पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड हमजा बुरहान इस्लामाबाद में दफन, जनाजे में सलाहुद्दीन समेत कई खूंखार आतंकी मौजूद
सारांश
मुख्य बातें
पुलवामा हमले का मुख्य साजिशकर्ता हमजा बुरहान — जिसे अर्जुमंद गुलजार डार और कोडनेम 'डॉक्टर' के नाम से भी जाना जाता था — को 23 मई 2026 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, उसके जनाजे में हिज्बुल मुजाहिदीन प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, अल-बद्र सरगना बख्त जमीन खान समेत कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के कैडर और कथित तौर पर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े अधिकारी भी शामिल हुए।
कैसे हुई हत्या
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के एक निजी कॉलेज परिसर से बाहर निकलते समय गुरुवार सुबह अज्ञात हमलावरों ने हमजा बुरहान पर करीब से गोलीबारी की, जिसमें उसके सिर में कई गोलियाँ लगीं। हत्या के अगले दिन उसे इस्लामाबाद में दफनाया गया। वह हाल के वर्षों में पीओके में गुप्त रूप से रह रहा था और उस कॉलेज में प्रिंसिपल के रूप में कार्यरत था।
जनाजे में हथियारबंद आतंकियों की मौजूदगी
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में जनाजे के दौरान एके-47 और अन्य आधुनिक हथियारों से लैस लोग दिखाई दिए। रिपोर्टों के अनुसार, कई प्रतिबंधित आतंकी संगठनों के हथियारबंद कैडर भी समारोह में मौजूद थे। यह दृश्य उस पैटर्न की याद दिलाता है जो मई 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारे गए लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के आतंकियों के जनाजों में देखा गया था, जहाँ ताबूतों को पाकिस्तानी झंडे में लपेटकर सैन्य सम्मान दिया गया था।
हमजा बुरहान: पुलवामा से पीओके तक
हमजा बुरहान को फरवरी 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता था, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 से अधिक जवान शहीद हुए थे। भारत के गृह मंत्रालय ने उसे 2022 में जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता के आरोप में आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया था। अधिकारियों के अनुसार, वह युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने और पाकिस्तान संचालित अल-बद्र संगठन के लिए फंडिंग जुटाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।
पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने धर्म के आधार पर लोगों की पहचान कर हत्या की, जिसमें 26 लोगों की जान गई। इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। हमजा बुरहान की हत्या इस व्यापक संदर्भ में हुई है, जब भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। हमजा बुरहान के जनाजे में आतंकी नेताओं और कथित खुफिया अधिकारियों की उपस्थिति इस बात की ओर संकेत करती है कि पाकिस्तान की धरती पर आतंकी नेटवर्क किस हद तक सक्रिय हैं।
आगे क्या
हमजा बुरहान की हत्या के पीछे किसने हाथ है, इसका अभी तक कोई दावा सामने नहीं आया है। पीओके पुलिस ने मामले की जाँच शुरू की है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हत्या के बाद पाकिस्तान में आतंकी संगठनों के भीतर हलचल बढ़ गई है।