महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन, परिसीमन का विरोध: कार्ति चिदंबरम
सारांश
Key Takeaways
- महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन
- परिसीमन प्रक्रिया का विरोध
- सरकार की संख्या में कमी का अनुमान
- राजनीतिक रणनीति का सवाल
- महिलाओं के प्रतिनिधित्व का मुद्दा
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनए)। कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने महिला आरक्षण विधेयक का समर्थन करते हुए कहा है कि कांग्रेस पार्टी इस विधेयक का समर्थन करती है, लेकिन वह प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया का विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इंडिया' गठबंधन परिसीमन से संबंधित प्रस्ताव के खिलाफ मतदान करेगा। उनका मानना है कि सरकार के पास इसे पारित कराने के लिए शायद पर्याप्त संख्याबल नहीं है।
पत्रकारों से बातचीत में, कार्ति चिदंबरम ने कहा कि संसद का सत्र बहुत ही चालाकी भरा है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चुनाव होने बाकी हैं और हम चुनावी अभियान के बीच में हैं। सरकार ने इन राज्यों में मुख्य राजनीतिक पार्टियों के अभियान में रुकावट डालने के लिए 16, 17 और 18 तारीख को संसद सत्र बुलाया है। यह स्पष्ट रूप से सरकार के छिपे हुए एजेंडे को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि हम सभी महिला आरक्षण बिल का समर्थन करेंगे, लेकिन परिसीमन सरकार का एक और संदिग्ध कदम है। यदि सदन की संख्या बढ़ाकर 850 कर दी गई, तो हमें मुद्दे उठाने के लिए और भी कम समय मिलेगा। इसलिए, हम इस बिल का विरोध करेंगे।
कार्ति चिदंबरम ने यह भी कहा कि हमारी आवाजें संसद में ठीक से नहीं सुनी जातीं। हम विधेयक के खिलाफ वोट करेंगे। हमारा रुख साफ़ है: हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन परिसीमन का नहीं।
कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी कहा कि कांग्रेस पार्टी लगातार यह मांग करती रही है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में भी महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। हालांकि, जिस तरह से परिसीमन प्रक्रिया को इससे जोड़ा जा रहा है, हम उसका कड़ा विरोध करेंगे। हम महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं।