4 अक्टूबर 2026
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सेंसेक्स 71,909 पर बंद, लगातार आठवां गिरावट वाला सप्ताह; निफ्टी के लिए 22,800 का अपसाइड टारगेट

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सेंसेक्स 71,909 पर बंद, लगातार आठवां गिरावट वाला सप्ताह; निफ्टी के लिए 22,800 का अपसाइड टारगेट

सारांश

भारतीय शेयर बाजार लगातार आठवें सप्ताह लाल निशान पर बंद हुआ — सेंसेक्स 1,670 अंक टूटा और नया 52-सप्ताह निचला स्तर छुआ। FII बिकवाली और कच्चे तेल की चाल बाजार को दबाए हुए हैं, लेकिन विशेषज्ञ 71,000-71,200 के सपोर्ट जोन से रिलीफ रैली की उम्मीद जता रहे हैं।

मुख्य बातें

सेंसेक्स बीते सप्ताह 1,670.84 अंक टूटा; निफ्टी में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई — लगातार आठवाँ गिरावट वाला सप्ताह।
सेंसेक्स गुरुवार को 71,909.70 पर बंद हुआ; इंट्राडे में 71,292.88 का नया 52-सप्ताह निचला स्तर बना।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 71,000-71,200 का दायरा सेंसेक्स के लिए प्रमुख सपोर्ट जोन है।
निफ्टी के लिए निकट अवधि का पहला अपसाइड टारगेट 22,800 , फिर 23,100-23,200 बताया गया है।
सेंसेक्स अपने 50-दिवसीय EMA (75,544) और 200-दिवसीय EMA (77,684) से काफी नीचे — कमजोरी का संकेत।
निफ्टी के अप्रैल निचले स्तर से नीचे जाने पर 21,700-22,000 तक फिसलने का जोखिम।

भारतीय शेयर बाजार ने 4 अक्टूबर 2026 को समाप्त सप्ताह में लगातार आठवीं साप्ताहिक गिरावट दर्ज की — विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली, कच्चे तेल की चढ़ती कीमतों और कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते बाजार पर दबाव बना रहा। हालांकि तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, प्रमुख सपोर्ट स्तरों के करीब पहुँचने और ओवरसोल्ड संकेतकों के कारण निकट अवधि में राहतभरी तेजी (रिलीफ रैली) की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

साप्ताहिक गिरावट का ब्यौरा

बीते पूरे सप्ताह में सेंसेक्स कुल 1,670.84 अंक टूटा, जबकि निफ्टी में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। सोमवार को सेंसेक्स 1.52 प्रतिशत लुढ़का और बिकवाली का दबाव पूरे सप्ताह बना रहा। गुरुवार को सूचकांक में 0.79 प्रतिशत की और गिरावट दर्ज हुई, जो लगातार चौथे कारोबारी सत्र की मंदी थी।

सत्र के अंत में सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71,909.70 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 71,292.88 के स्तर तक फिसला, जो इसका नया 52-सप्ताह का निचला स्तर रहा। वहीं निफ्टी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत गिरकर 22,421.95 पर बंद हुआ।

तकनीकी संकेत और सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सेंसेक्स अपने प्रमुख मूविंग एवरेज से काफी नीचे कारोबार कर रहा है। यह 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 75,544.56 और 200-दिवसीय EMA 77,684.60 — दोनों से नीचे है, जो बाजार में अंतर्निहित कमजोरी का संकेत है।

हालांकि तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि 71,000 से 71,200 के बीच का क्षेत्र सेंसेक्स के लिए एक महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है। यदि यह स्तर टिका रहता है, तो बाजार में कुछ रिकवरी देखने को मिल सकती है। दूसरी ओर, 72,300 से 72,500 का दायरा निकट अवधि का प्रमुख रेजिस्टेंस जोन माना जा रहा है।

निफ्टी के लिए अपसाइड टारगेट

विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और हेज्ड रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उनके अनुसार, निफ्टी के लिए 22,800 पहला अपसाइड लक्ष्य हो सकता है, और इसके बाद 23,100 से 23,200 का स्तर अगला संभावित लक्ष्य रहेगा।

यह ऐसे समय में आया है जब व्यापक बाजार संरचना अभी भी कमजोर बनी हुई है, लेकिन ओवरसोल्ड संकेतकों और प्रमुख सपोर्ट स्तरों के करीब पहुँचने के कारण निकट अवधि में उछाल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

डाउनसाइड जोखिम

विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि निफ्टी अप्रैल के निचले स्तरों से भी नीचे चला जाता है, तो रिकवरी की संभावना कमजोर पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में सूचकांक 21,700 से 22,000 के दायरे तक फिसल सकता है — जो निवेशकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है।

आगे क्या देखें

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा मुख्य रूप से वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों, बॉन्ड यील्ड्स और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। गौरतलब है कि यदि FII की बिकवाली में कमी आती है और तेल कीमतों में नरमी आती है, तो बाजार में राहत की संभावना बढ़ सकती है। वहीं, वैश्विक अनिश्चितताएँ बनी रहने पर अस्थिरता जारी रह सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक गहरी संरचनात्मक चुनौती का संकेत है — FII बिकवाली और कच्चे तेल की दोहरी मार ने घरेलू निवेशकों का भरोसा डिगाया है। विशेषज्ञों का 22,800 का टारगेट उम्मीद देता है, लेकिन यह तभी साकार होगा जब वैश्विक मोर्चे पर ठोस राहत मिले — जो अभी अनिश्चित है। सेंसेक्स का 52-सप्ताह का नया निचला स्तर इस बात की याद दिलाता है कि रिलीफ रैली की भविष्यवाणी और उसका वास्तव में आना दो अलग बातें हैं; खुदरा निवेशकों को 'खरीदने का मौका' की सलाह सावधानी से परखनी चाहिए।
RashtraPress
4 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेंसेक्स के लिए 71,000-71,200 का सपोर्ट जोन क्यों महत्वपूर्ण है?
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, 71,000 से 71,200 के बीच का क्षेत्र सेंसेक्स के लिए एक प्रमुख सपोर्ट जोन है, जहाँ खरीदारी का दबाव सक्रिय हो सकता है। यदि यह स्तर टिका रहता है, तो बाजार में शॉर्ट-टर्म रिकवरी की संभावना बनती है।
निफ्टी का अगला टारगेट क्या है?
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,800 पहला अपसाइड लक्ष्य है। इसके बाद 23,100 से 23,200 का स्तर अगला संभावित टारगेट रहेगा, बशर्ते वैश्विक संकेत अनुकूल हों।
शेयर बाजार में लगातार आठ सप्ताह की गिरावट के मुख्य कारण क्या हैं?
बाजार में लगातार गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं — विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की निरंतर बिकवाली, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और ऊँची बॉन्ड यील्ड। इन सभी ने मिलकर निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है।
यदि निफ्टी अप्रैल के निचले स्तर से नीचे जाए तो क्या होगा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि निफ्टी अप्रैल के निचले स्तरों से भी नीचे फिसलता है, तो रिकवरी की संभावना कमजोर पड़ सकती है और सूचकांक 21,700 से 22,000 के दायरे तक गिर सकता है।
निवेशकों को अभी क्या रणनीति अपनानी चाहिए?
बाजार विशेषज्ञों ने निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और हेज्ड रणनीति अपनाने की सलाह दी है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और FII गतिविधियों पर निर्भर करेगी।
राष्ट्र प्रेस
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