एशियन गेम्स 2026: यशवीर सिंह को सिल्वर (85.72 मी.), रोहित यादव को ब्रॉन्ज — भाला फेंक में भारत का डबल पदक
सारांश
मुख्य बातें
नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 28 सितंबर 2026 को एशियन गेम्स 2026 की पुरुष भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में भारत ने एक साथ दो पदक अपने नाम किए। यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो से रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव ने 84.35 मीटर के प्रदर्शन से कांस्य पदक हासिल किया। स्वर्ण पदक श्रीलंका के रुमेश थारंगा ने 88.55 मीटर के शानदार थ्रो से जीता।
यशवीर सिंह का रजत पदक
यशवीर सिंह ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर की दूरी तय कर व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। इससे पहले उनके पाँचवें प्रयास में 85.14 मीटर का थ्रो था, जो उस समय तक उनका बेहतरीन प्रयास था। अंतिम दौर में उठाए इस कदम ने उन्हें रजत पदक की स्थिति में मजबूत कर दिया।
रोहित यादव का कांस्य पदक
रोहित यादव ने छह प्रयासों में अपने तीसरे प्रयास में 84.35 मीटर की सर्वश्रेष्ठ दूरी हासिल की, जो कांस्य पदक के लिए निर्णायक साबित हुई। उनके अन्य प्रयास क्रमशः 77.25 मीटर, 82.40 मीटर, 82.16 मीटर और 82.15 मीटर रहे, जबकि उनका छठा प्रयास फाउल घोषित किया गया।
थारंगा का स्वर्णिम प्रदर्शन
रुमेश थारंगा ने फाइनल में असाधारण उतार-चढ़ाव के बाद स्वर्ण पदक पक्का किया। उनका पहला थ्रो मात्र 73.53 मीटर था, दूसरे में 83.34 मीटर, तीसरा प्रयास मान्य नहीं था, चौथे में 88.33 मीटर के साथ वे शीर्ष पर पहुँचे और पाँचवाँ प्रयास फाउल रहा। अंततः छठे प्रयास में 88.55 मीटर की दूरी तय कर उन्होंने खिताब पर मुहर लगाई।
भारत के लिए यह जीत क्यों अहम है
गौरतलब है कि भाला फेंक में भारत की यह पारंपरिक रूप से मजबूत स्पर्धा रही है — खासकर नीरज चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण के बाद इस खेल में राष्ट्रीय रुचि कई गुना बढ़ी है। एक ही प्रतियोगिता में दो पदक जीतना इस बात की पुष्टि करता है कि भारत ने भाला फेंक में गहराई तैयार की है। यह ऐसे समय में आया है जब एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका में लगातार इजाफा हो रहा है।