तेलंगाना स्थापना दिवस पर आदिलाबाद एयरपोर्ट की आधारशिला रखेगा सीएम रेवंत रेड्डी
सारांश
Key Takeaways
- आदिलाबाद एयरपोर्ट की आधारशिला 2 जून को रखी जाएगी।
- आदिवासी-बहुल क्षेत्र के विकास के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं।
- बसारा ज्ञान सरस्वती मंदिर के लिए 225 करोड़ रुपए का बजट मंजूर हुआ है।
- मुख्यमंत्री हर दो महीने में जिले का दौरा करेंगे।
- प्राणहिता-चेवेल्ला परियोजना को पुनः आरंभ किया जाएगा।
हैदराबाद, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने सोमवार को यह घोषणा की कि आदिलाबाद एयरपोर्ट की आधारशिला 2 जून को, तेलंगाना स्थापना दिवस के अवसर पर रखी जाएगी।
आदिलाबाद जिले में परिवहन की व्यवस्था बहुत ही कमजोर थी, लेकिन अब यहाँ हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र के साथ कई बार चर्चा की और एयरपोर्ट के लिए स्वीकृति प्राप्त की।
मुख्यमंत्री ने आदिलाबाद जिले के पिपरी में विभिन्न विकास कार्यों का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा में यह बातें कहीं।
सीएम रेवंत रेड्डी ने बताया कि आदिलाबाद जिले के विकास के लिए सरकार का दृष्टिकोण यह है कि पिछड़ा आदिवासी-बहुल क्षेत्र उद्योग, शिक्षा और पर्यटन का केंद्र बनेगा। आदिलाबाद में एक विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रयास तेजी से चल रहा है और उसकी आधारशिला भी जल्द रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि बसारा ज्ञान सरस्वती मंदिर के विकास के लिए पहले ही 225 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। यदि आवश्यकता महसूस हुई, तो और अधिक धनराशि भी स्वीकृत की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह हर दो महीने में एक बार जिले का दौरा करेंगे और आवश्यक धनराशि मंजूर करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार तुम्मिडिहट्टी में प्राणहिता चेवेल्ला परियोजना के कार्य को फिर से शुरू करेगी और इसे शीघ्र पूरा करने के लिए प्रयासरत रहेगी।
सीएम ने सभी लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा, "हम थुम्मिदिहट्टी में प्राणहिता-चेवेल्ला प्रोजेक्ट को फिर से आरंभ करेंगे, और आदिलाबाद को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना और इसे एक हरे-भरे क्षेत्र में बदलना मेरी जिम्मेदारी है।"
सीएम रेवंत रेड्डी ने मार्केट यार्ड के विकास के मुद्दे पर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के आरोपों का सख्त जवाब देते हुए पिछली सरकार से सवाल किया कि उन्होंने क्यों ऐसे कार्य नहीं किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरएस पिछले 10 वर्षों तक राज्य पर शासन करती रही, लेकिन इस दौरान कोई उल्लेखनीय विकास नहीं हुआ। उन्होंने विपक्ष से गरिमा और संयम बनाए रखने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीआरएस सरकार द्वारा पार्टी नेताओं पर मामले दर्ज किए जाने के बावजूद कांग्रेस ने लोगों के मुद्दों पर संघर्ष किया और सफलतापूर्वक सत्ता में वापसी की। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस अगले 2034 तक राज्य में सत्ता में बनी रहेगी।
रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि वह केवल चुनावों के समय राजनीति करेंगे और राज्य के विकास के मुख्य एजेंडे पर ध्यान केंद्रित करेंगे।