निफ्टी के लिए 22,800 का स्तर निर्णायक, ब्रेकआउट पर 23,300 तक तेजी संभव: विश्लेषक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय शेयर बाजार ने 11 अक्टूबर 2026 को लगातार आठ सप्ताह की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए मजबूती के साथ कारोबार समाप्त किया। निफ्टी 1.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ, जबकि BSE सेंसेक्स 1.23 प्रतिशत की तेजी लेकर 72,472.33 पर पहुँचा। विश्लेषकों के अनुसार, यह रिकवरी स्थिरता के शुरुआती संकेत तो देती है, लेकिन इसकी दीर्घकालिक टिकाऊपन 22,800 के प्रतिरोध स्तर को पार करने पर निर्भर करेगी।
साप्ताहिक प्रदर्शन और पिछली गिरावट का संदर्भ
साप्ताहिक आधार पर निफ्टी में 0.44 प्रतिशत और सेंसेक्स में 0.78 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। यह रिकवरी ऐसे समय में आई है जब पिछले आठ सप्ताहों में निफ्टी करीब 8.7 प्रतिशत और सेंसेक्स 8.4 प्रतिशत तक लुढ़क चुके थे। गौरतलब है कि आईटी शेयरों की बेहतर तिमाही नतीजों और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में मजबूत वृद्धि के संकेतों ने इस उछाल में अहम भूमिका निभाई।
निफ्टी के प्रमुख तकनीकी स्तर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, 22,200–22,250 का दायरा निफ्टी के लिए महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन है, जबकि 22,750–22,800 का स्तर तत्काल प्रतिरोध के रूप में देखा जा रहा है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि निफ्टी 22,200 के नीचे फिसलता है तो गिरावट का व्यापक रुझान फिर से शुरू हो सकता है। वहीं यदि इंडेक्स 22,800 के ऊपर मजबूती से टिकता है, तो 23,100 और 23,300 तक की तेजी का रास्ता खुल सकता है।
विश्लेषकों ने यह भी स्पष्ट किया कि 22,200 से 22,400 का क्षेत्र निफ्टी के लिए एक मजबूत सपोर्ट बेस है। यदि सूचकांक इस जोन के नीचे टिकता है, तो 21,700–22,000 तक की गिरावट की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
सेंसेक्स की तकनीकी स्थिति
सेंसेक्स ने भी आठ सप्ताह की गिरावट के बाद स्थिरता के संकेत दिए हैं, लेकिन साप्ताहिक चार्ट पर इसने हाई वेव कैंडल बनाई है — जो आमतौर पर बाजार में अनिश्चितता का संकेत मानी जाती है। विश्लेषकों के अनुसार, सेंसेक्स के लिए 73,000–73,200 का स्तर तत्काल प्रतिरोध का क्षेत्र है। यदि सूचकांक 73,200 के ऊपर निर्णायक बढ़त दर्ज करता है, तो तेजी 74,000 और उसके बाद 74,600 तक जा सकती है।
नीचे की ओर 71,200–71,000 का दायरा महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है। 71,000 के नीचे टिकने पर व्यापक बिकवाली का दबाव फिर से उभर सकता है।
विशेषज्ञों की राय: एक सप्ताह की तेजी ट्रेंड रिवर्सल नहीं
विश्लेषकों ने सावधान किया कि केवल एक सप्ताह की तेजी को ट्रेंड रिवर्सल नहीं माना जा सकता। मजबूत रिकवरी की पुष्टि के लिए लगातार खरीदारी और व्यापक बाजार भागीदारी आवश्यक होगी। आने वाले सत्रों में तकनीकी स्तरों पर बाजार की प्रतिक्रिया ही यह तय करेगी कि यह उछाल एक स्थायी पलटाव है या महज अल्पकालिक राहत।