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तेलंगाना में ₹7,597 करोड़ की हाईवे परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, 190.76 किमी होंगे फोर-लेन

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तेलंगाना में ₹7,597 करोड़ की हाईवे परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, 190.76 किमी होंगे फोर-लेन

सारांश

केंद्र ने तेलंगाना के लिए ₹7,597 करोड़ की दो बड़ी हाईवे परियोजनाओं को हरी झंडी दे दी है। NH-63 और NH-563 पर 190.76 किमी का चार-लेन विस्तार न केवल आर्मूर-मंचरियाल यात्रा समय 90 मिनट घटाएगा, बल्कि उत्तर तेलंगाना को हैदराबाद-नागपुर औद्योगिक गलियारे से जोड़कर PM गतिशक्ति के तहत क्षेत्रीय लॉजिस्टिक मानचित्र को नया रूप देगा।

मुख्य बातें

CCEA ने 3 जून को तेलंगाना में ₹7,597.16 करोड़ की राजमार्ग परियोजनाओं को मंज़ूरी दी।
NH-63 का आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड HAM मॉडल पर, NH-563 का जगतियाल-करीमनगर खंड BOT-टोल मॉडल पर बनेगा।
कुल लंबाई 190.76 किमी , डिज़ाइन गति 100 किमी/घंटा , शहरी क्षेत्रों में बाईपास शामिल।
आर्मूर-मंचरियाल यात्रा समय 1 घंटा 30 मिनट और जगतियाल-करीमनगर 45 मिनट कम होगा।
34.43 लाख प्रत्यक्ष और 42.7 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोज़गार सृजन का अनुमान।
परियोजनाएँ PM गतिशक्ति के तहत 5 आर्थिक, 7 सामाजिक और 10 लॉजिस्टिक केंद्रों को जोड़ेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने बुधवार, 3 जून को तेलंगाना में ₹7,597.16 करोड़ की लागत वाली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं के तहत NH-63 के आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड और NH-563 के जगतियाल-करीमनगर खंड को कुल 190.76 किमी लंबाई में चार लेन तक चौड़ा किया जाएगा।

परियोजना का ढाँचा और मॉडल

आधिकारिक बयान के अनुसार, आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा, जबकि जगतियाल-करीमनगर खंड बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT-टोल) मॉडल पर बनेगा। तीनों कार्य पैकेजों में शहरी क्षेत्रों के लिए बाईपास और ओपन टोलिंग की सुविधा शामिल होगी, जिससे 100 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन गति सुनिश्चित हो सकेगी।

किन ज़िलों को मिलेगा लाभ

यह राजमार्ग तेलंगाना के निजामाबाद, जगतियाल, मंचरियाल और करीमनगर ज़िलों से होकर गुज़रता है। मौजूदा सड़क अंकसापूर, कोरुटला, धर्मपुरी, लक्षेट्टीपेट, पोथाराम और गंगाधरा जैसे घनी आबादी वाले कस्बों से निकलती है, जहाँ रोज़ाना भीषण जाम की समस्या रही है। बाईपास निर्माण से स्थानीय आवाजाही और लंबी दूरी के माल यातायात — दोनों को अलग-अलग कॉरिडोर मिलेंगे।

यात्रा समय और आर्थिक असर

बयान के मुताबिक, परियोजना पूरी होने पर आर्मूर और मंचरियाल के बीच यात्रा का समय करीब 1 घंटा 30 मिनट और जगतियाल–करीमनगर के बीच लगभग 45 मिनट कम होने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि निर्माण और परिचालन चरण में 34.43 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष और 42.7 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होगा। ईंधन खपत, कार्बन उत्सर्जन और वाहन परिचालन लागत (VOC) में भी उल्लेखनीय कमी आने का दावा किया गया है।

गतिशक्ति से जुड़ाव

ये परियोजनाएँ PM गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के सिद्धांतों के अनुरूप हैं और पाँच आर्थिक केंद्रों, सात सामाजिक केंद्रों तथा 10 लॉजिस्टिक केंद्रों को आपस में जोड़ेंगी। गौरतलब है कि यह मंज़ूरी ऐसे समय में आई है जब केंद्र दक्षिण भारत के अंदरूनी ज़िलों — विशेषकर तेलंगाना के उत्तरी पट्टी — में कनेक्टिविटी बढ़ाने पर ज़ोर दे रहा है, जो हैदराबाद-नागपुर औद्योगिक गलियारे की रीढ़ मानी जाती है। आगामी महीनों में निविदा प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण की प्रगति इस परियोजना की समयसीमा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

597 करोड़ की यह मंज़ूरी सिर्फ़ तेलंगाना की सड़कें चौड़ी करने का मामला नहीं है — यह दक्षिण भारत के उस अंदरूनी पट्टे को मुख्यधारा के लॉजिस्टिक मानचित्र पर लाने की कोशिश है, जो दशकों से भीड़भाड़ और जर्जर अवस्था के बीच फँसा रहा है। HAM और BOT-टोल का मिश्रित ढाँचा यह बताता है कि सरकार जोखिम साझेदारी का तजुर्बा कर रही है, परंतु असली परीक्षा भूमि अधिग्रहण और निर्माण की गति पर होगी, जहाँ कई पिछली राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएँ वर्षों तक अटकी हैं। रोज़गार-दिवसों के बड़े आँकड़े आकर्षक हैं, लेकिन इनकी स्वतंत्र सत्यापन व्यवस्था की कमी ने पहले भी पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेलंगाना में मंज़ूर हुई इन हाईवे परियोजनाओं की कुल लागत कितनी है?
इन परियोजनाओं की कुल पूँजीगत लागत ₹7,597.16 करोड़ है और कुल लंबाई 190.76 किमी होगी। इन्हें CCEA ने 3 जून को मंज़ूरी दी।
NH-63 और NH-563 परियोजनाएँ किस मॉडल के तहत बनेंगी?
NH-63 का आर्मूर-जगतियाल-मंचरियाल खंड हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत और NH-563 का जगतियाल-करीमनगर खंड बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT-टोल) मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। कुल तीन कार्य पैकेजों में काम बँटा है।
परियोजना से किन ज़िलों और शहरों को फ़ायदा होगा?
तेलंगाना के निजामाबाद, जगतियाल, मंचरियाल और करीमनगर ज़िले इस परियोजना से सीधे लाभान्वित होंगे। अंकसापूर, कोरुटला, धर्मपुरी, लक्षेट्टीपेट, पोथाराम और गंगाधरा जैसे भीड़भाड़ वाले कस्बों के लिए बाईपास बनाए जाएँगे।
यात्रा समय में कितनी कमी आएगी?
सरकारी अनुमान के अनुसार, परियोजना पूरी होने पर आर्मूर और मंचरियाल के बीच यात्रा का समय लगभग 1 घंटा 30 मिनट और जगतियाल-करीमनगर के बीच लगभग 45 मिनट कम होगा। साथ ही 100 किमी प्रति घंटे की डिज़ाइन गति सुनिश्चित होगी।
इन परियोजनाओं से कितना रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है?
आधिकारिक बयान के अनुसार, इन परियोजनाओं से 34.43 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष और 42.7 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होने की उम्मीद है। ये परियोजनाएँ PM गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप हैं।
राष्ट्र प्रेस
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