धामी का जन्मदिन दृष्टिबाधित बच्चों के संग: देहरादून के NIVH में मनाया खास दिन
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 16 सितंबर को अपना जन्मदिन देहरादून स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर द विजुअली हैंडीकैप्ड (NIVH) में दृष्टिबाधित बच्चों के साथ मनाया। उन्होंने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि दिव्यांग बच्चों को केवल सहानुभूति नहीं, बल्कि शिक्षा, प्रशिक्षण और समान भागीदारी के ज़रिये सशक्त बनाना उनकी प्राथमिकता है।
जन्मदिन की परंपरा और मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री धामी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'जन्मदिवस पर मेरा प्रयास रहता है कि मैं दिव्यांग बच्चों की बीच आऊं और उनके साथ समय बिताऊं। मेरी हमेशा से यही आदत रही है कि मैं अपने दिन की शुरुआत यहां आकर करूं और आज भी मैंने ऐसा ही किया।' उन्होंने यह भी कहा कि हर सुबह जागना एक नया जन्म है, इसलिए प्रत्येक दिन सार्थक कार्य से आरंभ होना चाहिए।
दिव्यांग सशक्तिकरण पर ज़ोर
धामी ने कहा, 'सहानुभूति के साथ उनको सक्षम बनाना ज़रूरी है। इनकी भागीदारी होना ज़रूरी है। आज दिव्यांग बच्चों में से जिनको अवसर मिल रहे हैं और जिनकी भागीदारी है, वे हर क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।' उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांगजनों के लिए बनाई गई योजनाओं की भी सराहना की और कहा कि केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
युवा दिवस और सेवा संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड के युवा इस दिन को 'युवा दिवस' और 'संकल्प दिवस' के रूप में सेवा कार्यों के ज़रिये मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के उन सुदूर इलाकों तक पहुँचना लक्ष्य है जहाँ अभी तक सरकारी सुविधाएँ और बुनियादी ढाँचा नहीं पहुँच सका है।
बड़े बाँध परियोजनाओं पर प्रगति
धामी ने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्यों के बीच 10 से अधिक बड़े विवाद सुलझाए गए हैं। उत्तराखंड में लंबे समय से अटकी लखवार, जमरानी, सौंग और किशाऊ बाँध परियोजनाएँ अब आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से किशाऊ बाँध का उल्लेख करते हुए कहा कि यह परियोजना हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश को लाभ पहुँचाएगी — यमुना की सफाई, पेयजल आपूर्ति और बिजली उत्पादन के रूप में।
धर्मगुरु ने दी शुभकामनाएँ, UCC की सराहना
जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि ने मुख्यमंत्री धामी को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, 'उत्तराखंड उनके नेतृत्व में अनेक कीर्तिमान स्थापित कर चुका है, विशेषकर समान नागरिक संहिता।' उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित कर सभी को समान अधिकार दिए हैं। स्वामी जी ने यह भी कहा कि बद्री-केदार, यमुनोत्री, गंगोत्री और हरिद्वार जैसे तीर्थस्थलों का अभूतपूर्व विकास हुआ है और आगामी कुंभ की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री अत्यंत उत्साहित हैं। आने वाले समय में धामी सरकार की असली परीक्षा इन योजनाओं और परियोजनाओं के ज़मीनी क्रियान्वयन में होगी।