यशवीर सिंह ने 85.41 मीटर के पर्सनल बेस्ट थ्रो से जीता कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 ब्रॉन्ज
सारांश
मुख्य बातें
भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह ने 1 अगस्त 2026 को ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की जैवलिन थ्रो स्पर्धा में 85.41 मीटर की थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। यह उनका अब तक का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उनका पहला पदक भी।
मुख्य घटनाक्रम
यशवीर के छह प्रयासों में से पहले चार प्रयास अपेक्षाकृत कमज़ोर रहे। उन्होंने दूसरे प्रयास में 78.55 मीटर और तीसरे प्रयास में 81.33 मीटर की थ्रो फेंकी, जबकि पाँचवाँ प्रयास 76.95 मीटर तक ही पहुँचा। लेकिन अपने छठे और अंतिम प्रयास में उन्होंने 85.41 मीटर की शानदार थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल सुनिश्चित किया।
यशवीर सिंह की प्रतिक्रिया
पत्रकारों से बातचीत में यशवीर ने कहा, 'यह मेरा पहला इंटरनेशनल मेडल है और मुझे बहुत ज्यादा खुशी है। मेरे पूरे परिवार ने मुझे काफी सपोर्ट किया है।' उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान नीरज चोपड़ा ने भी उनका हौसला बढ़ाया। यशवीर ने कहा, 'शुरुआत में थ्रो अच्छे नहीं जा रहे थे। जब मैंने देखा कि ब्रॉन्ज की रेस 82 मीटर के आसपास चल रही है, तो मुझे भरोसा हुआ कि मैं यह कर सकता हूँ। अंतिम थ्रो से पहले सोचा — जो होगा देखा जाएगा — और आखिरी थ्रो अच्छा चला गया।'
नीरज चोपड़ा की प्रतिक्रिया
ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा, जिन्होंने इसी स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता, ने यशवीर की सफलता पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, 'बहुत खुशी है कि मेरे साथ यशवीर भी मेडल जीतने में सफल रहे। ऐसा पहले एशियन गेम्स में हुआ था, जहाँ मैंने और किशोर ने मेडल जीता था।' नीरज ने यह भी कहा कि उनकी अपनी वापसी सही दिशा में है और वे आगामी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन की कोशिश करेंगे।
आम जनता पर असर और भारत का प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 9वें दिन भारत ने कुल 6 मेडल जीते। जूडो में अस्मिता डे और हर्ष सिंह ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि यामिनी मोर्या ने सिल्वर हासिल किया। डेकाथलॉन में तेजस्विन शंकर ने ब्रॉन्ज जीता। जैवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा और यशवीर सिंह ने मिलकर भारत को एक ही स्पर्धा में दो पदक दिलाए — यह अपने आप में उल्लेखनीय उपलब्धि है।
क्या होगा आगे
यशवीर सिंह का यह पर्सनल बेस्ट प्रदर्शन उन्हें भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं — जिनमें विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और अगले ओलंपिक चक्र शामिल हैं — के लिए एक मज़बूत दावेदार के रूप में स्थापित करता है। नीरज चोपड़ा की चोट के बाद वापसी और यशवीर की उभरती प्रतिभा भारतीय जैवलिन की भविष्य की तस्वीर को उज्जवल बनाती है।