पुलवामा हमले के साजिशकर्ता हमजा बुरहान की पीओके में हत्या पर कांग्रेस सांसद तारिक अनवर बोले — आतंकी के लिए कोई जगह नहीं
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने गुरुवार, 21 मई को पुलवामा आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हत्या किए जाने की खबरों का स्वागत किया। रिपोर्टों के अनुसार, बुरहान को कई गोलियाँ मारी गईं।
हमजा बुरहान कौन था
भारत सरकार ने 2022 में हमजा बुरहान को आतंकवादी घोषित किया था। सरकारी अधिसूचना के अनुसार, उसका पूरा नाम अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर था, जिसकी उम्र 23 वर्ष थी और वह खरबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था। वह यूएपीए के तहत नामित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अल बदर का सहयोगी सदस्य था।
तारिक अनवर की प्रतिक्रिया
तारिक अनवर ने कहा, 'आतंकवाद का खात्मा होना चाहिए। यह हमारे लिए अच्छी खबर है, क्योंकि पाकिस्तान में आतंकवादी मारे जा रहे हैं, जो आतंकवाद के लिए सुरक्षित पनाहगाह का काम करता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आतंकी के लिए समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
राहुल गांधी की टिप्पणी का बचाव
इसी क्रम में, तारिक अनवर ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणी का बचाव किया। उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने सच्चाई सामने रखी है। गद्दार वह होता है जो देश के कल्याण के लिए काम नहीं करता।'
अनवर ने राहुल गांधी के रुख को दोहराते हुए कहा, 'एक तरफ तो वे (प्रधानमंत्री मोदी) नागरिकों से विदेश यात्रा न करने और सोना बचाने की अपील कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ वे खुद विभिन्न देशों का दौरा कर रहे हैं। जाहिर है कि इससे लोगों को आपत्ति होगी।'
कॉकरोच जनता पार्टी विवाद पर रुख
कांग्रेस सांसद ने सोशल मीडिया पर चर्चित कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) — जिसका एक्स अकाउंट भारत में प्रतिबंधित है — के बारे में पूछे गए सवालों पर कहा कि यह बेरोज़गारी और महंगाई जैसी समस्याओं को लेकर देश के युवाओं में व्याप्त असंतोष को दर्शाता है। उनके अनुसार, यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार की 'गलत नीतियों' के परिणामस्वरूप देश में 'बिगड़े हुए वातावरण' की ओर इशारा करता है।
पश्चिम बंगाल में बीएसएफ को भूमि हस्तांतरण
तारिक अनवर ने सीमावर्ती क्षेत्रों की बाड़बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को भूमि सौंपने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले का भी समर्थन किया। बांग्लादेश के साथ बिना बाड़ वाली सीमाओं पर बाड़ लगाने के लिए बंगाल सरकार द्वारा बीएसएफ को भूमि सौंपने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू हुई। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में बताया कि लगभग 27 किलोमीटर जमीन आधिकारिक तौर पर बीएसएफ को सौंप दी गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ की घटनाएँ सुर्खियों में रही हैं।