गुलवीर सिंह की एशियन गेम्स 2026 में मेडल हैट्रिक, 5000 मीटर में ब्रॉन्ज जीतकर रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय धावक गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में मंगलवार, 29 सितंबर को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ का फाइनल 13:32.75 सेकंड में पूरा करते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया और इस एडिशन में अपनी मेडल हैट्रिक पूरी की। इस उपलब्धि के साथ गुलवीर एशियन गेम्स के एक ही संस्करण में तीन मेडल जीतने वाले बीते 40 वर्षों के पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।
5000 मीटर फाइनल का घटनाक्रम
बहरीन के बिरहानु बालेव ने 13:30.79 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि जापान के यामागुची टोमोनोरी 13:31.43 सेकंड में रेस पूरी कर दूसरे स्थान पर रहे। गुलवीर ने रेस की शुरुआत से ही अग्रणी समूह के साथ कदमताल बनाए रखी और शुरुआती 2000 मीटर के बाद तीसरे स्थान पर थे।
रेस के निर्णायक दौर में उन्होंने अपनी स्थिति मजबूती से बनाए रखी, हालाँकि शीर्ष दो स्थानों के लिए चुनौती पेश करना उनके लिए संभव नहीं हो सका। बावजूद इसके, ब्रॉन्ज मेडल के साथ उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा।
इस एडिशन में गुलवीर का पूरा मेडल सफर
गुलवीर ने एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ से की, जहाँ उन्होंने 28:29.38 सेकंड का समय लेकर सिल्वर मेडल जीता। यह विशेष उपलब्धि इसलिए भी है क्योंकि वे इस इवेंट में दो एशियन गेम्स मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए — उन्होंने इससे पहले हांग्जो एशियन गेम्स 2023 में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
इसके बाद पुरुषों की 1500 मीटर दौड़ में उन्होंने अपना पर्सनल बेस्ट समय 3:36.72 सेकंड दर्ज करते हुए दूसरे स्थान पर रहकर एक और सिल्वर मेडल हासिल किया। और अब 5000 मीटर में ब्रॉन्ज के साथ उनकी हैट्रिक पूर्ण हुई — दो सिल्वर और एक ब्रॉन्ज।
पीटी उषा के बाद ऐतिहासिक उपलब्धि
गुलवीर की यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय है कि उनसे पहले पीटी उषा ने 1986 एशियन गेम्स में एक ही एडिशन में चार मेडल जीते थे। गौरतलब है कि पिछले 40 वर्षों में कोई भी भारतीय एथलीट एक एशियन गेम्स में तीन या उससे अधिक मेडल नहीं जीत पाया था। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय एथलेटिक्स अंतरराष्ट्रीय मंच पर लगातार बेहतर प्रदर्शन की ओर अग्रसर है।
अन्य भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन
महिलाओं की 800 मीटर फाइनल में भारत की पूजा ओल्ला 2:06.72 सेकंड के समय के साथ सातवें स्थान पर रहीं। इस रेस में स्वर्ण पदक चीन की वू होंगजियाओ ने 2:04.49 सेकंड के समय के साथ जीता।
पुरुषों की 800 मीटर फाइनल में भारत के मोहम्मद अफसल पुलिक्कलाकाथ 1:48.27 सेकंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे। इस रेस में जापान के को ओचियाई ने 1:44.48 सेकंड का समय दर्ज करते हुए न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि ईरान के सज्जाद मोरादी का 16 साल पुराना एशियन गेम्स रिकॉर्ड (1:44.74 सेकंड) भी तोड़ दिया।
आगे क्या
गुलवीर के इस प्रदर्शन ने उन्हें भारतीय मिडिल और लॉन्ग-डिस्टेंस रनिंग के सबसे चमकदार सितारे के रूप में स्थापित कर दिया है। एशियन गेम्स 2026 में उनकी तिहरी सफलता भविष्य में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए भारत की उम्मीदों को नई ऊँचाई देती है।