महिला आरक्षण 33%: मोहन यादव बोले — मोदी के नेतृत्व में संसद में मिलेगा हक
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 अगस्त 2026 को भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में आयोजित 'संसद यूथ पार्लियामेंट 2026' समारोह में स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को संसद में 33 प्रतिशत आरक्षण का अधिकार अवश्य प्राप्त होगा। स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 12 से अधिक राज्यों के 52 से अधिक युवा प्रतिभागी सम्मिलित हुए।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इस आयोजन में 'मिनी इंडिया' की जीवंत तस्वीर देखने को मिली। उन्होंने कहा, 'हमारी बहनों के 33 प्रतिशत आरक्षण का जो अधिकार अभी लंबित है, उसकी झलक भी इस आयोजन में दिखाई दी। मुझे विश्वास है कि आज नहीं तो कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी बहनों को उनका यह अधिकार अवश्य मिलेगा।'
यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों, देश की विविधता और युवाओं की ऊर्जा का संगम प्रस्तुत करता है। स्वतंत्रता दिवस 2026 से पूर्व विधानसभा में इसका आयोजन प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महिला सशक्तिकरण पर ज़ोर
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति मातृशक्ति को सर्वोच्च सम्मान देने वाली संस्कृति है। उन्होंने कहा कि दुनिया के 200 से अधिक देशों में भारत ही वह देश है जहाँ 'भारत माता की जय' गर्व से कही जाती है। एक माँ पूरे परिवार की सबसे मज़बूत आधार होती है — यह भावना उन्होंने समारोह में उपस्थित युवाओं के समक्ष रखी।
गौरतलब है कि महिला आरक्षण विधेयक — जिसे नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से जाना जाता है — संसद द्वारा पारित हो चुका है, परंतु इसके क्रियान्वयन के लिए परिसीमन प्रक्रिया पूरी होना आवश्यक है, जो अभी लंबित है।
युवाओं की राजनीतिक भागीदारी पर चिंता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज स्कूल-कॉलेजों में अधिकांश विद्यार्थी आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर या इंजीनियर बनने की आकांक्षा रखते हैं। बहुत कम युवा राजनीति में आकर देश और समाज की सेवा करने की इच्छा व्यक्त करते हैं।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि किसान परिवार से आने वाला युवा आधुनिक कृषि उद्यमी बनने की बात नहीं करता, और व्यापारिक परिवारों के युवा भी सफल उद्यमी बनने के सपने कम ही देखते हैं। संसद यूथ पार्लियामेंट 2026 जैसे आयोजन इसी सोच को बदलने और युवाओं में लोकतांत्रिक भागीदारी की भावना जगाने का माध्यम हैं।
आम जनता और युवाओं पर असर
यादव ने कहा कि युवाओं की इच्छाशक्ति, सकारात्मक सोच और सक्रिय भागीदारी ही लोकतंत्र को मज़बूत और जीवंत बनाती है। इसी सोच के साथ देश में सृजन और विकास की नई दिशा तय की जा सकती है।
क्या होगा आगे
महिला आरक्षण के क्रियान्वयन की समय-सीमा सीधे तौर पर परिसीमन प्रक्रिया से जुड़ी हुई है। मुख्यमंत्री यादव के बयान को सत्तारूढ़ दल की ओर से इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिबद्धता की पुनः अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले महीनों में परिसीमन की दिशा में केंद्र सरकार क्या कदम उठाती है, यह महत्वपूर्ण होगा।