बाराबंकी में ब्रजेश पाठक ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान में लगाया पौधा, UP में 35 करोड़ पेड़ों का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 12 जुलाई 2026 को बाराबंकी में राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण अभियान 'एक पेड़ मां के नाम' में सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने स्वयं पौधरोपण किया और प्रदेशवासियों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में आगे आएं तथा अपनी माँ के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाएं। पाठक ने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल पौधा रोपने तक सीमित नहीं, बल्कि उसकी निरंतर देखभाल करना भी इसका अभिन्न हिस्सा है।
अभियान का दायरा और लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में यह महाअभियान सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक संचालित होगा। इस अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश को हरा-भरा बनाने और पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने के लिए यह व्यापक लक्ष्य तय किया है।
वन क्षेत्र विस्तार का दावा
पाठक ने दावा किया कि वर्ष 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में वन क्षेत्र बढ़ाने की दिशा में राज्य सरकार ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और उत्तर प्रदेश को पर्यावरण के मामले में देश का अग्रणी राज्य बनाने में योगदान दें। गौरतलब है कि यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देशभर में बढ़ते तापमान और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियाँ गहरी होती जा रही हैं।
पेड़ की देखभाल पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के भावनात्मक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जिस प्रकार माँ अपने बच्चों को छाया, प्यार और पोषण देती है, उसी प्रकार पेड़ भी मनुष्य को छाया, फल और शुद्ध वायु प्रदान करता है। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि पौधा लगाने के बाद उसकी सुरक्षा उसी जिम्मेदारी से करें जैसे वे अपनी माँ की देखभाल करते हैं। पाठक ने यह भी कहा कि पौधों को जानवरों और अन्य नुकसान से बचाने के लिए ट्री गार्ड या घेराबंदी अनिवार्य रूप से की जाए।
विपक्ष पर राजनीतिक हमला
वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान पाठक ने विपक्षी दलों पर भी निशाना साधा। उन्होंने सनातन धर्म और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष को घेरते हुए कहा कि जो लोग आज सनातन धर्म की बात करते हैं, उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि राम मंदिर आंदोलन के समय उनका रुख क्या था। उन्होंने आरोप लगाया कि तब कुछ लोगों ने इस आंदोलन का विरोध किया था और सर्वोच्च न्यायालय में भी अलग पक्ष लिया था।
उन्होंने धन्नीपुर में बाबरी मस्जिद के लिए आवंटित भूमि से जुड़े चंदे का मुद्दा भी उठाया और विपक्ष से सवाल किया कि उस राशि का उपयोग कहाँ हुआ। मदरसों की फंडिंग पर भी उन्होंने जाँच की माँग की और इसे तुष्टीकरण की राजनीति करार दिया।
भाजपा की नीति और समाजवादी पार्टी पर टिप्पणी
पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरीब कल्याण योजनाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक पहुँचने का प्रयास हो रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि सपा को जाति और तुष्टीकरण की राजनीति से आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा चुनावी मौसम में ही नहीं, बल्कि पूरे पाँच वर्ष जनता के बीच रहकर काम करती है।