सना मलिक के 'पाकिस्तान प्रेम' पर BJP नेता प्रतुल शाहदेव का तीखा हमला, UCC और शरद पवार पर भी बोले
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रतुल शाहदेव ने 26 जून 2026 को रांची में सना मलिक के कथित 'पाकिस्तान प्रेम' पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि उन्हें पाकिस्तान से इतना लगाव है, तो उन्हें देश छोड़कर वहीं चले जाना चाहिए। शाहदेव ने समान नागरिक संहिता (UCC), शरद पवार के बयान और कांग्रेस नेता हुसैन दलवई की टिप्पणियों पर भी अपना पक्ष रखा।
सना मलिक पर शाहदेव का सीधा प्रहार
शाहदेव ने कहा, 'अगर उनको इतना ही पाकिस्तान से प्रेम है, तो देश छोड़कर उनको पाकिस्तान चले जाना चाहिए। वहां जाकर उनको चार शादियां या किसी दूल्हे की चौथी बीवी बन जाना चाहिए — इससे किसी को आपत्ति नहीं होगी।' उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सना मलिक अपनी बेटी की शादी किसी ऐसे व्यक्ति से कराएंगी जिसकी वह चौथी पत्नी हो। शाहदेव ने कहा कि इस देश में ऐसी सोच रखने वाले लोगों के लिए जगह नहीं है।
UCC और बहुविवाह पर BJP का रुख
पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू करने की कोशिशों का ज़िक्र करते हुए शाहदेव ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नारे — 'एक देश में दो कानून, दो निशान, दो विधान और दो प्रधान नहीं चलेंगे' — को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि एक विशेष वर्ग को चार-चार शादियों की अनुमति देना न्यायसंगत नहीं है और कोई भी पिता नहीं चाहेगा कि उसकी बेटी किसी की चौथी पत्नी बने।
शाहदेव ने गोवा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पिछले 50 वर्षों से UCC लागू है और कभी कोई समस्या नहीं आई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मुस्लिम घुसपैठिए स्थानीय मुस्लिम महिलाओं से निकाह करके ज़मीन के मालिक बन जाते हैं और नागरिकता हासिल करने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार मुस्लिम बेटियों को न्याय दिलाने के लिए काम कर रही है और तीन तलाक पर रोक इसी दिशा में उठाया गया कदम था।
शरद पवार और विपक्षी दलों पर बयान
विपक्षी खेमे के संपर्क में होने की अटकलों के बीच शरद पवार की प्रतिक्रिया पर शाहदेव ने कहा कि BJP या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) किसी भी दल को तोड़ना नहीं चाहता। उन्होंने कहा, 'बहुमत और कई दलों के समर्थन से हमारी सरकार अच्छे तरीके से चल रही है। लेकिन यदि कोई प्रधानमंत्री के नेतृत्व से प्रेरित होकर आना चाहता है, तो हमारा दायित्व नहीं है कि उसे हाथ पकड़कर रोकें।'
आपातकाल पर कांग्रेस नेता को जवाब
कांग्रेस नेता हुसैन दलवई के बयान पर शाहदेव ने कहा कि आपातकाल देश का सबसे काला अध्याय था और इसमें हिंदू-मुसलमान का कोई सवाल नहीं था। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल में सभी मौलिक अधिकारों का हनन हुआ था, शीर्ष नेतृत्व को जेल में डाला गया था, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर प्रतिबंध लगाया गया था और विपक्षी दलों के एक लाख से अधिक नेताओं को कारावास में बंद किया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब आपातकाल की वर्षगांठ पर राजनीतिक बयानबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है।
आगे का राजनीतिक परिदृश्य
शाहदेव के इन बयानों से स्पष्ट है कि BJP पश्चिम बंगाल में UCC को प्रमुख चुनावी मुद्दे के रूप में स्थापित करने की तैयारी में है। मुस्लिम महिलाओं के अधिकार, घुसपैठ और बहुविवाह जैसे मुद्दों को एक साथ उठाकर पार्टी अपनी वैचारिक स्थिति को और पुख्ता करने की कोशिश कर रही है।