9 जुलाई 2026
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महाराष्ट्र में भूकंप: लातूर, हिंगोली, नांदेड़ में रात को 4.6 तीव्रता के झटके, जान-माल का नुकसान नहीं

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महाराष्ट्र में भूकंप: लातूर, हिंगोली, नांदेड़ में रात को 4.6 तीव्रता के झटके, जान-माल का नुकसान नहीं

सारांश

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में 9 जुलाई की रात 4.6 तीव्रता के भूकंप ने लातूर, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी को हिलाया। तीन झटके रात 1:37 से 2:17 के बीच आए। प्रशासन ने जान-माल के नुकसान से इनकार किया और नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र के लातूर, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी में 9 जुलाई 2026 की रात भूकंप के तीन झटके महसूस किए गए।
पहला झटका रात 1:37 बजे 4.6 तीव्रता का, दूसरा 2:15 बजे 3.6 तीव्रता का और तीसरा 2:17 बजे 3.9 तीव्रता का था।
भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले के वासमत तालुका के शिरली गाँव में था।
प्रशासन के अनुसार कहीं से भी जनहानि या संपत्ति नुकसान की सूचना नहीं।
जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और खुले स्थान पर जाने की अपील की।

महाराष्ट्र के लातूर, हिंगोली, नांदेड़ और परभणी जिलों में 9 जुलाई 2026 की देर रात भूकंप के कई झटके महसूस किए गए। जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले के वासमत तालुका के शिरली गाँव में था। प्रशासन ने पुष्टि की है कि अब तक कहीं से भी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली है।

झटकों का क्रम और तीव्रता

आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार-गुरुवार की देर रात कुल तीन झटके दर्ज किए गए। पहला झटका रात 1:37 बजे रिक्टर स्केल पर 4.6 तीव्रता का था, दूसरा 2:15 बजे 3.6 तीव्रता का और तीसरा 2:17 बजे 3.9 तीव्रता का दर्ज किया गया। लातूर शहर और निलंगा इलाके के निवासियों ने भी हल्की कंपन महसूस होने की जानकारी दी।

यह ऐसे समय में आया है जब मध्यरात्रि के कारण अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। लगातार दो झटकों ने लोगों में कुछ देर के लिए चिंता का माहौल पैदा कर दिया।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और अपील

जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने नागरिकों से अपील की है कि यदि दोबारा झटके महसूस हों तो तुरंत घरों से बाहर निकलकर खुले स्थान पर पहुँचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भूकंप की पहले से सटीक भविष्यवाणी वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं होती, इसलिए लोगों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की आवश्यकता है। साथ ही, सुबह तक और झटके आने की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया गया।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि लातूर और आसपास का मराठवाड़ा क्षेत्र भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील ज़ोन में आता है। 1993 में इसी क्षेत्र में आए विनाशकारी भूकंप की स्मृति के कारण यहाँ के निवासियों में भूकंप को लेकर स्वाभाविक संवेदनशीलता है। इस बार के झटके अपेक्षाकृत हल्के रहे और शुरुआती जाँच में कोई नुकसान सामने नहीं आया।

क्या होगा आगे

जिला प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी नज़र रखने की बात कही है और नागरिकों को किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, आफ्टरशॉक की संभावना को पूरी तरह नकारा नहीं जा सकता, इसलिए अगले कुछ घंटों तक सतर्कता बनाए रखना ज़रूरी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें हज़ारों लोगों की जान गई थी — यही कारण है कि यहाँ का प्रशासन और जनता दोनों इस विषय पर विशेष रूप से संवेदनशील हैं। इस बार के झटके भले ही हल्के रहे हों, लेकिन रात के वक्त लगातार तीन झटकों का आना यह याद दिलाता है कि मराठवाड़ा क्षेत्र में भूकंपीय निगरानी तंत्र को और सशक्त बनाने की ज़रूरत है। अफवाहों पर प्रशासन की त्वरित प्रतिक्रिया सराहनीय है, परंतु दीर्घकालिक प्रश्न यह है कि क्या इस क्षेत्र के पुराने मकानों और बुनियादी ढाँचे को उच्च-तीव्रता के संभावित झटकों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार किया गया है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र में 9 जुलाई को आए भूकंप की तीव्रता कितनी थी?
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, तीन झटकों की तीव्रता रिक्टर स्केल पर क्रमशः 4.6, 3.6 और 3.9 दर्ज की गई। ये झटके रात 1:37 बजे, 2:15 बजे और 2:17 बजे महसूस किए गए।
भूकंप का केंद्र कहाँ था?
भूकंप का केंद्र हिंगोली जिले के वासमत तालुका के शिरली गाँव में था। लातूर, नांदेड़ और परभणी जिलों में भी झटके महसूस किए गए।
क्या भूकंप से कोई जनहानि या नुकसान हुआ?
जिला प्रशासन के अनुसार, शुरुआती जाँच में कहीं से भी जनहानि या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। स्थिति पर निगरानी जारी है।
प्रशासन ने नागरिकों को क्या सलाह दी है?
जिला कलेक्टर राहुल कार्डिले ने नागरिकों से अपील की है कि झटके महसूस होने पर तुरंत घरों से बाहर निकलकर खुले स्थान पर जाएँ, अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
क्या आगे और झटके आ सकते हैं?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूकंप की पहले से सटीक भविष्यवाणी वैज्ञानिक रूप से संभव नहीं है और सुबह तक आफ्टरशॉक की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता। नागरिकों को घबराने के बजाय सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
राष्ट्र प्रेस
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