अमित शाह का बयान: परिसीमन से दक्षिण भारत को नहीं होगा नुकसान, सीटें बढ़ेंगी

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अमित शाह का बयान: परिसीमन से दक्षिण भारत को नहीं होगा नुकसान, सीटें बढ़ेंगी

सारांश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में परिसीमन पर चर्चा करते हुए दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी की आशंकाओं को खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित बदलावों से सीटों की संख्या बढ़ेगी, जो दक्षिण भारत की राजनीतिक शक्ति में वृद्धि का संकेत है।

Key Takeaways

  • अमित शाह ने परिसीमन से दक्षिण भारत की सीटों में वृद्धि का आश्वासन दिया।
  • कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, और तेलंगाना में सीटों की संख्या बढ़ेगी।
  • सरकार का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व करना है।
  • परिसीमन की प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
  • अमित शाह ने विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

नई दिल्ली, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संसद के विशेष सत्र में तीन विधेयकों पर चल रही बहस के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दक्षिण भारत के राज्यों के प्रतिनिधित्व में कमी की चिंताओं को पूरी तरह से खारिज किया। उन्होंने लोकसभा में स्पष्ट किया कि यह एक भ्रामक धारणा है और प्रस्तावित बदलावों के बाद दक्षिणी राज्यों की ताकत में कमी नहीं, बल्कि वृद्धि होगी।

अमित शाह ने अपने भाषण में कहा कि यह धारणा फैलाई जा रही है कि इन विधेयकों के लागू होने से दक्षिण भारत की लोकसभा में हिस्सेदारी घट जाएगी, जबकि असलियत इसके विपरीत है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी भी क्षेत्र को नुकसान पहुँचाना नहीं, बल्कि जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।

गृह मंत्री ने संभावित परिसीमन के बाद सीटों में वृद्धि के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि कर्नाटक में वर्तमान २८ सीटें बढ़कर ४२ होंगी। इसी प्रकार, आंध्र प्रदेश में २५ से बढ़कर ३८ सीटें होंगी, और तेलंगाना में १७ से बढ़कर २६ सीटें होंगी।

उन्होंने तमिलनाडु और केरल के लिए आश्वासन देते हुए कहा कि तमिलनाडु की सीटें ३९ से बढ़कर ५९ होंगी और केरल की सीटें २० से बढ़कर ३० होंगी। उन्होंने आगे कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि परिसीमन के बाद दक्षिण भारत की राजनीतिक शक्ति में वृद्धि होगी, न कि कमी।

गृह मंत्री के अनुसार, वर्तमान में लोकसभा की ५४३ सीटों में दक्षिणी राज्यों के १२९ सांसद हैं। प्रस्तावित वृद्धि के बाद यह संख्या १९५ तक पहुँच सकती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इससे दक्षिण भारत की आवाज संसद में और मजबूत होगी। अमित शाह ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होगी और इसमें किसी भी राज्य या क्षेत्र के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह लोगों के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहता है।

गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा कि जो लोग यह कह रहे हैं कि ये विधेयक सत्ता की लालसा में लाए गए हैं, वे हमारी शक्ति को ज्यादा मान रहे हैं। १३० करोड़ लोगों के मत को कोई अपने हिसाब से नहीं बदल सकता, और अगर ऐसा हो पाता तो हम तो जीत ही नहीं पाते। जनमत को अपने हिसाब से नहीं बदला जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र को इस देश से कोई समाप्त नहीं कर सकता; इमरजेंसी के समय ऐसा करने वालों को जनता ने समाप्त कर दिया था।

Point of View

दक्षिण भारत की राजनीतिक ताकत को और मजबूत करेगा। यह एक महत्वपूर्ण विषय है, जो राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।
NationPress
16/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या परिसीमन से दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम होंगी?
नहीं, अमित शाह ने स्पष्ट किया कि परिसीमन से दक्षिण भारत के राज्यों की सीटें कम नहीं होंगी, बल्कि बढ़ेंगी।
कर्नाटक की सीटों में कितनी वृद्धि होगी?
कर्नाटक की वर्तमान 28 सीटें बढ़कर 42 हो जाएंगी।
क्या सरकार का उद्देश्य किसी क्षेत्र को नुकसान पहुँचाना है?
नहीं, सरकार का उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
परिसीमन की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी होगी?
अमित शाह ने कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी और इसमें किसी के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा।
गृह मंत्री ने विपक्ष पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोगों के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।
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