29 सितंबर 2026
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पंजाब के खेल कल्चर को ओलंपिक पोडियम तक पहुँचाने का संकल्प: CM भगवंत मान का 2036 लक्ष्य

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पंजाब के खेल कल्चर को ओलंपिक पोडियम तक पहुँचाने का संकल्प: CM भगवंत मान का 2036 लक्ष्य

सारांश

गाँव के मैदानों से ओलंपिक पोडियम तक — भगवंत मान का यह संकल्प महज़ राजनीतिक बयान नहीं, एक सुनियोजित खेल पुनरुद्धार का खाका है। 2036 में 3-4 गोल्ड का लक्ष्य, 3,000 आधुनिक मैदान और 20,000 धावकों की बठिंडा मैराथन — पंजाब की खेल राजनीति बदल रही है।

मुख्य बातें

CM भगवंत मान ने 2036 ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ियों के लिए कम से कम 3-4 गोल्ड मेडल का लक्ष्य घोषित किया।
बठिंडा मैराथन में सभी उम्र के 20,000 से अधिक धावकों ने भाग लिया; मोहाली और पटियाला में भी मैराथन आयोजित हुई।
सरकार 3,000 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है — फ्लड लाइट्स, जॉगिंग ट्रैक और स्पोर्ट्स किट सहित।
2023 एशियाई खेलों में पंजाब के एथलीटों ने 20 मेडल (8 गोल्ड, 6 सिल्वर, 6 ब्रॉन्ज) जीते — राज्य का 72 वर्षों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन।
'खेड़ां वतन पंजाब दियां' इस वर्ष 5 सितंबर को शिक्षक दिवस से शुरू हुई; 38 खेलों में प्रदेशभर की प्रतिभाएँ भाग ले रही हैं।
खेल विभाग को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन रखा गया है; खेल को नशे के विरुद्ध लड़ाई का हिस्सा बताया गया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 29 सितंबर 2026 को राज्य में खेल संस्कृति के पुनरुद्धार पर एक विस्तृत लेख साझा किया, जिसमें उन्होंने 2036 ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ियों के लिए कम से कम तीन से चार गोल्ड मेडल जीतने का लक्ष्य निर्धारित किया। मान ने कहा कि उनका सपना पंजाब को एक बार फिर देश की खेल 'नर्सरी' बनाना है, जहाँ गाँव के मैदानों से निकली प्रतिभाएँ अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराएँ।

मुख्यमंत्री का संकल्प और दृष्टिकोण

मान ने लिखा, 'एक जोशीले राज्य का निवासी होने के नाते, मैं यह बताना चाहता हूँ कि खेल मेरे लिए, और पंजाब व यहाँ के लोगों के लिए क्या मायने रखते हैं। हालाँकि पंजाब मुख्य रूप से एक कृषि प्रधान राज्य है, लेकिन यह सदियों से योद्धाओं और नायकों की धरती भी रहा है। कड़ी मेहनत और पसीना बहाना — ये बातें खेती और खेल, दोनों पर समान रूप से लागू होती हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि पद संभालते ही खेल विभाग को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की देखरेख में रखा गया।

मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि पिछले पाँच ओलंपिक में भारत की मेडल संख्या कभी भी सात से अधिक नहीं रही। उनके अनुसार यह आँकड़ा बदलने में पंजाब की बड़ी भूमिका हो सकती है, बशर्ते कि सही बुनियादी ढाँचा और सहयोग मिले।

खेड़ां वतन पंजाब दियां: जमीनी पहल

मान सरकार की प्रमुख पहल 'खेड़ां वतन पंजाब दियां' राज्य के सभी गाँवों और शहरों में 38 अलग-अलग खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारने का मंच है। इस वर्ष इस आयोजन की शुरुआत 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर हुई। मुख्यमंत्री ने कहा, 'यह क्लासरूम के शिक्षकों से लेकर खेल के मैदान में कोच और ट्रेनर तक — सभी के प्रति हमारे सम्मान को दर्शाता है।'

गौरतलब है कि मान के अनुसार 2022 से पहले पंजाब में इस स्तर की कोई जमीनी खेल पहल कभी नहीं देखी गई थी। पिछली सरकारों ने गाँवों और कस्बों की खेल प्रतिभाओं के लिए न तो जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर दिया और न ही सपोर्ट सिस्टम।

मैराथन सीरीज और जन भागीदारी

मोहाली, पटियाला और बठिंडा में हाल ही में आयोजित मैराथन सीरीज में भारी जन भागीदारी देखी गई। बठिंडा मैराथन में अकेले सभी उम्र के 20,000 से अधिक धावकों ने हिस्सा लिया। आने वाले महीनों में पूरे राज्य में इस तरह की और मैराथन आयोजित करने की योजना है।

