सीएम मोहन यादव का ऐतिहासिक निर्णय: नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत
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भोपाल, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे २१वीं सदी का एक क्रांतिकारी निर्णय बताया। इस अधिनियम के माध्यम से महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में ३३ प्रतिशत आरक्षण प्राप्त होगा।
केंद्र सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए सीएम मोहन यादव ने कहा कि यह नारी शक्ति अधिनियम एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लोकतंत्र और हमारी बहनों के लिए क्रांतिकारी निर्णय है, और इससे हमारी आधी आबादी को लाभ होगा।
उन्होंने आगे कहा कि यह अधिनियम हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जबकि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल केवल बातें करते हैं, उनके कार्यों में विरोधाभास है। कांग्रेस एक बार फिर बेनकाब होगी।
सीएम ने कहा कि विपक्ष हमेशा मीन मेख निकालता है, जिससे उनका जनाधार घटता जा रहा है। यदि उन्हें किसी मुद्दे पर चर्चा करनी है, तो उन्हें फ्लोर पर आकर बात करनी चाहिए। उनकी विरोधी रणनीतियों से जनता में गलत संदेश जा रहा है, और कांग्रेस को यह सोचने की आवश्यकता है कि आधी आबादी उनके बारे में क्या सोचती है।
इससे पहले, लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को ३३ प्रतिशत आरक्षण देने के लिए तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पेश किया जाएगा।
गुरुवार को, सीएम मोहन यादव ने जनगणना के तहत स्व-गणना फॉर्म में सहभागिता की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज से शुरू हो रही जनगणना के तहत भोपाल निवास में स्व-गणना का फॉर्म भरा। मध्यप्रदेश के समग्र विकास के लिए यह प्रक्रिया महत्वपूर्ण है। सभी प्रदेशवासियों से मेरी अपील है कि स्व-गणना का फॉर्म भरें और जनगणना की टीम को आवश्यक जानकारियां दें। यह बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए है। जनगणना देश की रीढ़ है।'