विश्व आदिवासी दिवस 2026: गडकरी, खड़गे, धामी समेत दर्जनों नेताओं ने आदिवासी समाज को दी शुभकामनाएं
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 9 अगस्त — विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण सहित देशभर के नेताओं ने आदिवासी समाज को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। नेताओं ने एकसुर में आदिवासी समुदायों को पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक धरोहर का मूल आधार बताते हुए उनके अधिकारों एवं सम्मान की रक्षा का संकल्प दोहराया।
केंद्रीय मंत्री गडकरी और पूर्व मंत्री हर्षवर्धन के संदेश
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर लिखा, 'विश्व आदिवासी दिवस पर हम भारत के आदिवासी समुदायों का सम्मान करते हैं, जो प्राचीन परंपराओं, विविध संस्कृतियों, पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति के साथ गहरे जुड़ाव के संरक्षक हैं। उनकी कहानियां, समझदारी और मजबूती भारत की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा हैं। आइए हम उनकी पहचान का जश्न मनाएं, उनके अधिकारों का सम्मान करें और एक ऐसा भविष्य बनाएं जहां वे सम्मान के साथ आगे बढ़ सकें।'
पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी एक्स पर लिखा, 'प्रकृति के साथ उनका गहरा जुड़ाव, सदियों पुराना ज्ञान और मुश्किलों का सामना करने की क्षमता हमारी साझा विरासत का अनमोल हिस्सा है।' उन्होंने आदिवासी समुदायों के अधिकारों, सम्मान और एक टिकाऊ भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता दोहराने का आह्वान किया।
खड़गे और अखिलेश यादव की अपील
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक्स पर कहा, 'भारत की समृद्ध संस्कृति, प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व और हमारी विविधता को सहेजने में आदिवासी समाज का योगदान अमूल्य है।' खड़गे ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी आदिवासी समाज के जल-जंगल-जमीन, संस्कृति, परंपराओं और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव संकल्पबद्ध है।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी एक्स पर समस्त आदिवासी समाज को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
पवन कल्याण का व्यक्तिगत संकल्प और इस वर्ष का विषय
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने एक्स पर लिखा, 'जंगलों ने पीढ़ियों से हमारे आदिवासी समुदायों की रक्षा की है और बदले में उन्होंने प्रकृति, संस्कृति और प्राचीन ज्ञान के संरक्षक के रूप में जंगलों की रक्षा की है।' उन्होंने बताया कि इस वर्ष का विषय 'मूल निवासी दाइयों का सम्मान: जीवन और भलाई की सुरक्षा' पारंपरिक ज्ञान और आदिवासी महिलाओं की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करता है।
पवन कल्याण ने 'अदावी थल्ली बाटा' जैसी पहलों, दूर-दराज के इलाकों में बेहतर कनेक्टिविटी, आजीविका के अवसरों और वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकास को हर आदिवासी परिवार तक पहुँचाने का संकल्प दोहराया।
राज्य सरकारों और अन्य नेताओं के संदेश
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सशक्तिकरण को नई गति मिली है। उन्होंने उत्तराखंड में जनजाति कल्याण, शिक्षा, रोजगार, बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए निरंतर कार्य जारी रहने का भरोसा दिलाया।
राजस्थान सरकार ने एक्स पर कहा, 'हमारे आदिवासी समुदाय पर्यावरण संतुलन और सांस्कृतिक धरोहर के मुख्य आधार हैं।' बिहार सरकार में मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने भी आदिवासी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को राष्ट्र की अमूल्य धरोहर बताते हुए उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
आगे की राह
गौरतलब है कि 9 अगस्त को प्रतिवर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा विश्व के मूल निवासियों का अंतरराष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष के विषय ने आदिवासी महिलाओं की भूमिका और पारंपरिक स्वास्थ्य ज्ञान को केंद्र में रखा है। नेताओं की इन शुभकामनाओं के बीच आदिवासी अधिकार संगठनों की नज़र इस बात पर रहेगी कि ये संकल्प नीतिगत कार्रवाई में कितनी तेजी से तब्दील होते हैं।