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मावां-धीयां सत्कार योजना: 1 जुलाई को पंजाब महिलाओं को मिलेंगे तीन माह के ₹3,000–₹4,500, कांग्रेस ने उठाए ₹51,000 बकाये के सवाल

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मावां-धीयां सत्कार योजना: 1 जुलाई को पंजाब महिलाओं को मिलेंगे तीन माह के ₹3,000–₹4,500, कांग्रेस ने उठाए ₹51,000 बकाये के सवाल

सारांश

1 जुलाई की तारीख पंजाब में राजनीतिक कसौटी बन गई है। केजरीवाल ने मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत ₹3,000–₹4,500 की पहली किस्त का वादा किया, लेकिन कांग्रेस ने पूछा — 51 महीनों के ₹51,000 बकाये का क्या? 2022 का वादा बनाम 2025 की हकीकत।

मुख्य बातें

आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि 1 जुलाई को पंजाब की महिलाओं के खाते में तीन माह की सम्मान राशि एकमुश्त आएगी।
सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹3,000 (₹1,000/माह) और SC वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 (₹1,500/माह) मिलेंगे।
एक परिवार में एकाधिक पात्र महिलाएँ होने पर प्रत्येक को अलग-अलग राशि मिलेगी।
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने 51 महीनों के ₹51,000 बकाये का हवाला देते हुए आप सरकार पर जवाबदेही का दबाव बनाया।
यह योजना 2022 के विधानसभा चुनाव में आप के प्रमुख वादों में से एक थी।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पंजाब सरकार की 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 1 जुलाई को तीन महीनों की सम्मान राशि एकमुश्त ट्रांसफर की जाएगी। इस घोषणा के साथ ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने आप सरकार पर 2022 के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाते हुए तीखा पलटवार किया है।

योजना में क्या मिलेगा

पंजाब सरकार की इस योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह की सम्मान राशि दी जाएगी। पहली किस्त के रूप में अप्रैल, मई और जून — तीन महीनों की राशि एकसाथ भेजी जाएगी, यानी सामान्य वर्ग की प्रत्येक पात्र महिला को ₹3,000 और SC वर्ग की महिला को ₹4,500 मिलेंगे। उल्लेखनीय है कि एक परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएँ होने पर प्रत्येक को यह राशि अलग-अलग मिलेगी।

केजरीवाल का दावा

केजरीवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'पंजाब की सभी मां, बहनों और बेटियों को बहुत-बहुत बधाई। 1 जुलाई को उनके खाते में तीन महीने के पैसे एक साथ आयेंगे। हर सामान्य वर्ग की महिला को तीन हजार और हर अनुसूचित जाति की महिला को 4500 रुपए मिलेंगे। एक परिवार में यदि एक से अधिक महिला हैं तो हर महिला को ये सम्मान राशि मिलेगी। पूरी दुनिया का ये सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम है।' उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम बताया — हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

कांग्रेस का पलटवार: ₹51,000 बकाये का सवाल

कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने एक्स पर पोस्ट कर आप सरकार को घेरा। उन्होंने लिखा, '1 जुलाई में बस आठ दिन बचे हैं। क्या पंजाब की महिलाओं को पिछले 51 महीनों के बकाया ₹51,000 मिलेंगे? बात ₹3,000 की नहीं है। बात उन ₹51,000 की है, जिनका वादा पंजाब की हर पात्र महिला से आप सरकार के सत्ता में आने पर किया गया था। विज्ञापन और प्रचार पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए लेकिन पंजाब की महिलाएं अभी भी 2022 में किए गए वादे के पूरा होने का इंतज़ार कर रही हैं। ₹3,000 देकर गुमराह न करें। बकाया पूरे ₹51,000 का भुगतान करें। पंजाब की महिलाएं जवाबदेही की हकदार हैं, बहाने की नहीं।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब आम आदमी पार्टी ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह देने का वादा किया था — जो बाद में उनकी बड़ी जीत का आधार बना। आलोचकों का कहना है कि सत्ता में आने के 51 महीने बाद भी यह राशि पूरी तरह वितरित नहीं हुई। गौरतलब है कि महिला-केंद्रित नकद हस्तांतरण योजनाएँ अब कई राज्यों में चुनावी रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी हैं, और इनके क्रियान्वयन पर सवाल भी उतने ही तेज़ हैं।

आगे क्या

1 जुलाई 2025 की तारीख अब एक राजनीतिक कसौटी बन गई है — यदि राशि समय पर ट्रांसफर होती है, तो आप के लिए यह राहत होगी; यदि नहीं, तो विपक्ष के पास एक और मज़बूत मुद्दा होगा। पंजाब की लाखों पात्र महिलाएँ इस तारीख का इंतज़ार कर रही हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि 51 महीने की देरी के बाद ₹3,000 की किस्त उस विश्वास-खाई को कैसे पाटेगी जो ₹51,000 के अधूरे वादे ने बनाई है। महिला नकद हस्तांतरण योजनाएँ अब राष्ट्रीय चुनावी व्याकरण का हिस्सा हैं — मध्य प्रदेश की लाडली बहना से लेकर तेलंगाना की गृहलक्ष्मी तक — लेकिन जहाँ वितरण में पारदर्शिता नहीं होती, वहाँ ये योजनाएँ लाभार्थी से ज़्यादा विज्ञापन बन जाती हैं। 1 जुलाई की तारीख केवल बैंक ट्रांसफर की परीक्षा नहीं है — यह आप की विश्वसनीयता की परीक्षा है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मावां-धीयां सत्कार योजना क्या है?
यह पंजाब सरकार की महिला सम्मान राशि योजना है जिसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को ₹1,000 प्रति माह और SC वर्ग की महिलाओं को ₹1,500 प्रति माह दिए जाने का प्रावधान है। पहली किस्त के रूप में अप्रैल, मई और जून की राशि 1 जुलाई को एकमुश्त ट्रांसफर की जाएगी।
1 जुलाई को पंजाब की महिलाओं को कितने पैसे मिलेंगे?
सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को ₹3,000 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को ₹4,500 मिलेंगे — यह तीन महीनों (अप्रैल, मई, जून) की एकमुश्त राशि है। यदि परिवार में एक से अधिक पात्र महिलाएँ हैं, तो प्रत्येक को अलग-अलग राशि मिलेगी।
कांग्रेस ने ₹51,000 बकाये का मुद्दा क्यों उठाया?
कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा वडिंग का कहना है कि आप सरकार ने 2022 में सत्ता में आने पर हर पात्र महिला को ₹1,000 प्रति माह देने का वादा किया था, जो 51 महीनों में ₹51,000 बनता है। उनके अनुसार, केवल ₹3,000 देकर बाकी बकाया छुपाना महिलाओं को गुमराह करना है।
क्या इस योजना का लाभ हर महिला को मिलेगा?
योजना के तहत पंजाब की सामान्य वर्ग और अनुसूचित जाति वर्ग की पात्र महिलाएँ लाभार्थी हैं। एक परिवार में एकाधिक पात्र महिलाएँ होने पर प्रत्येक को अलग-अलग सम्मान राशि मिलेगी। पात्रता की विस्तृत शर्तें पंजाब सरकार द्वारा निर्धारित हैं।
केजरीवाल ने इस योजना को 'दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम' क्यों कहा?
अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर इसे 'पूरी दुनिया का सबसे बड़ा महिला सशक्तीकरण कार्यक्रम' बताया, हालाँकि इस दावे की कोई स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। यह उनका राजनीतिक बयान है जिसे विपक्ष ने अतिशयोक्ति करार दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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