मावां-धीयां सत्कार योजना: 1 जुलाई को पंजाब महिलाओं को मिलेंगे तीन माह के ₹3,000–₹4,500, कांग्रेस ने उठाए ₹51,000 बकाये के सवाल
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पंजाब सरकार की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 1 जुलाई को तीन महीनों की सम्मान राशि एकमुश्त ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आप सरकार पर 2022 के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए तीखा पलटवार किया है।
योजना में क्या मिलेगा
पंजाब सरकार की इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की सम्मान राशि दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में अप्रैल, मई और जून — तीन महीनों की राशि एकसाथ भेजी जाएगी, यानी सामान्य वर्ग की प्रत्येक पात्र महिला को ₹3,000 और SC वर्ग की महिला को ₹4,500 मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि एक परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएँ होने पर प्रत्येक को यह राशि अलग-अलग मिलेगी।
केजरीवाल का दावा
केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई। 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर सामान्य वर्ग की महिला को तीन हजार और हर अनुसूचित जाति की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम है।' उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम बताया — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
कांग्रेस का पलटवार: ₹51,000 बकाये का सवाल
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक्स पर पोस्ट कर आप सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, '1 जुलाई में बस आठ दिन बचे हैं। क्या पंजाब की महिलाओं को पिछले 51 महीनों के बकाया ₹51,000 मिलेंगे? बात ₹3,000 की नहीं है। बात उन ₹51,000 की है, जिनका वादा पंजाब की हर पात्र महिला से आप सरकार के सत्ता में आने पर किया गया था। विज्ञापन और प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन पंजाब की महिलाएं अभी भी 2022 में किए गए वादे के पूरा होने का इंतज़ार कर रही हैं। ₹3,000 देकर गुमराह न करें। बकाया पूरे ₹51,000 का भुगतान करें। पंजाब की महिलाएं जवाबदेही की हकदार हैं, बहाने की नहीं।'
राजनीतिक पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह देने का वादा किया था — जो बाद में उनकी बड़ी जीत का आधार बना। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के 51 महीने बाद भी यह राशि पूरी तरह वितरित नहीं हुई। गौरतलब है कि महिला-केंद्रित नकद हस्तांतरण योजनाएँ अब कई राज्यों में चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी हैं, और इनके क्रियान्वयन पर सवाल भी उतने ही तेज़ हैं।
आगे क्या
1 जुलाई 2025 की तारीख अब एक राजनीतिक कसौटी बन गई है — यदि राशि समय पर ट्रांसफर होती है, तो आप के लिए यह राहत होगी; यदि नहीं, तो विपक्ष के पास एक और मज़बूत मुद्दा होगा। पंजाब की लाखों पात्र महिलाएँ इस तारीख का इंतज़ार कर रही हैं।