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क्या उत्तराखंड के चमोली में भूकंप के झटके आए?

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क्या उत्तराखंड के चमोली में भूकंप के झटके आए?

सारांश

उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार रात को 3.3 की तीव्रता का भूकंप आया, जिससे स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है, लेकिन यह घटना निवासियों में डर का माहौल बना गई। जानिए इस घटना के बारे में और क्या सलाह दी गई है।

मुख्य बातें

भूकंप की तीव्रता 3.3 थी।
केंद्र जोशीमठ से 22 किमी दूर था।
किसी भी जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
स्थानीय प्रशासन ने शांति बनाए रखने की अपील की।
भूकंप के समय सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई।

चमोली, 19 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के चमोली जिले में शनिवार की रात भूकंप के झटके महसूस हुए। जैसे ही धरती हिली, लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलने लगे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, यह भूकंप रात 12:02 बजे 3.3 तीव्रता का था, जिसका केंद्र जोशीमठ से 22 किलोमीटर दूर और 10 किलोमीटर की गहराई पर था।

भूकंप के झटकों के कारण स्थानीय निवासियों की नींद उड़ गई और वे सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। हालांकि, इस घटना में कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। रात के सन्नाटे में अचानक आए इन झटकों ने सभी में डर का माहौल पैदा कर दिया।

लोग अपने परिवारों के साथ सुरक्षित स्थानों पर इकट्ठा हो गए और स्थिति सामान्य होने का इंतजार करने लगे। एनसीएस ने बताया कि 3.3 की तीव्रता सामान्यतः हल्की मानी जाती है, लेकिन पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं लोगों को सतर्क कर देती हैं।

इससे पहले, 8 जुलाई को उत्तरकाशी जिले में 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 5 किलोमीटर की गहराई पर था।

वहीं, एनसीएस के अनुसार, शनिवार को म्यांमार में भी 3.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 105 किलोमीटर थी। अफगानिस्तान में भी 4.2 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने वहां के लोगों को दहशत में डाल दिया।

उत्तराखंड Himalaya क्षेत्र में स्थित होने के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है। चमोली और आसपास के इलाकों में समय-समय पर भूकंप के झटके आते रहते हैं।

वैज्ञानिकों ने सलाह दी है कि लोग ऐसी प्राकृतिक घटनाओं के लिए हमेशा तैयार रहें और सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही, भूकंप जैसी स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने और घबराने से बचने की सलाह दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मैं कह सकता हूं कि उत्तराखंड का चमोली जिला भूकंप के लिए संवेदनशील क्षेत्र है। ऐसे भूकंप के झटके न केवल स्थानीय लोगों को प्रभावित करते हैं, बल्कि यह हमें यह भी याद दिलाते हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक रहना कितना आवश्यक है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भूकंप की तीव्रता क्या थी?
भूकंप की तीव्रता 3.3 मापी गई थी।
भूकंप का केंद्र कहाँ था?
भूकंप का केंद्र जोशीमठ से 22 किलोमीटर दूर था।
क्या इस भूकंप से कोई नुकसान हुआ?
इस भूकंप से किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है।
भूकंप के समय लोगों ने क्या किया?
लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
क्या भूकंप के लिए कोई तैयारी करनी चाहिए?
हां, लोगों को भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं के लिए हमेशा तैयार रहना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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