क्रिकेट का ओलंपिक में शामिल होना सौभाग्य, गंभीर जैसे शिष्य मिलना ईश्वर का आशीर्वाद: कोच संजय भारद्वाज
सारांश
मुख्य बातें
गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ क्रिकेट कोच संजय भारद्वाज ने कहा है कि 2028 लॉस एंजेलिस ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में क्रिकेट की 128 साल बाद वापसी भारत के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है और यह उनकी जिम्मेदारी को और बढ़ाती है। 15 अगस्त को पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में भारद्वाज ने टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर को अपना सर्वश्रेष्ठ शिष्य बताते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना उनके जीवन का सौभाग्य रहा है।
जगन्नाथ दर्शन और आस्था का अनुभव
ओडिशा के पुरी पहुँचे संजय भारद्वाज ने अपनी आस्था को शब्दों में पिरोते हुए कहा, 'महाप्रभु जी के दर्शन करने के बाद, मैं बहुत धन्य महसूस कर रहा हूँ। ऐसे दर्शन हर किसी को नहीं मिलते। ऐसा लगता है जैसे हमें बुलाया गया हो और कहा गया हो — आओ, तुम्हें दर्शन कराए जाएंगे।' गौरतलब है कि भारद्वाज स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पुरी पहुँचे थे, जो उनके लिए व्यक्तिगत और राष्ट्रीय दोनों दृष्टियों से विशेष रहा।
एलबी शास्त्री एकेडमी की उपलब्धियाँ
दिल्ली में एलबी शास्त्री क्रिकेट एकेडमी का संचालन करने वाले भारद्वाज ने बताया कि उनकी एकेडमी से कम से कम 150 खिलाड़ियों ने रणजी ट्रॉफी खेली है, लगभग 40 से 45 खिलाड़ियों ने आईपीएल में हिस्सा लिया है, और करीब 12 से 15 लड़के-लड़कियों ने भारत का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने बताया कि 2019 में गुरु द्रोणाचार्य पुरस्कार (लाइफ टाइम श्रेणी) मिलने पर उन्होंने गौतम गंभीर, अमित मिश्रा, योगेंद्र सरवन, रुमेली धर, रीमा मल्होत्रा, उन्मुक्त चंद, नीतीश राणा और आर्यन जुयाल जैसे शिष्यों का उल्लेख किया था।
गौतम गंभीर — जिद्दी, जुझारू और जीतने वाले
भारद्वाज ने अपने सबसे चर्चित शिष्य और वर्तमान टीम इंडिया हेड कोच गौतम गंभीर को याद करते हुए कहा, 'गौतम गंभीर जैसे खिलाड़ी को देखिए। शुरू से ही वे एक बात को लेकर पक्के और जिद्दी थे। वह हमेशा कहते थे कि 'मुझे जीतना है।' आज भी, वे देश को जिताने के लिए खिलाड़ियों की मदद करते हैं।' भारद्वाज ने यह भी जोड़ा कि उभरते क्रिकेटर प्रियांश आर्य भी इस समय शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं और भविष्य में भी ऐसी प्रतिभाएँ आती रहेंगी।
ओलंपिक में क्रिकेट — बढ़ी जिम्मेदारी
2028 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में क्रिकेट को शामिल किए जाने पर भारद्वाज ने कहा, 'यह हमारा सौभाग्य है कि अब क्रिकेट को ओलंपिक में शामिल कर लिया गया है। इससे हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है। अगर मुझे गुरु द्रोणाचार्य अवार्ड मिला है, तो यह मेरा दायित्व बनता है कि देश के लिए और काम करूँ।' भारत के लिए ओलंपिक क्रिकेट में पदक जीतने की संभावनाओं को वे प्रबल मानते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) दोनों ओलंपिक भागीदारी की तैयारी को लेकर सक्रिय हैं।