मानचित्र पर स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वारंगल और आदिलाबाद एयरपोर्ट कब तक पूरे होंगे?
सीएम रेवंत रेड्डी ने दोनों एयरपोर्ट को 2 जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जो तेलंगाना स्थापना दिवस है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस समयसीमा को पूरा करने के लिए अतिरिक्त प्रयासों का आश्वासन दिया है।
वारंगल एयरपोर्ट का निर्माण कहाँ और कब शुरू होगा?
वारंगल एयरपोर्ट ममनूर में बनेगा और केंद्रीय मंत्री की घोषणा के अनुसार निर्माण कार्य अगले तीन सप्ताह के भीतर शुरू होगा। राज्य सरकार पहले ही भूमि आवंटित कर चुकी है।
आदिलाबाद एयरपोर्ट में सिविल एन्क्लेव क्यों बनाया जाएगा?
आदिलाबाद में पहले से 360 एकड़ में रक्षा विभाग की हवाई पट्टी मौजूद है। नागरिक उड़ानों के लिए रक्षा क्षेत्र से अलग एक सिविल एन्क्लेव विकसित किया जाएगा, जिसके लिए अतिरिक्त 450 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।
आदिलाबाद एयरपोर्ट पर कौन से विमान उड़ सकेंगे?
प्रस्तावित आदिलाबाद एयरपोर्ट में एयरबस ए320 जैसे विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त रनवे विकसित किया जाएगा, जिससे यह एक पूर्ण वाणिज्यिक हवाई अड्डे के रूप में काम कर सकेगा।
तेलंगाना को नए हवाई अड्डों की ज़रूरत क्यों है?
सीएम रेवंत रेड्डी के अनुसार, तेलंगाना का राष्ट्रीय जीडीपी में योगदान लगभग 5 प्रतिशत है, जबकि आबादी में हिस्सेदारी केवल 2.5 प्रतिशत है। राज्य के तेज़ आर्थिक विकास को बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के हवाई अड्डे आवश्यक बताए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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