विश्व पर्यावरण दिवस पर CM धामी बोले — उत्तराखंड का 71% हिस्सा जंगलों से घिरा, बच्चों को सुरक्षित भविष्य देना जरूरी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 5 जून 2026 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नैनीताल में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण हर नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों का दायित्व है।
उत्तराखंड की पर्यावरणीय विरासत
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, 'उत्तराखंड हिमालय की भूमि है। हिमालय, गंगा, यमुना और कई अन्य नदियाँ लोगों को पानी और जीवन देती हैं। हमारे राज्य का 71 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जंगलों से घिरा है।' उन्होंने कहा कि इस समृद्ध प्राकृतिक विरासत को बनाए रखना और लोगों के लिए स्वच्छ हवा व पानी सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। धामी ने आगे कहा, 'सबसे जरूरी बात यह है कि हमें अपने बच्चों के लिए एक सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण देना चाहिए।'
कैंची धाम और बुनियादी ढाँचे का विकास
मुख्यमंत्री ने कैंची धाम के आसपास बुनियादी ढाँचे के विकास पर कहा कि यह एक बड़ी चुनौती है और सरकार इसके लिए बाईपास निर्माण की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि भवाली बाईपास का काम पहले ही शुरू हो चुका है। धामी ने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के अलावा रानीखेत और अन्य पर्यटन स्थलों पर जाने वाले यात्री, होटल मालिक, दुकानदार और टैक्सी चालक भी इस क्षेत्र की यातायात स्थिति से प्रभावित होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कैंची धाम, केदारखंड, मानसखंड, चार धाम सर्किट और आदि कैलाश सहित सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास सरकार की प्राथमिकता में है।
सरकार का फोकस: जनसेवा और राज्य विकास
आगामी चुनावों को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार का मुख्य ध्यान जनसेवा और राज्य के विकास पर केंद्रित है। उन्होंने कहा, 'चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन हमारी जिम्मेदारी उत्तराखंड की जनता की सेवा करना है।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लक्ष्य को दोहराया।
राहुल गांधी के बयान पर पलटवार
उत्तराखंड पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया बयान पर मुख्यमंत्री धामी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की बातों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता नहीं है और देश में उन्हें कोई गंभीरता से नहीं लेता। धामी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के राजनीतिक करियर को उनकी पार्टी ने कई बार लॉन्च और री-लॉन्च किया, फिर भी वे अपनी राजनीतिक पहचान स्थापित नहीं कर पाए हैं।
आगे की राह
विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री धामी का यह संबोधन ऐसे समय में आया है जब उत्तराखंड में वनाग्नि और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को लेकर चिंताएँ बढ़ रही हैं। राज्य सरकार के लिए पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन-तीर्थाटन के बुनियादी ढाँचे के बीच संतुलन बनाना आने वाले समय की सबसे बड़ी चुनौती बनी रहेगी।