एशियन गेम्स 2026: रोहित यादव का जौनपुर में भव्य स्वागत, 84.35 मीटर थ्रो से जीता ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
भारत के जैवलिन थ्रोअर रोहित यादव का 4 अक्टूबर 2026 को उनके गृहनगर जौनपुर में भव्य स्वागत किया गया, जहाँ वे एशियन गेम्स 2026 में 84.35 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे। यह रोहित का एशियन गेम्स में पहला पदक है और वे इसका श्रेय अपने पिता की अटूट मेहनत और समर्थन को देते हैं।
पिता के संघर्ष का सफर
रोहित यादव ने अपनी भावनाएँ साझा करते हुए कहा, 'मैंने देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता है। यह मेरा पहला मेडल है। इसमें मेरे पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से मुझे यहाँ तक पहुँचाया। मुझे कुछ नहीं पता था कि जैवलिन क्या होता है और यह कैसे खेला जाता है। जैवलिन पकड़ाने के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद।'
उन्होंने आगे कहा, 'इस यात्रा में मुझे काफी लोगों ने सपोर्ट किया है और मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूँ।' रोहित का यह सफर एक ऐसे युवा की कहानी है जिसे खुद नहीं पता था कि जैवलिन क्या है — और आज वे एशियाई मंच पर पदक विजेता हैं।
प्रदर्शन का विवरण: छह में से श्रेष्ठ
रोहित यादव ने अपने पहले प्रयास में 77.25 मीटर का थ्रो फेंका। दूसरे प्रयास में वे 82.40 मीटर तक पहुँचे। उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो तीसरे प्रयास में आया — 84.35 मीटर — जिसने उन्हें पदक की दौड़ में मजबूती से खड़ा कर दिया। चौथे प्रयास में उन्होंने 82.16 मीटर और पाँचवें प्रयास में 82.15 मीटर का थ्रो फेंका।
यशवीर सिंह का सिल्वर: भारत का डबल जश्न
रोहित के साथ-साथ भारतीय जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने भी असाधारण प्रदर्शन किया। यशवीर ने अपने पहले प्रयास में 83.56 मीटर, दूसरे में 82.99 मीटर, तीसरे में 82.42 मीटर और चौथे में 84.31 मीटर का थ्रो फेंका। पाँचवें प्रयास में यशवीर ने 85.14 मीटर तय किया, लेकिन उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन छठे और अंतिम प्रयास में आया — 85.72 मीटर — जिसने उन्हें सिल्वर मेडल दिलाया।
गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा चोट के कारण एशियन गेम्स 2026 में भाग नहीं ले सके थे, जिसके चलते देश की उम्मीदें रोहित और यशवीर पर टिकी थीं — और दोनों ने उन उम्मीदों को पूरी तरह सार्थक किया।
अगला लक्ष्य: लॉस एंजिल्स ओलंपिक
रोहित यादव ने स्पष्ट किया कि उनकी नज़र अब लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर टिकी है। उन्होंने कहा, 'अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक गेम्स हैं और अब उसी की तैयारी है। अगले साल एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप है और उसी की तैयारी है।' यह बयान स्पष्ट करता है कि एशियन गेम्स का यह पदक उनके बड़े करियर लक्ष्य की दिशा में एक मज़बूत पड़ाव है।