शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा के उपप्रमुख सैफुल्लाह कसूरी की मौजूदगी, भारत को दे चुका है धमकी
सारांश
मुख्य बातें
इस्लामाबाद में पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के उपप्रमुख सैफुल्लाह कसूरी समेत संगठन के कई वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी सामने आने के बाद यह मामला गंभीर विवाद का विषय बन गया है। 24 जून को हुए इस अंतिम संस्कार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें कसूरी और लश्कर से जुड़े अन्य लोग जनाजे की नमाज में शामिल दिखाई दिए।
मुख्य घटनाक्रम
शाहिद अख्तर का निधन 24 जून को हुआ और उन्हें इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में दफनाया गया। वायरल वीडियो में सैफुल्लाह कसूरी के अलावा पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के अध्यक्ष इनाम उर रहमान की उपस्थिति भी देखी गई। PMML को व्यापक रूप से लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक मोर्चा माना जाता है।
गौरतलब है कि PMML की स्थापना संयुक्त राष्ट्र द्वारा नामित आतंकी हाफिज सईद ने तब की थी जब उसके पूर्व संगठनों — जमात-उद-दावा (JuD) और मिल्ली मुस्लिम लीग (MML) — पर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू प्रतिबंध लगाए गए थे।
सैफुल्लाह कसूरी कौन है
लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी भारत के विरुद्ध बार-बार भड़काऊ बयान देने के लिए जाने जाते हैं। अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले — जिसमें 26 पर्यटकों की जान गई — के बाद कसूरी के उकसावे वाले भाषण विशेष रूप से चर्चा में रहे।
इस साल फरवरी में सामने आए एक वीडियो में कसूरी ने खुलेआम भारत को धमकी देते हुए दावा किया था कि 'जमीन, हवा या समुद्र में दुश्मन के लिए कोई जगह नहीं बचेगी।' उसने भारत पर 'वॉटर टेररिज्म' का आरोप भी लगाया था — यह बयान भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने की प्रतिक्रिया में आया था। कसूरी ने समुद्री मार्ग से मुंबई जैसे हमले की चेतावनी भी दी थी।
ऑपरेशन सिंदूर और लश्कर पर असर
पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया और पाकिस्तान तथा पाकिस्तान-अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार इस ऑपरेशन में मुरीदके स्थित लश्कर-ए-तैयबा के मुख्यालय समेत कई आतंकी ठिकानों को नष्ट किया गया। रावलपिंडी से सुक्कुर तक सैन्य प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई की गई।
इस ऑपरेशन ने लश्कर-ए-तैयबा और पाकिस्तान के अन्य आतंकी संगठनों की गतिविधियों को कथित तौर पर प्रभावित किया, हालांकि कसूरी तब से भारत के खिलाफ धमकी भरे बयान देता रहा है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
विश्लेषकों का कहना है कि जनाजे में प्रतिबंधित संगठन के वरिष्ठ सदस्यों की उपस्थिति पाकिस्तान में आतंकी समूहों को मिलने वाली परिचालन स्वतंत्रता और उनके राजनीतिक व सामाजिक ढाँचे में गहरी पैठ की ओर संकेत करती है। आलोचकों का कहना है कि ऐसी सार्वजनिक उपस्थिति दर्शाती है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद ये संगठन पाकिस्तानी समाज में खुलेआम सक्रिय हैं।
शोएब अख्तर का परिचय
पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने 2011 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया था। वह पाकिस्तान के सबसे प्रसिद्ध खेल हस्तियों में से एक हैं और वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में कमेंटेटर के रूप में सक्रिय हैं। इस विवाद ने उन्हें अनचाहे ही सुर्खियों में ला दिया है।