16 जुलाई 2026
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हरेला 2025: मसूरी की माल रोड पर पौधरोपण अभियान, हर पौधे के साथ संरक्षक का नाम

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हरेला 2025: मसूरी की माल रोड पर पौधरोपण अभियान, हर पौधे के साथ संरक्षक का नाम

सारांश

हरेला पर मसूरी की माल रोड सिर्फ हरी नहीं हुई — इस बार हर पौधे के साथ एक जिम्मेदार संरक्षक का नाम भी जुड़ा। नगर पालिका की यह पहल पौधरोपण को महज रस्म से आगे ले जाने की कोशिश है, जहाँ रीसायकल प्लास्टिक ट्री-गार्ड और व्यक्तिगत जवाबदेही मिलकर हरियाली को स्थायी बनाने का वादा करती है।

मुख्य बातें

16 जुलाई को हरेला पर्व पर मसूरी की माल रोड पर नगर पालिका परिषद का विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित हुआ।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी , टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी समेत स्थानीय लोगों ने फूलदार व छायादार पौधे लगाए।
प्रत्येक पौधे के साथ संरक्षक का नाम अंकित किया गया — नियमित देखभाल और सिंचाई की व्यक्तिगत जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के लिए।
पौधों की सुरक्षा के लिए रीसायकल प्लास्टिक ट्री-गार्ड लगाए गए, जो प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग को भी बढ़ावा देते हैं।
नगर पालिका की योजना माल रोड को अतिक्रमण-मुक्त करने के बाद अब उसे पर्यावरण की दृष्टि से आकर्षक बनाने की है।

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला के अवसर पर 16 जुलाई को मसूरी की प्रतिष्ठित माल रोड पर नगर पालिका परिषद द्वारा विशेष पौधरोपण अभियान आयोजित किया गया, जिसमें फूलदार और छायादार प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अभियान में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन, सभासद और स्थानीय निवासी सभी शामिल रहे।

अभियान की विशेषता: पौधरोपण नहीं, संरक्षण का संकल्प

इस बार के अभियान को पिछले वर्षों से अलग बनाने वाली बात यह रही कि प्रत्येक पौधे के साथ उसके संरक्षक का नाम अंकित किया गया है। नगर पालिका का स्पष्ट मानना है कि पौधरोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर शहर की पहचान का हिस्सा बनें। इस व्यवस्था के तहत नियमित सिंचाई, देखभाल और सुरक्षा की जिम्मेदारी नामित संरक्षक पर होगी।

पालिका अध्यक्ष और अधिकारियों की प्रतिक्रिया

पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी ने कहा कि माल रोड को सुंदर, स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए चरणबद्ध प्रयास जारी हैं। उन्होंने बताया कि पहले माल रोड को अतिक्रमण और अव्यवस्था से मुक्त कराया गया और अब इसे पर्यावरण की दृष्टि से भी आकर्षक बनाया जा रहा है। उनके अनुसार, ये फूलदार और छायादार पौधे आने वाले वर्षों में पर्यटकों और स्थानीय लोगों को प्राकृतिक सौंदर्य के साथ बेहतर वातावरण देंगे।

अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने बताया कि पौधों की सुरक्षा के लिए लगाए गए ट्री-गार्ड रीसायकल प्लास्टिक से तैयार किए गए हैं। यह कदम एक साथ दो उद्देश्य पूरे करता है — पौधों को जानवरों और अन्य नुकसान से बचाना, और प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग को प्रोत्साहित करना। भसीन ने इसे पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन का एक व्यावहारिक उदाहरण बताया।

जनप्रतिनिधियों का संदेश

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि हरेला केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति उत्तराखंड की आस्था और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके संरक्षण का भी दृढ़ संकल्प लें।

टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण जनभागीदारी के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जिम्मेदारी उठाए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण विरासत में मिल सकेगा।

आम जनता और पर्यटकों पर असर

मसूरी एक प्रमुख पर्यटन स्थल है और माल रोड इसकी सबसे व्यस्त और पहचानी जाने वाली सड़क है। यह ऐसे समय में आया है जब पर्यटन के दबाव से पहाड़ी शहरों में हरियाली और वायु गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। गौरतलब है कि पहाड़ी क्षेत्रों में पौधरोपण अभियान अक्सर सफल नहीं होते क्योंकि रोपण के बाद देखभाल का अभाव रहता है — इस बार 'नामित संरक्षक' की अवधारणा इसी कमी को दूर करने का प्रयास है।

आगे की राह

नगर पालिका परिषद की योजना है कि माल रोड पर हरियाली बढ़ाने का यह कार्य चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा। रीसायकल प्लास्टिक ट्री-गार्ड और नामित संरक्षक प्रणाली को यदि सफलतापूर्वक लागू किया गया, तो यह मॉडल उत्तराखंड के अन्य पर्यटन नगरों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि संरक्षक प्रणाली कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर कितनी प्रभावी रहती है। यदि यह मॉडल मसूरी में सफल होता है, तो उत्तराखंड के अन्य पर्यटन नगरों के लिए यह एक अनुकरणीय उदाहरण बन सकता है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरेला पर्व क्या है और इसका पर्यावरण से क्या संबंध है?
हरेला उत्तराखंड का एक प्रमुख लोकपर्व है जो प्रकृति और हरियाली के प्रति आस्था का प्रतीक है। परंपरागत रूप से इस दिन पौधरोपण किया जाता है और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया जाता है।
मसूरी माल रोड पर पौधरोपण अभियान में क्या खास था?
इस बार प्रत्येक पौधे के साथ एक नामित संरक्षक का नाम अंकित किया गया, ताकि नियमित देखभाल और सिंचाई की जिम्मेदारी तय रहे। साथ ही पौधों की सुरक्षा के लिए रीसायकल प्लास्टिक से बने ट्री-गार्ड लगाए गए।
रीसायकल प्लास्टिक ट्री-गार्ड का क्या फायदा है?
रीसायकल प्लास्टिक ट्री-गार्ड पौधों को जानवरों और अन्य नुकसान से बचाते हैं और साथ ही प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग को बढ़ावा देते हैं। अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने इसे पर्यावरण संरक्षण और कचरा प्रबंधन का व्यावहारिक उदाहरण बताया।
इस अभियान में कौन-कौन से जनप्रतिनिधि शामिल हुए?
अभियान में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय और पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी सहित सभासद और स्थानीय निवासी शामिल हुए। सभी ने फूलदार व छायादार पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
माल रोड को हरा-भरा बनाने की आगे क्या योजना है?
नगर पालिका परिषद की योजना चरणबद्ध तरीके से माल रोड को पर्यावरण की दृष्टि से आकर्षक बनाने की है। पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी के अनुसार पहले अतिक्रमण हटाया गया और अब हरियाली बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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