कैबिनेट ने मंजूर किया बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड का 80.45 किमी चार-लेन कॉरिडोर

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कैबिनेट ने मंजूर किया बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड का 80.45 किमी चार-लेन कॉरिडोर

सारांश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड के 80.45 किमी चार-लेन कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है, जो यात्रा दक्षता को बढ़ाएगा।

मुख्य बातें

चार-लेन कॉरिडोर की कुल लंबाई 80.45 किमी है।
इसकी कुल लागत 3,839.42 करोड़ रुपए है।
यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा।
यात्रा समय में लगभग एक घंटे की कमी आएगी।
इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास में सहायता मिलेगी।

नई दिल्ली, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने मंगलवार को एनएच-752डी के बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड से 80.45 किलोमीटर लंबे चार लेन के कॉरिडोर के निर्माण को स्वीकृति दी है, जिसकी कुल पूंजी लागत 3,839.42 करोड़ रुपए है।

यह स्वीकृत कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर तिमारवानी इंटरचेंज से जोड़ने का कार्य करेगा।

प्रस्तावित चार-लेन परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रा दक्षता में सुधार करना है, जिससे यात्रा के समय में लगभग एक घंटे की कमी आने की संभावना है। उज्जैन-बदनावर खंड (70.40 किमी) को पहले ही 2-लेन से 4-लेन में अपग्रेड किया जा चुका है। बदनावर-तिमारवानी खंड वर्तमान में एक मध्यवर्ती लेन (5.5 मीटर) है, जिसकी स्थिति त्रुटिपूर्ण है (गति 20-50 किमी प्रति घंटा)। इस खंड के अपग्रेड होने पर उज्जैन से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (डीएमई) तक सीधी 4-लेन कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिस पर गति 80-100 किमी प्रति घंटा होगी।

तिमारवानी-थंदला-पेटलावाद-बदनावर-उज्जैन कॉरिडोर गुजरात और महाराष्ट्र से उज्जैन जाने वाले यातायात का सबसे त्वरित मार्ग है। तिमारवानी-बदनावर खंड के उन्नयन से अंतरराज्यीय संपर्क में मजबूती आएगी और यातायात की सहजता सुनिश्चित होगी। साथ ही, अप्रैल 2028 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यातायात में भारी वृद्धि को संभालने में मदद मिलेगी।

बदनावर-पेटलावाद-थंदला-तिमारवानी खंड धार और झाबुआ जिलों के आदिवासी क्षेत्रों से होकर गुजरता है। धार जिले के कुछ हिस्से नीति आयोग के आकांक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के अंतर्गत आते हैं। इस खंड के उन्नयन से उज्जैन-बदनावर-तिमारवानी कॉरिडोर से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक सीधा और त्वरित मार्ग उपलब्ध होगा। बेहतर संपर्क से रसद लागत में कमी आएगी, कच्चे माल और तैयार माल की कुशल आवाजाही में सुविधा होगी, और इंदौर, पीथमपुर, उज्जैन और देवास में स्थित औद्योगिक केंद्रों/एमएमएलपी तक पहुंच मजबूत होगी।

प्रस्तावित परियोजना उच्च गति कनेक्टिविटी प्रदान करती है, जिसे बेहतर सुरक्षा और निर्बाध यातायात के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे यात्रा का समय, भीड़भाड़ और परिचालन लागत में कमी आएगी। महत्वपूर्ण रूप से, यह परियोजना क्षेत्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती प्रदान करेगी, जिससे मध्य प्रदेश राज्य के धार और झाबुआ जिलों के समग्र आर्थिक विकास में योगदान मिलेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि मध्य प्रदेश के धार और झाबुआ जिलों के आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर रोजगार के अवसर और सुविधाएं मिलेंगी।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस परियोजना की कुल लागत क्या है?
इस परियोजना की कुल पूंजी लागत 3,839.42 करोड़ रुपए है।
यह कॉरिडोर किस स्थान को जोड़ेगा?
यह कॉरिडोर उज्जैन को दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे पर तिमारवानी इंटरचेंज से जोड़ेगा।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यात्रा दक्षता में सुधार करना और यात्रा के समय में कमी लाना है।
कब तक यह कॉरिडोर पूर्ण होने की उम्मीद है?
इस कॉरिडोर के पूर्ण होने की उम्मीद है, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।
इस परियोजना से स्थानीय क्षेत्र को क्या लाभ होगा?
इस परियोजना से स्थानीय क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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