मध्य प्रदेश में नारी शक्ति का अद्वितीय सम्मान: सीएम मोहन यादव
सारांश
Key Takeaways
- मध्य प्रदेश में नारी शक्ति वंदन का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया गया है।
- नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण है।
- राज्य में 6 बहनें लोकसभा में सांसद हैं।
- महिला सशक्तिकरण के कई उदाहरण सामने आए हैं।
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नया युग आरंभ हो रहा है।
भोपाल, 15 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य नारी शक्ति वंदन के क्षेत्र में विशिष्ट है। यहाँ नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण उपलब्ध है। इसके साथ ही, विधानसभा और लोकसभा में भी महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व प्राप्त है।
राजधानी के रविंद्र भवन में आयोजित नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम-प्रबुद्ध जन सम्मेलन में बोलते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुनौतीपूर्ण कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए मध्यप्रदेश सहित सम्पूर्ण देश को सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा कि हम देश को मातृसत्ता से जोड़ने की दिशा में अग्रसर हैं। गुरुवार, 16 अप्रैल को महिला सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण दिन होगा।
उन्होंने आगे कहा कि जब देश की विधानसभाओं और लोकसभा में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का विषय आएगा, तो वह समय होली-दीवाली एक साथ मनाने जैसा होगा। जब शासन के सूत्र बहनों के हाथ में आते हैं, तो कितने नवाचार संवेदनशीलता से किए जा सकते हैं, इसके अनेक उत्कृष्ट उदाहरण हमारे सामने हैं। मध्यप्रदेश रानी दुर्गावती की धरती है। राज्य सरकार ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती मनाई और उनकी शासन व्यवस्था में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बल पर काशी में बाबा विश्वनाथ का धाम तैयार किया। सभी तीर्थ स्थलों पर अन्न क्षेत्र और यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था कराई गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण का एक नया युग आरंभ हो रहा है।
मुख्यमंत्री यादव ने माध्यमिक शिक्षा मंडल की हायर सेकेंड्री बोर्ड परीक्षा में संयुक्त टॉपर रहीं भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा एवं हाई स्कूल परीक्षा की टॉपर प्रतिभा सिंह सोलंकी को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश नारी शक्ति के वंदन का एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करता है। यहाँ नगरीय निकायों में बहनों को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जा रहा है। प्रदेश के आधे से अधिक स्थानीय निकायों की जिम्मेदारी बहनों के पास है। लोकसभा में हमारी 6 बहनें सांसद और विधानसभा में 27 बहनें विधायक हैं। राज्य में 5 महिला मंत्री अपने विभागों की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। मध्यप्रदेश में महिलाओं ने साहस और नेतृत्व क्षमता के कई उदाहरण प्रस्तुत किए हैं।
राजनीति में नारी शक्ति के महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि ग्वालियर अंचल से विजया राजे सिंधिया ने तत्कालीन सरकार को छोड़ा और प्रदेश में पहली संविद सरकार बनाई। विनम्रता की प्रतिमूर्ति राजमाता ने कभी कोई पद ग्रहण नहीं किया और जनता के लिए काम करती रहीं। इंदौर की बहन सुमित्रा महाजन लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष रहीं। पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा में प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। आज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु इस पद को संभाल रही हैं।
—राष्ट्र प्रेस
एसएनपी/एएमटी