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सीएम मोहन यादव ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से महिलाओं की शासन में भागीदारी को बढ़ाने की बात की

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सीएम मोहन यादव ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' से महिलाओं की शासन में भागीदारी को बढ़ाने की बात की

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' के माध्यम से महिलाओं की शासन और नीति-निर्माण में भागीदारी को बढ़ाने के महत्व पर जोर दिया। यह अधिनियम महिलाओं को सशक्त बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्य बातें

महिलाओं का राजनीतिक सशक्तिकरण 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लोकतंत्र को मजबूत करने का कदम आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं का योगदान महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा

इंदौर, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर ध्यान केंद्रित करते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम', जिसे 'महिला आरक्षण अधिनियम' के नाम से जाना जाता है, शासन और नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने के लिए नए अवसर प्रदान करेगा।

इंदौर के लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित 'नारी शक्ति वंदन सम्मेलन' के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय इस सदी के सबसे महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक है। यह सुनिश्चित करेगा कि देश की लोकतांत्रिक प्रणाली में महिलाओं की आवाज और भी सशक्त हो।"

उन्होंने कानून के महत्व पर बल देते हुए कहा कि यह अधिनियम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया और अधिक समावेशी और संतुलित बनेगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि यह कदम न केवल महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा, बल्कि लोकतंत्र की नींव को भी मजबूत करेगा। हाल के वर्षों में लिए गए नीतिगत निर्णय महिलाओं के कल्याण और गरिमा के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए शुरू की गई पहलों ने उनके बढ़ते आत्मविश्वास और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी में योगदान दिया है।

इस कदम को भारत के व्यापक विकास दृष्टिकोण से जोड़ते हुए यादव ने कहा कि 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य हासिल करने में महिलाओं का बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व अत्यधिक महत्वपूर्ण होगा। बी.आर. अंबेडकर के आदर्शों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह अधिनियम समानता और समान अवसर के उनके दृष्टिकोण को आगे बढ़ाता है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिनमें स्वयं-सहायता समूहों की सदस्य, उद्यमी और सांस्कृतिक व सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।

महिलाओं के समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनियां भी आयोजित की गईं, जो आर्थिक गतिविधियों में उनके बढ़ते योगदान को दर्शाती हैं।

इस अवसर पर भाजपा विधायक मालिनी गौड़ ने कहा कि यह अधिनियम एक निर्णायक मोड़ साबित होगा, क्योंकि यह सुनिश्चित करेगा कि महिलाएं केवल नीतियों की लाभार्थी ही न हों, बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय योगदानकर्ता भी बनें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना है। इससे न केवल राजनीतिक क्षेत्र में उनके अधिकारों की रक्षा होगी, बल्कि यह लोकतंत्र को और मजबूत करेगा। इस दिशा में उठाया गया कदम निश्चित रूप से सकारात्मक परिवर्तन लाएगा।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नारी शक्ति वंदन अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम महिलाओं के लिए लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है।
इस अधिनियम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य महिलाओं की शासन और नीति-निर्माण में भागीदारी को बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अधिनियम के बारे में क्या कहा?
उन्होंने इसे इस सदी के महत्वपूर्ण निर्णयों में से एक बताया, जो महिलाओं की आवाज को सशक्त करेगा।
इस अधिनियम का महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
यह महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाएगा और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनका प्रतिनिधित्व बढ़ाएगा।
कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल थे?
कार्यक्रम में स्वयं-सहायता समूहों की सदस्य, उद्यमी और सांस्कृतिक व सामाजिक क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल थे।
राष्ट्र प्रेस
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