एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने 1500 मीटर में जीता सिल्वर, नागोया में दूसरा पदक
सारांश
मुख्य बातें
भारत के लॉन्ग-डिस्टेंस रनर गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में नागोया के ट्रैक पर एक और शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीता। 28 सितंबर को हुई इस रेस में गुलवीर ने 3:36.72 के अपने पर्सनल बेस्ट समय के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। महज तीन दिन पहले 25 सितंबर को उन्होंने 10,000 मीटर फाइनल में भी सिल्वर मेडल अपने नाम किया था, जिससे इन खेलों में यह उनका दूसरा पदक बन गया।
रेस का घटनाक्रम
1500 मीटर फाइनल में गोल्ड मेडल जापान के काजुतो इजावा ने जीता, जिन्होंने 3:36.35 के एशियन गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। वह गुलवीर से केवल 0.37 सेकंड आगे रहे। ब्रॉन्ज मेडल जापान के ही नागिया मोरी ने 3:37.92 के समय के साथ जीता। गुलवीर की दौड़ उल्लेखनीय रही क्योंकि उन्होंने इसे अपना नया पर्सनल बेस्ट भी बनाया।
भारतीय एथलेटिक्स में ऐतिहासिक उपलब्धि
उत्तर प्रदेश के अतरौली गाँव के रहने वाले गुलवीर के लिए यह एशियन गेम्स में कुल तीसरा पदक है। इससे पहले 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में उन्होंने 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। इस तरह वह पुरुषों की 10,000 मीटर स्पर्धा में दो एशियन गेम्स मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। गौरतलब है कि लॉन्ग-डिस्टेंस रनिंग में भारतीय प्रदर्शन पारंपरिक रूप से कमज़ोर रहा है, ऐसे में गुलवीर की यह उपलब्धि और भी खास हो जाती है।
साबले मेडल से चूके
भारत के स्टार स्टीपलचेज़र अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ फाइनल में पदक नहीं जीत पाए। वह 8:21.67 के अपने सीज़न बेस्ट समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। गोल्ड जापान के र्युजी मिउरा ने जीता, जो साबले से 4.31 सेकंड आगे रहे। जापान के र्योमा आओकी ने 8:17.60 के समय के साथ सिल्वर और कतर के जकारिया इलाहलामी ने 8:18.13 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
यूनुस शाह का फाइनल में संघर्ष
भारतीय एथलीट यूनुस शाह भी 1500 मीटर फाइनल में शामिल थे। हीट राउंड में उनकी ओवरऑल टाइमिंग 3:45.77 रही, जो गुलवीर की हीट टाइमिंग 3:45.79 से थोड़ी बेहतर थी — दोनों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। हालाँकि, फाइनल में यूनुस अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके और 3:43.88 के समय के साथ नौवें स्थान पर रहे।
आगे की राह
एशियन गेम्स 2026 में गुलवीर सिंह का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए उत्साहजनक संकेत है। उनकी पर्सनल बेस्ट टाइमिंग और लगातार पदक जीतने की क्षमता यह दर्शाती है कि भारत अब मध्यम और लंबी दूरी की दौड़ में भी एशियाई स्तर पर प्रतिस्पर्धी बन रहा है।