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क्या प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी और सेंसेक्स की 4 हफ्ते की बढ़त का सिलसिला टूट गया?

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क्या प्रॉफिट बुकिंग के कारण निफ्टी और सेंसेक्स की 4 हफ्ते की बढ़त का सिलसिला टूट गया?

सारांश

इस हफ्ते भारतीय बेंचमार्क सूचकांकों ने प्रॉफिट-बुकिंग के चलते मामूली गिरावट का सामना किया, जिससे चार हफ्तों का सकारात्मक ट्रेंड समाप्त हो गया। जानें इस गिरावट के कारण और भविष्य में बाजार का रुख क्या हो सकता है।

मुख्य बातें

सेंसेक्स ने 465.75 अंक की गिरावट दर्ज की।
निफ्टी में 155.75 अंक की कमी आई।
ग्लोबल संकेत ों का असर बाजार पर पड़ा।
निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए।
अगले आर्थिक संकेतों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

मुंबई, 1 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय बेंचमार्क सूचकांक प्रॉफिट-बुकिंग और मिश्रित ग्लोबल संकेतों के बीच इस हफ्ते मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। इस गिरावट के साथ ही सूचकांकों की चार हफ्ते की लगातार बढ़त का सिलसिला टूट गया।

सेंसेक्स और निफ्टी कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए। सेंसेक्स 465.75 अंक या 0.55 प्रतिशत की गिरावट के बाद 83,938.71 स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 155.75 अंक 0.60 प्रतिशत की गिरावट के बाद 25,722.10 स्तर पर बंद हुआ।

रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च के एसवीपी, अजीत मिश्रा ने कहा, "मजबूत मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी के कारण सितंबर 2025 में भारत का इंडस्ट्रियल आउटपुट सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़ा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में हालिया 25 बेसिस पॉइंट कटौती के साथ संकेत दिया कि यह 2025 की आखिरी ब्याज दर कटौती हो सकती है। इसी के साथ अगली बैठक में फेड के ब्याज दरों में रेट कट की उम्मीद कहीं न कहीं खत्म हो गई।"

उन्होंने आगे कहा कि स्थिर कॉर्पोरेट अर्निंग और अक्टूबर के दौरान एफआईआई के लगातार निवेश से गिरावट को रोकने में मदद मिली।

मेटल, एनर्जी और रियल्टी स्टॉक ने रैली को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दर्ज करवाया, जबकि ऑटो, फार्मा और आईटी स्टॉक में प्रॉफिट-टेकिंग देखी गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा, "जहां एक ओर पीएसयू बैंक शेयर विदेशी निवेश की सीमा में संभावित बढ़ोतरी की खबरों के बीच बढ़त में रहे, वहीं, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति के संकेतों और चीन के स्टील की ओवरकैपेसिटी को कम करने के वादे से मेटल शेयर चढ़ गए।"

मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि निफ्टी को अभी 25,600 और 25,400 के ज़ोन के पास सपोर्ट मिल रहा है, जबकि रेजिस्टेंस 26,100 के आसपास दिख रहा है।

इसके अलावा, इंवेस्टर्स की नजर भारत अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील और डेवलप्ड मार्केट ट्रेंड पर रहने वाली है। वहीं, कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे भी घोषित करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं कहता हूँ कि वर्तमान स्थिति में बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है। निवेशकों को धैर्य रखना चाहिए और मौजूदा आर्थिक संकेतों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करना चाहिए। यह समय सतर्कता बरतने और सही निर्णय लेने का है।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या निफ्टी और सेंसेक्स की गिरावट का कारण केवल प्रॉफिट-बुकिंग है?
नहीं, इसके पीछे वैश्विक संकेतों और आर्थिक गतिविधियों का भी असर है।
क्या यह गिरावट लंबे समय तक रहेगी?
यह बाजार की स्थिति और आगामी आर्थिक संकेतों पर निर्भर करता है।
निवेशकों को इस समय क्या करना चाहिए?
निवेशकों को बाजार की स्थिति का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करना चाहिए और धैर्य बनाए रखना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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