एशियन गेम्स तैराकी: ऋषभ दास 100 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल में छठे, जियायु जू ने 51.98 सेकंड में जीता गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय तैराक ऋषभ दास ने 20 सितंबर 2026 को टोक्यो में जारी एशियन गेम्स के पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक फाइनल में 54.77 सेकंड का समय निकालकर छठा स्थान हासिल किया। चीन के जियायु जू ने 51.98 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि हिदेकाजु ताकेहारा (53.93 सेकंड) को रजत और साउथ कोरिया के जुहो ली (53.94 सेकंड) को कांस्य पदक मिला।
हीट से फाइनल तक का सफर
दास ने हीट राउंड में दमदार प्रदर्शन करते हुए 54.85 सेकंड के समय के साथ ओवरऑल पाँचवाँ स्थान हासिल किया और फाइनल में अपनी जगह पक्की की। हीट 3 में वे तीसरे स्थान पर रहे और कांस्य विजेता जुहो ली से केवल 0.42 सेकंड पीछे थे।
चीन के एशियन रिकॉर्ड धारक जियायु जू ने हीट में 52.63 सेकंड के साथ ओवरऑल स्टैंडिंग में शीर्ष स्थान पाया था, जो उनके फाइनल प्रदर्शन का संकेत पहले ही दे रहा था।
उत्कर्ष पाटिल और फ्रीस्टाइल में भारत का प्रदर्शन
दास के साथी तैराक उत्कर्ष पाटिल फाइनल में पहुँचने से मामूली अंतर से चूक गए। उन्होंने अपनी हीट में छठा और कुल मिलाकर 12वाँ स्थान हासिल करने के लिए 56.19 सेकंड का समय लिया।
पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल हीट में भी भारत का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नहीं रहा। रोहित बेनेडिक्टन 'हीट 5' में 50.25 सेकंड के साथ पाँचवें और ओवरऑल 12वें स्थान पर रहे, तथा रिजर्व स्पॉट हासिल किया। आकाश मणि उसी हीट में 50.85 सेकंड के साथ आठवें स्थान पर रहे और आगे नहीं बढ़ पाए।
आगे के इवेंट और दास का अगला लक्ष्य
एशियन गेम्स में दास का सफर अभी समाप्त नहीं हुआ है। वे सोमवार को 50 मीटर बैकस्ट्रोक इवेंट में उतरेंगे, जिसमें ओलंपियन श्रीहरि नटराज भी भाग लेंगे। इसके अलावा दास पुरुषों की 4x100 मीटर मेडले रिले में भी हिस्सा लेंगे।
सोमवार को आकाश मणि और हीर गीतेश शाह पुरुषों की 50 मीटर फ्रीस्टाइल में, धनुष सुरेश पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में, और सुनील कुमार गौड़ा तथा वेदांत महादेवन 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
12 साल पुराने सूखे को खत्म करने की उम्मीद
भारतीय तैराकी की एशियन गेम्स में पदक की तलाश अभी जारी है। आखिरी बार संदीप सेजवाल ने 2013 में 50 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया था — यानी 12 साल से तैराकी में कोई पदक नहीं आया। हांगझोऊ 2023 में भारतीय तैराकों ने 6 राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़े, फिर भी बिना किसी पदक के वापस लौटे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत तैराकी के बुनियादी ढाँचे में निवेश बढ़ा रहा है और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए युवा तैराकों को तैयार कर रहा है।
आने वाले इवेंट में श्रीहरि नटराज की उपस्थिति उम्मीद की एक नई किरण है — यदि भारत कोई पदक जीत पाया तो यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।