भगवंत मान पठानकोट से जारी करेंगे 'मावां-धीयां सत्कार योजना' की राशि, 35.5 लाख महिलाओं के खातों में पहुंचेगा पैसा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान शनिवार, 1 अगस्त 2026 को पठानकोट से 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' के अंतर्गत सम्मान राशि जारी करेंगे। सरकार के अनुसार, इस बार 35.5 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे धनराशि अंतरित की जाएगी, जिससे योजना से लाभान्वित महिलाओं की कुल संख्या 68.5 लाख हो जाएगी।
योजना का विस्तार और लाभार्थी
इससे पूर्व इस योजना के तहत 33 लाख महिलाओं को लाभ मिल चुका है। अब नई किस्त जारी होने के बाद पंजाब की कुल 68.5 लाख महिलाएं इस आर्थिक सहायता की दायरे में आ जाएंगी। यह योजना 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पंजाब की स्थायी निवासी महिलाओं के लिए पात्र है।
कितनी मिलती है सहायता राशि
मान सरकार इस योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रतिमाह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को ₹1,500 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे बिचौलियों की भूमिका पूरी तरह समाप्त हो जाती है।
योजना की पृष्ठभूमि
यह योजना पंजाब सरकार ने बजट 2026-27 में शुरू की थी। इसका उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। सरकार का कहना है कि 'माँ और बेटियों' के सम्मान को केंद्र में रखकर बनाई गई यह योजना महिलाओं को रोज़मर्रा की छोटी-छोटी ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहने देगी। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्य सरकारें महिला केंद्रित नकद हस्तांतरण योजनाओं को अपनी प्रमुख नीतिगत प्राथमिकता बना रही हैं।
आम जनता पर असर
सरकारी तर्क के अनुसार, भले ही ₹1,000 से ₹1,500 की मासिक राशि छोटी प्रतीत हो, परंतु यह घरेलू खर्चों में उल्लेखनीय सहयोग करती है — विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी परिवारों में जहाँ महिलाओं की आर्थिक भागीदारी सीमित है। DBT प्रणाली के ज़रिये राशि सीधे खाते में पहुँचने से वित्तीय समावेशन को भी बल मिलता है।
आगे की राह
पठानकोट में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम के बाद मान सरकार की नज़र योजना के क्रियान्वयन की गति और आगामी महीनों में लाभार्थियों की संख्या को और बढ़ाने पर रहेगी। गौरतलब है कि यह योजना पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) की जन-कल्याण नीतियों की एक प्रमुख कड़ी बनती जा रही है।