16 सितंबर 2026
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CM धामी ने जन्मदिन पर दृष्टिबाधित बच्चों संग बिताया वक्त, बोले — सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण ज़रूरी

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CM धामी ने जन्मदिन पर दृष्टिबाधित बच्चों संग बिताया वक्त, बोले — सहानुभूति नहीं, सशक्तिकरण ज़रूरी

सारांश

अपना जन्मदिन केक और जश्न की बजाय दृष्टिबाधित बच्चों के बीच मनाकर मुख्यमंत्री धामी ने एक सामाजिक संदेश दिया — सरकार दिव्यांगजनों को सहानुभूति नहीं, अवसर और भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को अपना जन्मदिन नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द विजुअली हैंडीकैप्ड, देहरादून में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाया।
धामी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को सहानुभूति नहीं, शिक्षा, प्रशिक्षण और भागीदारी की ज़रूरत है।
राज्य के युवा इस दिन को 'युवा दिवस' और 'संकल्प दिवस' के रूप में सेवा कार्यों के माध्यम से मना रहे हैं।
किशाऊ बाँध परियोजना से 6 राज्यों — हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश — को पेयजल, यमुना सफाई और बिजली का लाभ मिलेगा।
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने धामी को बधाई देते हुए उत्तराखंड को देश का पहला UCC लागू करने वाला राज्य बताया।
आगामी कुंभ की तैयारियों के लिए मुख्यमंत्री संतों के साथ बैठकें कर रहे हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को अपना जन्मदिन देहरादून स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द विजुअली हैंडीकैप्ड में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाया। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि दिव्यांग बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशिक्षण और समान अवसरों के ज़रिए सक्षम बनाना सरकार की प्राथमिकता है।

जन्मदिन की परंपरा और संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'जन्मदिवस पर मेरा प्रयास रहता है कि मैं दिव्यांग बच्चों की बीच आऊं और उनके साथ समय बिताऊं। मेरी हमेशा से यही आदत रही है कि मैं अपने दिन की शुरुआत यहां आकर करूं और आज भी मैंने ऐसा ही किया।' उन्होंने कहा कि हर सुबह जागना एक नया जन्म है और इस दिन को दूसरों की सेवा में लगाना ही इसका सही अर्थ है।

दिव्यांग सशक्तिकरण पर सरकार का रुख

धामी ने कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजनों की तरक्की के लिए बहुत काम किए हैं और उनके लिए कई योजनाएं बनाई हैं। उन्हें शिक्षा और ट्रेनिंग देकर हर तरह से सशक्त बनाने की कोशिशें की जा रही हैं।' उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा कि सहानुभूति के साथ-साथ दिव्यांग बच्चों की भागीदारी सुनिश्चित करना उतना ही ज़रूरी है। उनके अनुसार, जिन दिव्यांग बच्चों को अवसर मिल रहे हैं, वे हर क्षेत्र में बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं।

युवा दिवस और सेवा संकल्प

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के युवा इस दिन को 'युवा दिवस' और 'संकल्प दिवस' के रूप में सेवा कार्यों के माध्यम से मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य के उन दूरदराज़ इलाकों तक पहुँचना है जहाँ अब तक सुविधाएं और व्यवस्थाएं नहीं पहुँची हैं।

बाँध परियोजनाओं और अंतर-राज्यीय विवादों पर अपडेट

धामी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्यों के बीच 10 से अधिक बड़े विवाद सुलझाए गए हैं। उत्तराखंड में लखवार, जमरानी, सौंग और किशाऊ बाँध जैसी लंबे समय से लंबित परियोजनाएं अब गति पकड़ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से किशाऊ बाँध परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को पेयजल, यमुना शुद्धिकरण और बिजली उत्पादन में सीधा लाभ होगा।

धर्माचार्यों की शुभकामनाएं और उत्तराखंड की उपलब्धियाँ

जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने मुख्यमंत्री को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड ने धामी के नेतृत्व में कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं। उन्होंने विशेष रूप से समान नागरिक संहिता (UCC) का उल्लेख किया और कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने यह विधेयक पास कर सभी को समान अधिकार दिए। स्वामी जी ने यह भी बताया कि बद्री-केदार, यमुनोत्री, गंगोत्री और हरिद्वार में तीर्थस्थलों का अभूतपूर्व विकास हुआ है तथा राज्य में अपराध दर में कमी आई है। आगामी कुंभ को लेकर भी मुख्यमंत्री की तैयारियाँ जोरों पर हैं।

यह जन्मदिन समारोह एक ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार दिव्यांगजन सशक्तिकरण और बुनियादी ढाँचे के विस्तार को अपनी नीति का केंद्र बना रही है — आने वाले महीनों में इन प्राथमिकताओं की असली परीक्षा ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि उत्तराखंड में दिव्यांगजन सशक्तिकरण की योजनाएं ज़मीन पर कितनी पहुँच रही हैं। राज्य में दूरदराज़ इलाकों में विशेष शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं की पहुँच अभी भी सीमित है। किशाऊ बाँध जैसी परियोजनाओं पर की गई घोषणाएं वर्षों से चर्चा में हैं — इनके क्रियान्वयन की समयसीमा और ज़िम्मेदारी तय होना अब जनता के लिए ज़्यादा ज़रूरी है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री धामी ने अपना जन्मदिन कहाँ और कैसे मनाया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर 2026 को देहरादून स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द विजुअली हैंडीकैप्ड में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ अपना जन्मदिन मनाया। यह उनकी वार्षिक परंपरा है कि वे जन्मदिन की शुरुआत दिव्यांग बच्चों के बीच जाकर करते हैं।
धामी ने दिव्यांग सशक्तिकरण पर क्या कहा?
धामी ने कहा कि दिव्यांग बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशिक्षण और समान भागीदारी की ज़रूरत है। उनके अनुसार, जिन दिव्यांग बच्चों को अवसर मिल रहे हैं वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
किशाऊ बाँध परियोजना से किन राज्यों को फायदा होगा?
किशाऊ बाँध परियोजना से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को लाभ मिलेगा। यह परियोजना यमुना की सफाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन में मदद करेगी।
उत्तराखंड का UCC यानी समान नागरिक संहिता को लेकर क्या उपलब्धि है?
स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के अनुसार, उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पास कर सभी नागरिकों को समान अधिकार दिए हैं। यह धामी सरकार की प्रमुख विधायी उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।
'युवा दिवस' और 'संकल्प दिवस' का क्या अर्थ है?
मुख्यमंत्री धामी के जन्मदिन पर उत्तराखंड के युवा इस दिन को 'युवा दिवस' और 'संकल्प दिवस' के रूप में सेवा कार्यों के माध्यम से मनाते हैं। इसका उद्देश्य राज्य के उन दूरदराज़ इलाकों तक सुविधाएं पहुँचाना है जहाँ अभी तक सरकारी सेवाएं नहीं पहुँची हैं।
राष्ट्र प्रेस
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