'खेडां वतन पंजाब दियां' का चौथा संस्करण 5 सितंबर से, 10 लाख खिलाड़ियों को जोड़ने का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य के सबसे बड़े खेल महोत्सव 'खेडां वतन पंजाब दियां' के चौथे संस्करण की आधिकारिक घोषणा की। यह आयोजन 5 सितंबर से 29 नवंबर 2026 तक चलेगा और इसमें सभी आयु वर्गों के 10 लाख से अधिक प्रतिभागियों को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह अब तक का सबसे बड़ा संस्करण होने की उम्मीद है।
उद्घाटन और समापन समारोह
इस खेल महोत्सव का उद्घाटन समारोह बठिंडा के प्रतिष्ठित शहीद भगत सिंह स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। वहीं, समापन समारोह पटियाला में होगा। गौरतलब है कि पंजाब सरकार ने इस आयोजन के लिए राज्य के दो ऐतिहासिक और खेल-केंद्रित शहरों को चुना है, जो खेल संस्कृति के पुनरुद्धार की प्रतीकात्मक पहल है।
आयु वर्ग और खेल विधाएँ
इस वर्ष 14 वर्ष से लेकर 70 वर्ष से अधिक उम्र के खिलाड़ियों के लिए कुल नौ आयु वर्ग निर्धारित किए गए हैं। प्रतियोगिताओं में 38 खेल विधाओं को शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए चार पैरा-स्पोर्ट्स — एथलेटिक्स, पावरलिफ्टिंग, बैडमिंटन और व्हीलचेयर बास्केटबॉल — का भी आयोजन किया जाएगा। यह समावेशी दृष्टिकोण इस महोत्सव को अन्य राज्य स्तरीय खेल आयोजनों से अलग करता है।
पंजीकरण प्रक्रिया और नई व्यवस्था
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस वर्ष पंजीकरण प्रक्रिया को पूरी तरह सरल और नि:शुल्क रखा गया है। पहली बार खेल विभाग ने क्यूआर कोड आधारित पंजीकरण व्यवस्था शुरू की है, जिससे खिलाड़ी कभी भी और कहीं से भी अपना पंजीकरण करा सकते हैं। खिलाड़ी खेल विभाग के पोर्टल के माध्यम से भी रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं और यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
प्रतियोगिताओं का ढाँचा
प्रतियोगिताएं ब्लॉक, जिला और राज्य — तीन स्तरों पर आयोजित की जाएंगी। इसमें पंजाब के सभी 153 ब्लॉक और 23 जिले शामिल होंगे, जबकि राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं 16 जिलों में आयोजित की जाएंगी। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब सरकार युवाओं को नशे और अपराध से दूर रखने के लिए खेलों को एक सशक्त माध्यम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि 'खेडां वतन पंजाब दियां' पंजाब के हर गाँव, कस्बे और शहर में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले संस्करणों में एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों — दादा, पिता और पोते — ने एक साथ प्रतियोगिताओं में भाग लिया था, जो इस आयोजन की अनूठी पहचान बन चुकी है। मान ने सभी खिलाड़ियों से अपील की कि वे उत्साहपूर्वक इस महोत्सव में हिस्सा लें और पंजाब की खेल विरासत को आगे बढ़ाएं।