25 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में जीता सिल्वर, दो एशियाई खेलों में पदक पाने वाले पहले भारतीय बने

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
एशियन गेम्स 2026: गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में जीता सिल्वर, दो एशियाई खेलों में पदक पाने वाले पहले भारतीय बने

सारांश

गुलवीर सिंह ने नागोया में 10,000 मीटर में सिर्फ 1.87 सेकंड के अंतर से स्वर्ण चूका, लेकिन सिल्वर जीतकर इतिहास रच दिया — एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में लगातार दो पदक पाने वाले पहले भारतीय बने। 2026 में कॉमनवेल्थ के बाद एशियाई पोडियम — यह भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस एथलेटिक्स का नया अध्याय है।

मुख्य बातें

गुलवीर सिंह ने 25 सितंबर 2026 को नागोया में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता।
वे एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में लगातार दो पदक जीतने वाले पहले भारतीय धावक बन गए हैं।
स्वर्ण पदक बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 में जीता; गुलवीर उनसे महज 1.87 सेकंड पीछे रहे।
2026 सीजन में गुलवीर ने कॉमनवेल्थ गेम्स में भी 10,000 मीटर सिल्वर और 5,000 मीटर ब्रॉन्ज जीते।
गुलवीर ने सफलता का श्रेय एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट के सहयोग को दिया।

भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस धावक गुलवीर सिंह ने 25 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 का समय निकालकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वे एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में लगातार दो संस्करणों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए।

रेस का विवरण और अंतिम परिणाम

कुल 25 लैप की इस प्रतियोगिता में बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर उनसे महज 1.87 सेकंड पीछे रहकर दूसरे स्थान पर रहे। बहरीन के ही अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया, जबकि चीन के वांग वेनजी 28:38.14 के साथ चौथे स्थान पर रहे।

दौड़ के अधिकांश हिस्से में गुलवीर लीड ग्रुप के साथ बने रहे। जब 2,000 मीटर की दौड़ शेष थी, तब वे पदक की दौड़ में मजबूत स्थिति में थे। उन्होंने बहरीन के दो धावकों के बीच अपनी जगह बनाते हुए अंतिम चरण में संयम का परिचय दिया।

ऐतिहासिक उपलब्धि

गुलवीर पिछले एशियन गेम्स में 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुके थे। नागोया में सिल्वर पदक के साथ उन्होंने न केवल अपने पिछले प्रदर्शन को बेहतर किया, बल्कि इस स्पर्धा में लगातार दो एशियाई खेलों में पोडियम पर खड़े होने वाले देश के पहले पुरुष धावक भी बन गए। यह इस प्रकार भारतीय लॉन्ग-डिस्टेंस एथलेटिक्स के लिए एक मील का पत्थर है।

गौरतलब है कि 2026 का सीजन गुलवीर के लिए असाधारण रूप से शानदार रहा है — इससे पहले उन्होंने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल भी जीते।

गुलवीर की रेस रणनीति

गुलवीर ने बताया कि उनकी तैयारी समय के पीछे भागने के बजाय चैंपियनशिप रेस की प्रकृति को ध्यान में रखकर की गई थी। उन्होंने कहा, 'चैंपियनशिप रेस उन रेस से हमेशा अलग होती हैं जिनमें आप समय का पीछा कर रहे होते हैं। मेरा प्लान था कि शांत रहूं, लीड ग्रुप के साथ चलूं और सही समय पर अपनी चाल चलूं। मैंने उस रेस प्लान पर भरोसा किया जिस पर मैंने और मेरे कोच ने चर्चा की थी, पूरे समय धैर्य बनाए रखा और यह काम कर गया।'

उन्होंने जोड़ा, 'एशियन गेम्स में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीतकर अच्छा लग रहा है। यह मेडल हौसला बढ़ाने वाला है, लेकिन मुझे पता है कि अभी लंबा सफर तय करना है और आगे कई और रेस होनी हैं।'

सपोर्ट सिस्टम का योगदान

गुलवीर ने अपनी सफलता का श्रेय एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट को दिया। उन्होंने कहा, 'मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया का सहयोग मिल रहा है। उन्होंने ऐसा माहौल बनाया है जहाँ मैं पूरी तरह से ट्रेनिंग और रिकवरी पर ध्यान दे सकता हूं।'

उन्होंने कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, स्ट्रेंथ-कंडीशनिंग विशेषज्ञ और रिकवरी स्टाफ — सभी की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, 'इस स्तर पर अक्सर छोटी-छोटी चीजें ही सबसे बड़ा फर्क डालती हैं। जब इन छोटी-छोटी बातों का लगातार ध्यान रखा जाता है, तो रेस के दिन बेहतर परफॉर्मेंस करने में मदद मिलती है।'

आगे की राह

गुलवीर ने स्पष्ट किया कि उनका ध्यान परिणामों की बजाय निरंतर प्रगति पर टिका है। उन्होंने कहा, 'हर साल मेरा मकसद बस थोड़ा और बेहतर करना होता है। मेडल जीतना एक अच्छा नतीजा है, मगर मेरे लिए जरूरी बात यह है कि तरक्की जारी रहे।' नागोया में यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स में लॉन्ग-डिस्टेंस दौड़ की बढ़ती प्रतिस्पर्धात्मकता का संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

एक नई निरंतरता है।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुलवीर सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
गुलवीर सिंह ने 25 सितंबर 2026 को नागोया में पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 28:29.38 के समय के साथ सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ ही वे एशियाई खेलों की इस स्पर्धा में लगातार दो संस्करणों में पदक जीतने वाले पहले भारतीय धावक बन गए।
10,000 मीटर रेस में स्वर्ण पदक किसने जीता?
बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। गुलवीर सिंह उनसे सिर्फ 1.87 सेकंड पीछे रहे। बहरीन के अल्बर्ट किप्टू ने 28:34.38 के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
गुलवीर सिंह ने अपनी रेस रणनीति के बारे में क्या बताया?
गुलवीर ने कहा कि उनकी रणनीति समय का पीछा करने के बजाय शांत रहकर, लीड ग्रुप के साथ चलकर और सही समय पर दांव खेलने की थी। उन्होंने अपने कोच के साथ तय रेस प्लान पर पूरे समय भरोसा बनाए रखा।
2026 सीजन में गुलवीर सिंह के अन्य प्रमुख पदक कौन से हैं?
2026 में गुलवीर सिंह ने ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में 10,000 मीटर में सिल्वर और 5,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। एशियन गेम्स 2026 के सिल्वर के साथ यह उनका बेहद शानदार सीजन रहा है।
गुलवीर सिंह ने किसे अपनी सफलता का श्रेय दिया?
गुलवीर ने अपनी सफलता का श्रेय एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया और इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट को दिया। उन्होंने कोच, फिजियोथेरेपिस्ट, स्ट्रेंथ-कंडीशनिंग विशेषज्ञ और रिकवरी स्टाफ की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 4 महीने पहले