28 जून 2026
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भगवंत मान ने लुधियाना में 'सूरमा' योजना लॉन्च की, नशामुक्त युवाओं को रोज़गार और सम्मान का वादा

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भगवंत मान ने लुधियाना में 'सूरमा' योजना लॉन्च की, नशामुक्त युवाओं को रोज़गार और सम्मान का वादा

सारांश

पंजाब में नशामुक्ति अभियान अब एक नए मोड़ पर है — मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 'सूरमा' योजना से पुनर्वासित युवाओं को उम्मीद के दूत बनाया, रोज़गार का वादा किया और 15 जुलाई तक 3,100 स्पोर्ट्स ग्राउंड व 3,000 जिम खोलने की घोषणा की।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जून 2026 को लुधियाना में 'सूरमा' अभियान की शुरुआत की।
दो वर्ष या अधिक समय से नशामुक्त रहने वाले लोगों को सम्मानित किया गया और रोज़गार के अवसर देने की घोषणा की गई।
15 जुलाई तक पंजाब में 3,100 विलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड और 3,000 जिम शुरू किए जाएंगे।
राज्यभर में विश्व-स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
पंजाब ने सरकारी शिक्षा में 27 के स्कोर के साथ देश में पहला स्थान हासिल करने का दावा किया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जून 2026 को लुधियाना में 'सूरमा' (योद्धा) अभियान की औपचारिक शुरुआत की और नशे की लत से उबर चुके लोगों को इस विशेष योजना के तहत सम्मानित किया। यह पहल पंजाब सरकार के नशा-विरोधी अभियान का अगला और महत्वपूर्ण चरण है, जिसमें पुनर्वासित युवाओं को समाज में 'उम्मीद के दूत' के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना में क्या है खास

दो वर्ष या उससे अधिक समय तक नशे से दूर रहने वाले लोगों को 'सूरमा' योजना के अंतर्गत सम्मानित किया जाएगा। मुख्यमंत्री मान ने घोषणा की कि ये पुनर्वासित युवा न केवल अपने अनुभव साझा कर दूसरों को प्रेरित करेंगे, बल्कि राज्य सरकार उन्हें रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। इस तरह नशामुक्ति को एक सामाजिक आंदोलन में बदलने की कोशिश की जा रही है।

खेल को बनाया नशे के खिलाफ हथियार

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि खेल नशे की समस्या से लड़ने का सबसे कारगर माध्यम है। उन्होंने घोषणा की कि युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में लगभग 3,100 विलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड और 3,000 जिम चालू कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही राज्यभर में आधुनिक सुविधाओं से लैस विश्व-स्तरीय पुनर्वास केंद्र भी स्थापित किए जा रहे हैं।

सामाजिक कलंक पर मुख्यमंत्री का बयान

भगवंत मान ने नशे की लत से जुड़े सामाजिक कलंक का सीधे तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'नशे की लत से एक बड़ा सामाजिक कलंक जुड़ा हुआ है। जब लोगों को पता चलता है कि कोई नशे का आदी है, तो वे उस व्यक्ति से बात करना भी बंद कर देते हैं। ये युवा उस दर्द और सदमे से गुज़रे हैं, लेकिन आज वे एक नई शुरुआत के लिए तैयार हैं और समाज की सेवा करने के लिए भी तैयार हैं।' उन्होंने इन युवाओं के साहस की सराहना करते हुए कहा कि इन्होंने विपरीत परिस्थितियों में असाधारण हिम्मत दिखाई है।

शिक्षा और समग्र विकास पर ज़ोर

मुख्यमंत्री मान ने राज्य की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारकर 27 के स्कोर के साथ देश में नंबर एक राज्य का दर्जा हासिल किया है, जिसमें केरल सहित कई राज्य पीछे छूट गए। उन्होंने कहा, 'शिक्षा गरीबी मिटाने का सबसे बड़ा साधन है। सिर्फ कार्ड या मुफ्त चीजें गरीबी को खत्म नहीं कर सकतीं, लेकिन शिक्षा में निश्चित रूप से ऐसा करने की ताकत है।' उन्होंने 'रंगला पंजाब' के निर्माण के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और पुनर्वास — इन चार स्तंभों को एकसाथ मज़बूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

आगे क्या होगा

'सूरमा' योजना के तहत चिह्नित पुनर्वासित युवा जमीनी स्तर पर नशा-विरोधी जागरूकता अभियान का नेतृत्व करेंगे। 15 जुलाई की समयसीमा के साथ खेल अवसंरचना का विस्तार और रोज़गार के अवसरों की उपलब्धता इस योजना की सफलता की असली कसौटी होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

100 स्पोर्ट्स ग्राउंड की 15 जुलाई की समयसीमा महत्वाकांक्षी है; इससे पहले की ऐसी घोषणाओं का ज़मीनी सत्यापन ज़रूरी होगा। पंजाब में नशे की समस्या की जड़ें गहरी हैं और इसे केवल प्रेरणादायक कार्यक्रमों से नहीं, बल्कि आपूर्ति-श्रृंखला पर सख्त कार्रवाई और दीर्घकालिक आर्थिक अवसरों से ही काटा जा सकता है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब की 'सूरमा' योजना क्या है?
'सूरमा' योजना पंजाब सरकार की एक पहल है जिसके तहत दो वर्ष या उससे अधिक समय से नशामुक्त रहने वाले लोगों को सम्मानित किया जाता है और उन्हें रोज़गार के अवसर दिए जाते हैं। इन पुनर्वासित युवाओं को 'उम्मीद के दूत' के रूप में जमीनी स्तर पर नशा-विरोधी अभियान का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।
'सूरमा' अभियान की शुरुआत कब और कहाँ हुई?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जून 2026 को लुधियाना में 'सूरमा' अभियान की औपचारिक शुरुआत की। यह पंजाब के नशा-विरोधी अभियान का अगला चरण है।
पंजाब में 3,100 विलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड कब तक तैयार होंगे?
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि 15 जुलाई तक पूरे पंजाब में लगभग 3,100 विलेज स्पोर्ट्स ग्राउंड और 3,000 जिम शुरू कर दिए जाएंगे। इनका उद्देश्य युवाओं की ऊर्जा को खेल की ओर मोड़ना है।
नशामुक्त युवाओं को 'सूरमा' योजना से क्या फायदा होगा?
इस योजना के तहत नशामुक्त युवाओं को सार्वजनिक मंच पर सम्मान मिलेगा और राज्य सरकार उन्हें रोज़गार के अवसर उपलब्ध कराएगी। साथ ही वे अपने अनुभव साझा कर अन्य लोगों को नशे की लत से उबरने के लिए प्रेरित करेंगे।
पंजाब सरकार नशामुक्ति के लिए और क्या कदम उठा रही है?
पंजाब सरकार राज्यभर में आधुनिक सुविधाओं वाले विश्व-स्तरीय पुनर्वास केंद्र स्थापित कर रही है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और खेल अवसंरचना को एकसाथ मज़बूत करके 'रंगला पंजाब' बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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