क्या पंजाब में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है?

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क्या पंजाब में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है?

सारांश

पंजाब में 'युद्ध नशे के विरुद्ध' कार्यक्रम का दूसरा चरण आज से जालंधर में शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में यह अभियान नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ आगे बढ़ेगा। जानिए इस मुहिम का महत्व और पहले चरण में हुई उपलब्धियों के बारे में।

Key Takeaways

  • युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का दूसरा चरण जालंधर में शुरू हुआ।
  • मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की उपस्थिति में अभियान की औपचारिक शुरुआत।
  • पहले चरण में बड़ी संख्या में नशा तस्करों की गिरफ्तारी।
  • युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रम।
  • नशा पंजाब के भविष्य के लिए खतरा है।

जालंधर, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम लगातार सख्ती के साथ आगे बढ़ रही है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह लड़ाई आधी-अधूरी नहीं होगी, बल्कि इसे अंतिम लक्ष्य तक पहुँचाया जाएगा। इसी क्रम में आज बुधवार को जालंधर में इस अभियान के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत होने जा रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं उपस्थित रहेंगे।

पहले चरण में सरकार ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की। पुलिस और प्रशासन ने मिलकर राज्यभर में अभियान चलाया, जिसमें हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए और करोड़ों रुपये की ड्रग मनी भी जब्त की गई। सरकार का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और आने वाले समय में कार्रवाई और तेज होगी।

आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में अब तक 1,859 किलो हेरोइन बरामद की जा चुकी है। इसके अलावा 43 हजार से ज्यादा नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान 29,978 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 15.32 करोड़ रुपये की ड्रग मनी जब्त की गई।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम केवल नशा तस्करों पर कार्रवाई तक सीमित नहीं है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालना भी है। इसके लिए नशा मुक्ति केंद्रों को सशक्त किया जा रहा है, जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं और युवाओं को रोजगार व सकारात्मक दिशा देने पर भी बल दिया जा रहा है।

सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है और यदि इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियाँ इसकी भारी कीमत चुकाएँगी। इसलिए युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को प्रदेश में नशे के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं आज जालंधर से शुरू होने वाला दूसरा चरण इस लड़ाई को और मजबूती देगा।

Point of View

विशेषकर पंजाब में। राज्य सरकार का 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान न केवल नशा तस्करों के खिलाफ है, बल्कि यह युवाओं को इस समस्या से बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस मुहिम में सरकारी और सामाजिक संस्थाओं का सहयोग आवश्यक है।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान पहले चरण में पिछले कुछ महीनों से चल रहा था और अब इसका दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना और युवाओं को नशे से बचाना है।
पहले चरण में क्या उपलब्धियाँ रही?
पहले चरण में 43 हजार नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 1,859 किलो हेरोइन बरामद की गई।
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