30 जून 2026
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रोहित यादव का 87.05 मीटर पर्सनल बेस्ट, नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप 2026 में जैवलिन खिताब और एशियन गेम्स कोटा

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रोहित यादव का 87.05 मीटर पर्सनल बेस्ट, नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप 2026 में जैवलिन खिताब और एशियन गेम्स कोटा

सारांश

गरीबी से उठकर बांस के भाले से शुरुआत करने वाले रोहित यादव ने 87.05 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ नेशनल जैवलिन खिताब जीता और एशियन गेम्स 2026 का टिकट कटाया। 2023 की कोहनी सर्जरी के बाद यह वापसी उन्हें नीरज चोपड़ा के बाद भारत के सबसे चमकदार जैवलिन दावेदार के रूप में स्थापित करती है।

मुख्य बातें

रोहित यादव ने 29 जून 2026 को नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में 87.05 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ पुरुष जैवलिन थ्रो खिताब जीता।
इस थ्रो ने AFI के एशियन गेम्स 2026 क्वालीफाइंग मार्क 77.87 मीटर को पार किया; यशवीर सिंह ( 83.72 मीटर ) और सचिन यादव ( 82.32 मीटर ) ने भी क्वालीफाई किया।
रोहित ने 2023 में कोहनी की सर्जरी के बाद एक वर्ष के पुनर्वास के बाद यह उपलब्धि हासिल की।
वह प्रतिदिन 7-8 घंटे अभ्यास करते हैं; परिवार जौनपुर, उत्तर प्रदेश से है और पिता स्वयं एथलीट रहे हैं।
रोहित पहले से ही कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की भारतीय एथलेटिक्स टीम का हिस्सा हैं।

रोहित यादव ने 29 जून 2026 को नेशनल इंटर-स्टेट सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में 87.05 मीटर के पर्सनल बेस्ट थ्रो के साथ पुरुष जैवलिन थ्रो का खिताब अपने नाम किया। इस प्रदर्शन के साथ 25 वर्षीय जौनपुर (उत्तर प्रदेश) के इस एथलीट ने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) के एशियन गेम्स 2026 के लिए निर्धारित 77.87 मीटर के क्वालीफाइंग मार्क को भी पार कर लिया।

मुख्य घटनाक्रम

रोहित का यह थ्रो इसी महीने लुधियाना में दर्ज किए गए उनके पिछले पर्सनल बेस्ट 83.76 मीटर से साढ़े तीन मीटर से अधिक बेहतर है। इस सीज़न में रोहित से आगे केवल श्रीलंका के रुमेश थरंगा (92.62 मीटर) रहे हैं, जबकि नीरज चोपड़ा का इस सीज़न का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 85.69 मीटर रहा है। रोहित पहले से ही भारत की कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 एथलेटिक्स टीम का हिस्सा हैं।

चैंपियनशिप में यशवीर सिंह 83.72 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप के फाइनलिस्ट सचिन यादव 82.32 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। इन दोनों ने भी एशियन गेम्स का क्वालीफाइंग स्टैंडर्ड हासिल कर लिया। हांग्जो 2023 एशियन गेम्स में रजत पदक जीतने वाले किशोर जेना 77.21 मीटर के साथ पाँचवें स्थान पर रहे।

संघर्ष और समर्पण की कहानी

रोहित के बड़े भाई राहुल यादव ने बताया कि परिवार ने बचपन में गहरी गरीबी झेली है। उन्होंने कहा, 'हमने बांस का भाला बनाकर इस खेल को सीखना शुरू किया था। हमारे पिता ने साल 2013 में हमें इस खेल से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।' राहुल ने यह भी बताया कि कोहनी की चोट के कारण उन्हें खुद इस खेल में दिक्कत आई, लेकिन रोहित की तकनीक मज़बूत थी और वह बीते 12 वर्षों से निरंतर शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।

