15 जुलाई 2026
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हरेला पर्व पर CM धामी का आह्वान: वृक्षारोपण अब सामाजिक दायित्व और जन-भावना का प्रतीक

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हरेला पर्व पर CM धामी का आह्वान: वृक्षारोपण अब सामाजिक दायित्व और जन-भावना का प्रतीक

सारांश

हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर CM धामी ने वृक्षारोपण को सामाजिक आंदोलन बताया और PM मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान की सराहना की। वन विभाग ने शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण की कार्य-योजना तैयार की है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जुलाई 2026 को हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं।
धामी ने वृक्षारोपण को सामाजिक दायित्व और जन-भावना से जुड़ा विषय बताया।
PM मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को वृक्षारोपण जागरूकता का प्रमुख कारण बताया गया।
वन एवं उद्यान विभाग ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान की कार्य-योजना तैयार की।
मुख्यमंत्री ने जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जुलाई 2026 को हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वृक्षारोपण आज केवल एक कर्तव्य नहीं, बल्कि सामाजिक दायित्व और जन-भावना से जुड़ा एक व्यापक आंदोलन बन चुका है। देहरादून से जारी अपने संदेश में धामी ने पर्यावरण संरक्षण को उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ा।

हरेला पर्व का महत्व

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हरेला पर्व प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और लोक संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का अनूठा अवसर है। उन्होंने कहा, 'हमारे लोक पर्व हमारी सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं और हमें अपनी परम्पराओं से जोड़े रखते हैं।' देवभूमि उत्तराखंड की आध्यात्मिक एवं समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसे देश में एक विशिष्ट स्थान दिलाती है।

पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी

धामी ने जोर देकर कहा कि उत्तराखंड का प्राकृतिक सौंदर्य और जैव विविधता जितनी समृद्ध है, उतनी ही बड़ी यहाँ के निवासियों की पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी भी है। उन्होंने जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों के पुनर्जीवन एवं संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास की अपील की। यह ऐसे समय में आया है जब हिमालयी राज्यों में जलस्रोतों के सूखने की समस्या गंभीर होती जा रही है।

मोदी के अभियान से मिली प्रेरणा

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल ने समाज में वृक्षारोपण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता फैलाई है। वन एवं उद्यान विभाग ने हरेला पर्व के अवसर पर राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए एक प्रभावी कार्य-योजना तैयार की है।

जन सहभागिता की अपील

धामी ने समस्त प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आग्रह किया। उन्होंने सभी सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से भी इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील की। उनके अनुसार यह प्रयास भावी पीढ़ी को परम्पराओं से जोड़ने और प्रकृति-संरक्षण की दिशा में प्रेरित करने में भी सहायक होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो स्वागत योग्य है — लेकिन असली सवाल यह है कि वन विभाग की 'प्रभावी कार्य-योजना' में वास्तव में कितने पेड़ लगाए जाएंगे और उनकी जीवित रहने की दर क्या होगी। उत्तराखंड में पिछले वर्षों में घोषित वृक्षारोपण अभियानों और ज़मीनी नतीजों के बीच का अंतर अक्सर चिंताजनक रहा है। जलवायु परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित हिमालयी राज्यों में से एक होने के नाते उत्तराखंड को प्रतीकात्मक आह्वान से आगे बढ़कर मापनीय, सत्यापन-योग्य संरक्षण लक्ष्य तय करने की ज़रूरत है।
RashtraPress
15 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरेला पर्व क्या है और यह उत्तराखंड में क्यों महत्वपूर्ण है?
हरेला उत्तराखंड का एक प्रमुख लोक पर्व है जो प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है। यह पर्व सांस्कृतिक विरासत और परम्पराओं से जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है।
CM धामी ने हरेला पर्व पर क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 15 जुलाई 2026 को हरेला पर्व की पूर्व संध्या पर कहा कि वृक्षारोपण सामाजिक दायित्व और जन-भावना से जुड़ा विषय बन गया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और जल स्रोतों के संरक्षण में सहयोग देने की अपील की।
'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का हरेला पर्व से क्या संबंध है?
CM धामी ने PM नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान को हरेला की भावना से जोड़ा और कहा कि इस राष्ट्रीय पहल ने समाज में वृक्षारोपण के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाई है। हरेला पर्व इस चेतना को स्थानीय सांस्कृतिक संदर्भ में और मजबूत करता है।
उत्तराखंड में हरेला पर वृक्षारोपण अभियान कैसे चलाया जाएगा?
वन एवं उद्यान विभाग ने हरेला पर्व पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में वृहद वृक्षारोपण अभियान के लिए एक प्रभावी कार्य-योजना तैयार की है। सामाजिक संगठनों और संस्थाओं से भी सक्रिय सहयोग की अपील की गई है।
उत्तराखंड में जल स्रोतों के संरक्षण पर CM धामी ने क्या कहा?
धामी ने कहा कि प्रदेश के जल स्रोतों, नदियों और गाड़-गदेरों के पुनर्जीवन और संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता को देखते हुए पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी को और बड़ा बताया।
राष्ट्र प्रेस
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