लाहौर में लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य अमीर हमजा पर गोलीबारी, गंभीर रूप से घायल
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लाहौर, 16 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक प्रमुख सदस्य अमीर हमजा गोली लगने से घायल हो गए हैं। स्थानीय समाचार स्रोतों के अनुसार, गुरुवार को लाहौर के कोट लखपत क्षेत्र में हमदर्द चौक के समीप पेको रोड पिंडी स्टॉप पर कुछ बाइक सवारों ने उनकी कार पर फायरिंग की।
रिपोर्ट के अनुसार, हमजा सुबह लगभग 8:30 बजे एक धार्मिक कार्यक्रम 'नूर सहर' में भाग लेकर लौट रहे थे। तभी बाइक पर सवार हथियारबंद लोगों ने उनकी कार पर अंधाधुंध गोलियां चलाईं। यह कार्यक्रम लाहौर के एक निजी टीवी चैनल पर प्रसारित होता है, जो देश के गृह मंत्री मोहसिन नकवी से जुड़ा बताया जाता है।
सूत्रों ने बताया कि टीवी कार्यक्रम के होस्ट, जस्टिस (रिटायर्ड) नजीर अहमद गाजी भी कार में मौजूद थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं आई।
अमीर हमजा ने 1990 के दशक की शुरुआत में हाफिज मोहम्मद सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की स्थापना की थी। इस संगठन को दिसंबर 2001 में अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा विदेशी आतंकी संगठन (एफटीओ) के रूप में नामित किया गया था।
हालांकि, इस संगठन पर प्रतिबंध के बावजूद लश्कर-ए-तैयबा और इसके नेता पाकिस्तान और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं और भारत सहित अन्य देशों में आतंकवादी गतिविधियों में संलग्न रहे हैं।
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, हमजा लश्कर-ए-तैयबा की सेंट्रल एडवाइजरी कमेटी का सदस्य था और हाफिज सईद के आदेश पर अन्य संगठनों के साथ संबंध बनाए रखता था। वह एक संबंधित चैरिटी का नेतृत्व भी करता था और एक ट्रस्ट का सदस्य था, जिसे सईद संचालित करता था।
अमेरिकी विभाग ने बताया कि 2010 तक उनके कर्तव्यों में संगठन के लिए प्रचार सामग्री तैयार करना शामिल था। वह लश्कर-ए-तैयबा के साप्ताहिक अखबार के संपादक के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। 2011 तक उन्होंने इस अखबार में लेख भी लिखे। इसके अतिरिक्त, वे उन तीन नेताओं में शामिल थे जिन्होंने पकड़े गए सदस्यों की रिहाई के लिए बातचीत की थी। 2009 तक वे संगठन के 'स्पेशल कैंपेन' विभाग के प्रमुख भी रहे।