साल 2023 में रोहित को कोहनी की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने सर्जरी करवाई और एक वर्ष तक पुनर्वास में रहे। इस चुनौती से उबरकर उनकी वापसी और इस स्तर का प्रदर्शन उनकी मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है।

दिनचर्या और परिवार का योगदान

राहुल के अनुसार, रोहित दिन में दो बार 3-4 घंटे प्रैक्टिस करते हैं — यानी प्रतिदिन कुल 7-8 घंटे का अभ्यास। उनके पिता स्वयं एथलीट रहे हैं और उन्होंने ही रोहित को खेल की बारीकियाँ सिखाईं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी रोहित को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए सम्मानित कर चुके हैं।

रोहित की माँ ने कहा, 'मुझे बेटे की उपलब्धि पर बहुत खुशी है। रोहित ने पूरे देश का नाम रोशन किया है। हमने काफी गरीबी झेली है, काफी संघर्ष किया है। रोहित जहाँ भी रहें, रोज़ाना इस खेल की प्रैक्टिस करते हैं।'

एशियन गेम्स 2026 की तस्वीर

नीरज चोपड़ा पहले ही एशियन गेम्स 2026 के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। अब रोहित यादव, यशवीर सिंह और सचिन यादव भी इस इवेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय जैवलिन थ्रो में गहराई बढ़ रही है और नीरज के बाद की पीढ़ी खुद को स्थापित करने की कोशिश में है।

गौरतलब है कि रोहित का यह प्रदर्शन भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत है — आने वाले महीनों में एशियन गेम्स की अंतिम टीम चयन प्रक्रिया में यह थ्रो निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर यह भी याद रखना होगा कि भारतीय एथलेटिक्स में प्रतिभाशाली खिलाड़ी अक्सर चोट और संसाधनों की कमी के बीच झूलते रहते हैं। रोहित की सफलता तभी पूरी होगी जब संस्थागत समर्थन उनकी मेहनत के बराबर खड़ा हो।
RashtraPress
30 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रोहित यादव ने नेशनल इंटर-स्टेट चैंपियनशिप 2026 में कितने मीटर का थ्रो किया?
रोहित यादव ने 87.05 मीटर का थ्रो किया, जो उनका पर्सनल बेस्ट है। इससे पहले उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन इसी महीने लुधियाना में दर्ज 83.76 मीटर था।
रोहित यादव ने एशियन गेम्स 2026 के लिए कैसे क्वालीफाई किया?
एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) ने एशियन गेम्स 2026 के लिए 77.87 मीटर का क्वालीफाइंग मार्क निर्धारित किया था। रोहित ने 87.05 मीटर का थ्रो करके इस मार्क को पार किया और एशियन गेम्स कोटा हासिल किया।
रोहित यादव की कोहनी की सर्जरी कब हुई थी?
रोहित यादव को साल 2023 में कोहनी की गंभीर समस्या हुई थी, जिसके बाद उन्होंने सर्जरी करवाई। इसके बाद उन्हें ठीक होने में करीब एक वर्ष का समय लगा।
नेशनल इंटर-स्टेट जैवलिन थ्रो 2026 में दूसरे और तीसरे स्थान पर कौन रहे?
यशवीर सिंह 83.72 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि विश्व चैंपियनशिप के पूर्व फाइनलिस्ट सचिन यादव 82.32 मीटर के साथ तीसरे स्थान पर रहे। दोनों ने एशियन गेम्स 2026 का क्वालीफाइंग मार्क भी पार किया।
रोहित यादव कहाँ से हैं और उनकी ट्रेनिंग कैसी है?
रोहित यादव का परिवार जौनपुर, उत्तर प्रदेश में रहता है। उनके पिता स्वयं एथलीट रहे हैं और उन्होंने 2013 में रोहित को जैवलिन थ्रो से जोड़ा। रोहित प्रतिदिन दो सत्रों में 3-4 घंटे, यानी कुल 7-8 घंटे अभ्यास करते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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