केंद्र ने टूना-टेकड़ा पोर्ट के लिए 472 करोड़ के रोड ओवर ब्रिज निर्माण को दी हरी झंडी

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केंद्र ने टूना-टेकड़ा पोर्ट के लिए 472 करोड़ के रोड ओवर ब्रिज निर्माण को दी हरी झंडी

सारांश

केंद्र सरकार ने गुजरात के टूना-टेकड़ा पोर्ट की कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए 472 करोड़ रुपए की लागत से रोड ओवर ब्रिज के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना पोर्ट के विकास को गति देगी और लॉजिस्टिक्स की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी।

Key Takeaways

  • केंद्र सरकार ने 472 करोड़ के रोड ओवर ब्रिज को मंजूरी दी।
  • यह परियोजना टूना-टेकड़ा पोर्ट की कनेक्टिविटी में सुधार करेगी।
  • इसका निर्माण 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी।
  • लॉजिस्टिक्स का टर्नअराउंड समय कम होगा।
  • यह योजना मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 के अनुरूप है।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने गुजरात के टूना-टेकड़ा पोर्ट की कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने टूना-टेकड़ा में रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण के साथ-साथ संबंधित सड़कों और अन्य सुविधाओं को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 472 करोड़ रुपए है।

यह प्रोजेक्ट टूना-टेकड़ा पोर्ट के मेगा कंटेनर टर्मिनल और मल्टीपर्पस कार्गो बर्थ के साथ बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा। मेगा कंटेनर टर्मिनल की क्षमता 2.19 मिलियन टीईयू और मल्टीपर्पस कार्गो बर्थ की क्षमता 18.33 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (एमएमटीपीए) है। आओबी का निर्माण इस प्रकार किया गया है कि यह पोर्ट से कार्गो की निकासी को तेज और निर्बाध बनाएगा।

परियोजना में वायाडक्ट संरचनाएं, खाड़ी के ऊपर पुल, आंतरिक सड़कें और अन्य सिविल कार्य शामिल हैं। इसके बाद, निर्माण के 10 वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होगी, ताकि संरचना लंबे समय तक मजबूत और कार्यशील बनी रहे।

मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस निर्णय पर कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का समुद्री क्षेत्र तेजी से विकास के दौर से गुजर रहा है। यह प्रोजेक्ट पोर्ट-आधारित विकास को मजबूती देगा, लॉजिस्टिक्स की कार्यक्षमता बढ़ाएगा और भारत को वैश्विक समुद्री शक्ति बनाने में योगदान करेगा।"

यह प्रस्ताव पहले डेलिगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (डीआईबी) की बैठक में चर्चा के बाद मंजूर किया गया, जिसकी अध्यक्षता मंत्रालय के सचिव ने की थी। आरओबी के पूरा होने से लॉजिस्टिक्स का टर्नअराउंड समय काफी कम होगा, सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी और पोर्ट के संचालन में तेजी आएगी।

वर्तमान में टूना-टेकड़ा कंटेनर टर्मिनल का 45 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है। आरओबी का क्रियान्वयन इसी टर्मिनल के चालू होने के साथ समन्वित रूप से किया जाएगा, ताकि सहायक इंफ्रास्ट्रक्चर भी समय पर तैयार हो जाए। इससे रेल-सड़क मार्ग में आने वाली बाधाएं समाप्त होंगी और भारी पोर्ट ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित होगी।

यह परियोजना सरकार की मैरीटाइम इंडिया विजन 2030 और मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047 के अनुरूप है। इन विजनों का लक्ष्य भारत को वैश्विक स्तर पर समुद्री व्यापार और लॉजिस्टिक्स में अग्रणी बनाना है। टूना-टेकड़ा पोर्ट गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थित है और यह पश्चिमी तट पर एक महत्वपूर्ण कंटेनर हैंडलिंग केंद्र के रूप में उभर रहा है।

Point of View

बल्कि यह भारत के समुद्री व्यापार को भी मजबूत करेगा। केंद्र सरकार का यह कदम लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए महत्त्वपूर्ण है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

इस परियोजना की लागत क्या है?
472 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत है।
यह प्रोजेक्ट कब मंजूर हुआ?
यह प्रस्ताव डेलिगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (डीआईबी) की बैठक में मंजूर हुआ।
टूना-टेकड़ा पोर्ट की क्षमता क्या है?
मेगा कंटेनर टर्मिनल की क्षमता 2.19 मिलियन टीईयू है।
इस परियोजना में क्या शामिल है?
इसमें वायाडक्ट संरचनाएं, खाड़ी के ऊपर पुल, और आंतरिक सड़कें शामिल हैं।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह पोर्ट की कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की कार्यक्षमता को बढ़ाना है।
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