स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश

मान सरकार ने 2022 से राज्य में स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश का दावा किया है। सरकार 3,000 आधुनिक ग्रामीण खेल के मैदान विकसित कर रही है, जिनमें लेजर-लेवल मैदान, चेन-लिंक फेंसिंग, फ्लड लाइट्स, जॉगिंग ट्रैक और फुटबॉल, वॉलीबॉल, क्रिकेट के लिए स्टैंडर्ड स्पोर्ट्स किट शामिल होगी। राज्यभर के गाँवों में इनडोर जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं। पहले 3,000 गाँवों के बाद अगले चरण में और गाँव शामिल किए जाएँगे और यह प्रक्रिया तब तक जारी रहेगी जब तक पंजाब का हर गाँव इससे नहीं जुड़ जाता।

एशियाई खेल 2023 और वर्तमान उपलब्धियाँ

हांग्जो में हुए 2023 एशियाई खेलों में पंजाब के एथलीटों ने भारत के लिए कुल 20 मेडल जीते — आठ गोल्ड, छह सिल्वर और छह ब्रॉन्ज। मुख्यमंत्री के अनुसार यह 72 साल के एशियाई खेलों के इतिहास में पंजाब का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। इस समय राज्य के चार एथलीट क्रिकेट, हॉकी और बास्केटबॉल में भारतीय टीमों की कप्तानी कर रहे हैं।

नशे के विरुद्ध लड़ाई में खेल की भूमिका

मुख्यमंत्री ने खेल को पंजाब की नशीली दवाओं की समस्या से लड़ने का एक महत्वपूर्ण हथियार बताया। उनके अनुसार खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी से युवाओं की ऊर्जा रचनात्मक दिशा में लगती है और मैदान ऐसी जगहें बनते हैं जहाँ अनुशासन व सामूहिकता का भाव पनपता है। उन्होंने माता-पिता से भी आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को खेलों में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में नशे की समस्या वर्षों से एक गंभीर सामाजिक चुनौती बनी हुई है।

मान ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा — 'पंजाब देश का नेतृत्व करेगा। हमारा सपना: एक जीवंत, समृद्ध पंजाब (रंगला पंजाब)।' पंजाब के खेल भविष्य की असली कसौटी अब इन घोषणाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भारत की समग्र ओलंपिक कमज़ोरी का भी आईना है — पाँच ओलंपिक में सात से ज़्यादा मेडल न जीत पाना एक राष्ट्रीय विफलता की कहानी कहता है। 3,000 मैदानों का वादा ठोस है, मगर असली परीक्षा यह है कि ये मैदान बनकर कब तैयार होंगे और क्या वहाँ योग्य कोच भी होंगे — सिर्फ ढाँचा नहीं, दिशा चाहिए। पंजाब में नशे की समस्या के समाधान के रूप में खेल को प्रस्तुत करना एक सराहनीय सामाजिक रणनीति है, किंतु बिना व्यवस्थित मापन के यह भी एक और राजनीतिक नैरेटिव बनकर रह सकती है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगवंत मान का 2036 ओलंपिक में पंजाब के लिए क्या लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि वे चाहते हैं कि 2036 ओलंपिक में पंजाब के खिलाड़ी भारत के लिए कम से कम तीन से चार गोल्ड मेडल जीतें। उनका लक्ष्य पंजाब को देश की खेल 'नर्सरी' के रूप में पुनः स्थापित करना है।
'खेड़ां वतन पंजाब दियां' क्या है और इस वर्ष कब शुरू हुई?
'खेड़ां वतन पंजाब दियां' पंजाब सरकार की एक प्रमुख जमीनी खेल पहल है, जो राज्य के सभी गाँवों और शहरों में 38 अलग-अलग खेलों के माध्यम से प्रतिभाओं को निखारती है। इस वर्ष इसकी शुरुआत 5 सितंबर 2026 को शिक्षक दिवस के अवसर पर हुई।
2023 एशियाई खेलों में पंजाब के एथलीटों का प्रदर्शन कैसा रहा?
हांग्जो में हुए 2023 एशियाई खेलों में पंजाब के एथलीटों ने भारत के लिए कुल 20 मेडल जीते — जिनमें आठ गोल्ड, छह सिल्वर और छह ब्रॉन्ज शामिल थे। मुख्यमंत्री मान के अनुसार यह 72 साल के एशियाई खेलों के इतिहास में पंजाब का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
पंजाब सरकार ग्रामीण खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर क्या कर रही है?
सरकार 3,000 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिनमें लेजर-लेवल मैदान, चेन-लिंक फेंसिंग, फ्लड लाइट्स, जॉगिंग ट्रैक और विभिन्न खेलों के लिए स्टैंडर्ड स्पोर्ट्स किट शामिल होगी। राज्यभर के गाँवों में इनडोर जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं और पहले चरण के बाद अगले 3,000 गाँवों को कवर करने की योजना है।
भगवंत मान ने खेल को नशे की समस्या से कैसे जोड़ा है?
मुख्यमंत्री मान ने खेल को पंजाब की नशीली दवाओं की समस्या के खिलाफ लड़ाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। उनके अनुसार खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी से युवाओं की ऊर्जा रचनात्मक दिशा में लगती है और मैदानों पर अनुशासन व सामूहिकता का भाव विकसित होता है।
राष्ट्र प्रेस
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