क्या पाकिस्तान के सियासतदां ने दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या पाकिस्तान के सियासतदां ने दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली?

सारांश

दिल्ली के लाल किले पर हुए आत्मघाती हमले के संदर्भ में एक पाकिस्तानी सियासतदां ने चौंकाने वाला कुबूलनामा किया है कि यह हमला इस्लामाबाद के इशारे पर हुआ था। क्या यह पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों का नया सबूत है?

मुख्य बातें

पाकिस्तान के सियासतदां ने दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली।
हमले में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता की पुष्टि।
13 लोगों की हुई थी जानें।
विश्लेषकों का मानना है कि यह एक ध्यान भटकाने की कोशिश है।

इस्लामाबाद, 19 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। एक पाकिस्तानी सियासतदां ने दिल्ली के लाल किले पर हुए आत्मघाती हमले का खुलासा करते हुए कहा है कि यह धमाका इस्लामाबाद के इशारे पर हुआ था। उन्होंने वीडियो में बताया कि 10 नवंबर को कश्मीर से लेकर लाल किले तक हमले की योजना बनाई गई थी।

वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति का नाम चौधरी अनवारुल हक है, जिन्हें हाल ही में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) का 'प्रधानमंत्री' पद से हटाया गया है। यह वीडियो पीओके असेंबली का बताया जा रहा है।

हक ने बेशर्मी से लाल किला विस्फोट को उचित ठहराते हुए कहा, "मैंने कहा था कि यदि आप बलूचिस्तान में खून बहाते रहेंगे, तो हम लाल किले से कश्मीर के जंगलों तक घुसकर मारेंगे। अल्लाह के करम से… चंद दिनों बाद हमने अंदर घुसकर मारा और ऐसा मारा कि आज तक उनकी गिनती पूरी नहीं हुई।"

भारत में दिल्ली बम धमाके की जांच जारी है, जिसमें जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता की पुष्टि हो गई है। इस हमले में 13 लोगों की जान गई थी।

विश्लेषकों का मानना है कि यह पाकिस्तान की एक कोशिश है ताकि वह जम्मू-कश्मीर से ध्यान हटा सके। विस्फोट की जांच से यह स्पष्ट है कि वे अंदरूनी इलाकों को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं।

पाकिस्तान में कई सोशल मीडिया अकाउंट भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए भ्रामक जानकारी फैला रहे हैं।

पाकिस्तान, आतंकवाद का गढ़ बनता जा रहा है, और इसकी कुख्यात इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) भारत में बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान चला रही है।

2008 के मुंबई नरसंहार की योजना लश्कर-ए-तैयबा ने बनाई थी, जो पाकिस्तान की रणनीति की गंभीरता को प्रदर्शित करता है। बाद में मिली गवाही से यह भी पता चला कि इसके संचालक पाकिस्तान में थे और इसका तार आईएसआई से जुड़ा था।

मसूद अजहर का जैश-ए-मुहम्मद आतंकवादी संगठन भारत में कई खूनी हमलों का जिम्मेदार रहा है, जैसे 2001 का संसद हमला और 2019 का पुलवामा आत्मघाती विस्फोट

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल भारत के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरनाक हो सकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या पाकिस्तान ने दिल्ली ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली?
हाँ, एक पाकिस्तानी सियासतदां ने इस हमले को इस्लामाबाद के इशारे पर होने की बात कबूल की है।
इस हमले में कितने लोग मारे गए?
इस हमले में 13 लोगों की जान गई थी।
क्या जैश-ए-मोहम्मद का इसमें हाथ था?
हाँ, जांच में जैश-ए-मोहम्मद की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।
पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियों का क्या महत्व है?
पाकिस्तान की आतंकवादी गतिविधियाँ न केवल भारत बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए खतरा हैं।
क्या यह घटना एक रणनीति है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह पाकिस्तान की एक रणनीति है ताकि वह जम्मू-कश्मीर से ध्यान हटा सके।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 3 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले